Rape in India: हर माता-पिता को अपनी बेटी की चिंता खाए रहती है, कि कहीं उसके साथ कुछ गलत न हो जाए, लेकिन कोई दूसरे की बेटियों की चिंता नहीं करता. अगर करता तो बेटियों के साथ-साथ बेटों को भी शाम होने के बाद घर से निकलने नहीं दिया जाता और हजारों लड़कियां हवस की शिकार न होतीं. चाहे सुनसान इलाका हो या भीड़भाड़ वाला; गांव हो या शहर, हर जगह से महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा और दुष्कर्म की खबरें अक्सर आती रहती हैं. संख्या इतनी ज्यादा है कि अब हमारे लिए भी यह आम हो गया है. हालांकि जब कोई मामला दिनभर समाचारों में चलता है तो सभी का खून जरूर खौल जाता है.
हाल ही में, बिहार के जमुई में एक नाबालिग लड़की के साथ सरेआम छेड़छाड़ और परेशान करने का वीडियो सामने आया, जिसके बाद लोगों में गुस्सा भर गया. कड़ी कार्रवाई की मांग की गई. मामला शांत भी नहीं हुआ था कि समस्तीपुर का एक और वीडियो वायरल हो गया, जिसमें कुछ लड़के एक लड़की को सड़क पर परेशान कर रहे हैं और उसके गलत तरीके से छू रहे हैं. खैर हैवान केवल किसी एक राज्य में नहीं, बल्कि हर जगह हैं. हाल ही में दिल्ली के कालाका जी इलाके से भी एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया, जिसमें एक बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया.
ये घटनाएं सिर्फ खबरें नहीं हैं, बल्कि उस डर की झलक हैं जिसका सामना देश की कई बेटियां हर दिन करती हैं. सवाल सिर्फ यह नहीं है कि अपराध के बाद कितनी तेजी से कार्रवाई की जाती है, बल्कि यह भी है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सिस्टम कितना मजबूत है. हाल के इन मामलों ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आंकड़ों पर नजर डालें तो NCRB की 2024 की रिपोर्ट एक खतरनाक तस्वीर पेश करती है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में देश में 29,536 रेप केस दर्ज हुए, यानी हर दिन औसतन 80 से ज्यादा मामले. यहां जानें हाल ही में कौन से मामले सामने आए हैं, जिनको लेकर लोगों में गुस्सा है और कौन सा राज्य महिला सुरक्षा में सबसे आगे है.
जमुई और समस्तीपुर में नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़
बिहार के जमुई में नाबालिग से छेड़छाड़ का वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा खड़ा हो गया है. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि रात के समय में कुछ लोग एक सड़क किनारे एक नाबालिग लड़की और लड़के को परेशान कर रहे हैं. उन्होंने लड़की को गलत तरीके से छूआ और दोनों से बदसलूकी की. वीडियो वायरल होने के बाद पूरे बिहार में बवाल मच गया. राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन अप्सरा मिश्रा ने कहा कि इस घटना पर जिला प्रशासन से एक डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी गई है. वायरल वीडियो के आधार पर कुल 7 से 8 लोगों की पहचान की गई है. जांच के लिए SDPO की अगुवाई में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है.पुलिस ने वीडियो के आधार पर पांच लोगों को गिरफ्तार किया.
बिहार के जमुई में लड़की से छेड़छाड़ का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि समस्तीपुर से भी इसी तरह की खबर आई है. घटना समस्तीपुर जिले के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव की बताई जा रही है. खबरों के मुताबिक, लड़की बांध बाईपास रोड पर एक युवक के साथ जा रही थी. वह रास्ते में फोटो लेने के लिए रुकी, तभी वहां मौजूद कुछ युवकों ने कथित तौर पर उसके साथ बदतमीजी शुरू कर दी. आरोप है कि युवकों ने लड़की को गलत तरीके से छुआ और उसके साथ बदसलूकी की. वीडियो में लड़की आरोपियों से उसे छोड़ने की गुहार लगाती दिख रही है. बताया जा रहा है कि घटना के बाद लड़की किसी तरह भागकर अपने घर पहुंची और अपने परिवार को जानकारी दी.
छेड़खानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. सदर DSP दुर्गेश दीपक ने पुष्टि की कि चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है. पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर घटना में शामिल अन्य युवकों की पहचान करने में जुटी है. पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को हिरासत में लिया है.

कालकाजी मंदिर के पार्क में नाबालिग संग दुष्कर्म
राजधानी दिल्ली में हालात और बेकार हैं. सोमवार शाम को कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में तीन लोगों ने 17 साल की लड़की के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया. लड़की के बयान के मुताबिक, वह और उसका 17 साल का दोस्त दर्शन के लिए कालकाजी मंदिर गए थे और बाद में गेट नंबर 7 से आस्था कुंज पार्क में बैठे थे. पुलिस ने कहा कि तीन लोग कथित तौर पर पुलिसवाले बनकर उनके पास आए और लड़की को उसके दोस्त से अलग करके एक सुनसान जगह ले गए. शिकायत के मुताबिक, आसिफ ने कथित तौर पर लड़की को बंदूक और चाकू दिखाकर धमकाया और उसके साथ रेप किया. उसके साथ मौजूद दो और लोगों ने भी कथित तौर पर उसके साथ रेप किया. तीनों लोगों ने लड़की और उसके दोस्त को धमकाया. बाद में लड़की ने अपने माता-पितो को सारी जानकारी दी.
लड़की का AIIMS में मेडिकल चेकअप किया गया, जबकि क्राइम और फोरेंसिक टीमों ने मौके की जांच की और जरूरी सबूत इकट्ठा किए. भारतीय न्याय संहिता और POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अमर कॉलोनी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में पुलिस एनकाउंटर के बाद कालकाजी मंदिर के पास 17 साल की लड़की से रेप के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. दो और लोगों को भी उनके घर से गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक का नाम हेमंत है, जो एक वकील है.
हर दिन 80 दुष्कर्म के मामले होते हैं दर्ज
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डेटा के मुताबिक, साल 2024 में रेप के 29,536 मामले दर्ज किए गए. इसके अलावा दुष्कर्म के कोशिश के 2561 मामले दर्ज किए गए. इस हिसाब के हर दिन 80 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए. आंकड़ों की और गहराई में जाया जाए, तो हर 18 मिनट में देश में एक बेटी किसी हैवान का शिकार हो जाती है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि महिलाओं के खिलाफ क्राइम में POCSO एक्ट के तहत रजिस्टर हुए केस भी काफी संख्या में शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान इस अपराध की लिस्ट में सबसे आगे है, जहां 4,871 केस रजिस्टर हुए. उत्तर प्रदेश 3,209 रेप केस के साथ दूसरे नंबर पर है. महाराष्ट्र 3,091 मामलों के साथ तीसरे और मध्य प्रदेश 3,061 मामलों के साथ चौथे स्थान पर रहा. हरियाणा में 1,391 मामले दर्ज हुए, ओडिशा में 1,268, बिहार में 1,165, तेलंगाना में 1,148, पश्चिम बंगाल में 1,118 और झारखंड में 1,073 मामले दर्ज हुए. पूरी रिपोर्ट NCRB आप आधिकारिक वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं.
रिपोर्ट खंगालते हुए और पीछे जाए तो साल 2023 में 29,670 दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें पीड़ितों की संख्या 29,909 थी. वहीं साल 2022 में देश भर में कुल 31,516 रेप केस रजिस्टर हुए, जिनमें कुल पीड़ितों की संख्या 31,982 थी.
96 प्रतिशत मामलों में परिचित होते हैं दुष्कर्म के आरोपी
डेटा के मुताबिक, भारत में रिपोर्ट होने वाले 96.8% रेप केस में, आरोपी पीड़िता के जान-पहचान वाले होते हैं. यह ट्रेंड सालों से एक जैसा है (95% से 97% के बीच). इसका मतलब है कि सिर्फ 3% से 4% मामलों में आरोपी कोई अनजान व्यक्ति या अजनबी होता है.
लगभग 47% केस में, आरोपी कोई दोस्त, सोशल मीडिया/ऑनलाइन दोस्त, लिव-इन पार्टनर या शादी का फ्रॉड करने वाला होता है.
लगभग 42.6 केस में, अपराधी कोई पड़ोसी, परिवार का करीबी दोस्त या जान-पहचान वाला होता है.
लगभग 7% से 9% केस में, आरोपी पीड़िता के अपने परिवार का सदस्य होता है, जैसे कोई करीबी या दूर का रिश्तेदार, मकान मालिक या गार्जियन.
NCRB रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड और सिक्किम जैसे राज्यों में यह रेट 100% तक है, जिसका मतलब है कि सभी केस में आरोपी जान-पहचान वाला था. मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, केरल और दिल्ली जैसे बड़े राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह आंकड़ा 96% से 98% के बीच है.

महिलाओं के खिलाफ अपराध
NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं के खिलाफ अपराध के 441,534 केस दर्ज हुए. हालांकि यह आंकड़ा 2023 के मुकाबले थोड़ा कम है, लेकिन अपराध उतना ही गंभीर है. रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा मामले पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता, यानी घरेलू हिंसा के थे. ऐसे 120,227 केस रजिस्टर हुए, जो कुल संख्या का 27.2 प्रतिशत है. इसके बाद महिलाओं की किडनैपिंग के 67,829 और छेड़छाड़ के 48,303 केस दर्ज किए गए थे.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में POCSO एक्ट के तहत दर्ज मामलों की भी बड़ी संख्या शामिल है. वहीं मेट्रोपोलिटन शहरों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 50,584 मामले दर्ज किए गए. इनमें घरेलू हिंसा, किडनैपिंग और यौन अपराध प्रमुख थे. एक्सपर्ट्स का कहना है कि घरेलू हिंसा अब सिर्फ पारिवारिक मामला नहीं रहा, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक अपराध का रूप ले चुका है. साथ ही, महिलाओं की किडनैपिंग, जबरन शादी, ह्यूमन ट्रैफिकिंग और यौन शोषण के मामलों में भी कोई खास सुधार नहीं दिखता. यह तो वे मामले हैं, जिनका संज्ञान लिया गया और फाइल में नाम दर्ज हो सका, लेकिन कई ऐसी बच्चियां और महिलाएं हैं, जो कभी पुलिस के पास मदद के लिए नहीं गईं. उनके दोषी आज भी खुले में घूम रहे होंगे और वे खुद अंधेरा होने से पहले घर आ जाती होंगी .
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