Maharashtra Politics: महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता संजय शिरसाट ने रविवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और राकांपा (शरद पवार) का विलय अपने अंतिम चरण में है. उन्होंने कहा कि जल्द ही दोनों गुटों के अलग-अलग नेताओं की भूमिकाएं भी पूरी तरह स्पष्ट हो जाएंगी. दिवाली के अवसर पर शिरसाट ने हालिया राजनीतिक हलचलों का जिक्र किया. उन्होंने विशेष रूप से शनिवार को पार्थ पवार और राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार के बीच हुई मुलाकात की ओर इशारा किया.
पार्थ और शरद पवार की मुलाकात के बाद सियासी हलचल
दिवंगत पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे और राकांपा महासचिव पार्थ पवार, शरद पवार के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उनका हाल-चाल जानने दक्षिण मुंबई स्थित उनके आवास पहुंचे थे. इससे पहले, मुंबई के एक अस्पताल में शरद पवार और वरिष्ठ राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल की मुलाकात का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसने दोनों गुटों के एक होने की अटकलों को हवा दी. इस वीडियो में दोनों नेता 10 नवंबर के बाद एक संभावित बैठक पर चर्चा करते दिखे. इस बीच, राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि यदि इसी वर्ष जनवरी में एक विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले अजीत पवार जीवित होते, तो यह विलय फरवरी में ही संपन्न हो गया होता.
जल्द ही तय होंगी सबकी भूमिकाएं
सत्तारूढ़ ‘महायुति’ गठबंधन में राकांपा की सहयोगी शिवसेना के नेता शिरसाट ने कहा कि राजनीतिक घटनाक्रम अब तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. अब बस यह देखना बाकी है कि कौन सी पार्टी किसमें विलय करती है, और जल्द ही सबकी भूमिकाएं तय हो जाएंगी. शरद पवार द्वारा स्थापित एनसीपी में 2023 में तब विभाजन हुआ, जब प्रफुल्ल पटेल सहित पार्टी के कई नेताओं ने अजीत पवार के नेतृत्व में ‘महायुति’ का दामन थाम लिया. इसके बाद, अजीत पवार गुट को पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न मिल गया, जबकि शरद पवार के गुट को एनसीपी (एसपी) के नाम से जाना जाने लगा.
पार्टी में नए लोगों का स्वागत
प्रफुल्ल पटेल की पवार से मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस मुलाकात में पार्टी प्रमुख सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ व जय शामिल नहीं थे. जब उनसे पूछा गया कि क्या शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) का विलय संभव है, तो शिरसाट ने कहा कि उनकी पार्टी नए लोगों का स्वागत करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि अगर कोई हमारे पास आता है, तो हम उनका स्वागत करेंगे. उन्होंने कहा कि हम सरकार के माध्यम से आम लोगों को सहायता पहुंचाते हैं, लेकिन एक पार्टी के तौर पर हम उनसे खुद भी मिल रहे हैं, ताकि उन्हें लगे कि उनके पास कोई अपना है जिससे वे मदद मांग सकते हैं.
