Terrorists Attack: पाकिस्तान के कराची में आतंकवादियों ने पैरामिलिट्री कंपाउंड पर भीषण हमला कर दिया. जिससे 6 लोगों की मौत हो गई. कराची में सिंध रेंजर्स के एक कंपाउंड पर प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के हमले में तीन आतंकवादी और तीन पैरामिलिट्री सैनिक मारे गए.पाक सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने बताया कि पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) कैंप पर हुआ यह हमला अक्टूबर 2024 के बाद से पहला बड़ा आतंकवादी हमला था.
‘जमात-उल-अहरार’ गुट ने किया हमला
हमला TTP के ही एक अलग हुए गुट ‘जमात-उल-अहरार’ के आतंकवादियों ने किया था. यह हमला शनिवार रात करीब 8:30 बजे हुआ, जब आतंकवादियों ने घनी आबादी वाले गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में सिंध रेंजर्स की भिटाई विंग के गेट पर एक गाड़ी से टक्कर मारी और अंदर घुसकर हैंड ग्रेनेड फेंके, जिससे कई धमाके हुए. एक स्थानीय निवासी ने बताया कि अधिकारियों ने लोगों से अपने घरों के अंदर रहने को कहा. धमाके के बाद कुछ रिहायशी इमारतों और इलाकों में बिजली चली गई. सेना ने बताया कि हमले में कम से कम तीन आतंकवादी मारे गए और एक को, जिसके अफगान नागरिक होने का शक है, ज़िंदा पकड़ लिया गया.
रेंजर्स के जवानों ने तीन आतंकियों को मार गिराया
ISPR ने कहा कि कैंप के मुख्य गेट पर धमाके के बाद हमलावरों ने सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की. हालांकि, रेंजर्स के जवानों ने उनकी कोशिश नाकाम कर दी. उन्होंने तीन आतंकवादियों को मार गिराया और एक को घायल हालत में पकड़ लिया, जो अफ़ग़ानिस्तान का नागरिक है. शनिवार को कराची के दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने भारत पर आरोप लगाया कि वह पाकिस्तान में शांति और स्थिरता को कमज़ोर करने के लिए छद्म ताकतों का इस्तेमाल कर रहा है. हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया. ISPR ने पुष्टि की कि आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में तीन अर्धसैनिक बल के जवान मारे गए.
नागरिकों, सुरक्षा कर्मियों को बना रहा निशाना
ISPR ने कहा कि इलाके में मौजूद किसी भी अन्य आतंकवादी को खत्म करने के लिए सैनिटाइज़ेशन ऑपरेशन (सफाई अभियान) चलाया जा रहा था. सुरक्षा से जुड़े एक भरोसेमंद सूत्र ने बताया कि स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU) के कमांडो और एंटी-टेररिस्ट फोर्स (ATF) ने हमलावरों को मारने और एक घायल को पकड़ने में रेंजर्स की मदद की. हमले के तुरंत बाद अधिकारियों ने परिसर की घेराबंदी कर दी और आस-पास की सभी सड़कों को बंद कर दिया. प्रतिबंधित TTP के एक गुट जमात-उल-अहरार ने हाल के वर्षों में मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अपनी गतिविधियां जारी रखी हैं और नागरिकों, सुरक्षा कर्मियों तथा सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाया है.
अक्टूबर 2024 के बाद कराची में पहला बड़ा आतंकी हमला
यह अक्टूबर 2024 के बाद कराची में हुआ पहला आतंकवादी हमला था, जब प्रतिबंधित विद्रोही संगठन ‘बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी’ ने कराची एयरपोर्ट के पास एक आत्मघाती हमले में दो चीनी इंजीनियरों की हत्या कर दी थी. TTP ने अपने पिछले बड़े आतंकवादी हमले में फरवरी 2023 में शाहराह-ए-फ़ैसल पर स्थित कराची पुलिस के मुख्य मुख्यालय पर धावा बोला था, जिसमें कई लोग हताहत हुए थे. पिछले साल के आखिर से ही पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं, क्योंकि इस्लामाबाद ने बार-बार कहा है कि काबुल में तालिबान सरकार TTP को सुरक्षित पनाह दे रही है और उन पर सीमा पार से हमले करने का आरोप लगाया है. पाकिस्तान की सेना ने अफ़गानिस्तान में TTP के उन ठिकानों और ट्रेनिंग सेंटरों के खिलाफ कई ऑपरेशन चलाए हैं, जिन्हें वे TTP का अड्डा बताते हैं.
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News Source: PTI
