Gujarat Cabinet Meeting: गुजरात सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को राज्य से जुड़े चार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद प्रवक्ता मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने प्रेस ब्रीफिंग कर कैबिनेट में हुई चर्चा और सरकार के अहम निर्णयों की जानकारी दी.
बैठक में आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027, 77वें वन महोत्सव, राज्य के जलाशयों में पानी की स्थिति और अंगदान के क्षेत्र में गुजरात को मिले राष्ट्रीय पुरस्कारों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. कैबिनेट बैठक में सबसे अहम मुद्दों में से एक आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027 की तैयारियों से जुड़ा रहा.
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अमेरिका-कनाडा जाएगा प्रतिनिधिमंडल
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका और कनाडा के दौरे पर जाएगा. सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह प्रतिनिधिमंडल 17 से 24 अगस्त 2026 तक अमेरिका और कनाडा की यात्रा करेगा. इस दौरान वैश्विक उद्योगपतियों, निवेशकों और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के प्रमुख लीडर्स को गुजरात में होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027 में आमंत्रित किया जाएगा.
सरकार का फोकस गुजरात को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के तौर पर और मजबूत करने पर है. प्रतिनिधिमंडल विदेशी निवेश, उद्योग, तकनीक और विभिन्न क्षेत्रों में संभावित सहयोग को लेकर भी चर्चा करेगा. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में होने वाला यह दौरा आगामी वाइब्रेंट गुजरात समिट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माहौल तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
कैबिनेट में इन मुद्दों पर भी चर्चा
कैबिनेट में राज्यभर में 77वें वन महोत्सव के आयोजन को लेकर भी चर्चा की गई. गुजरात सरकार इस वर्ष वन महोत्सव की भव्य तरीके से शुरुआत करने जा रही है. वन महोत्सव के पहले चरण के तहत 15 अगस्त से 31 अगस्त 2026 के बीच राज्य के विभिन्न जिलों और महानगरपालिका क्षेत्रों में कुल 51 स्थानों पर वन महोत्सव आयोजित किया जाएगा. इन कार्यक्रमों में गुजरात सरकार के मंत्रिमंडल के सदस्य और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे.
वन महोत्सव के माध्यम से राज्य में बड़े पैमाने पर पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा. सरकार का उद्देश्य लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनाने का है. मानसून के बीच गुजरात के जलाशयों में पानी की स्थिति को लेकर भी कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण समीक्षा की गई. सरकार के मुताबिक, राज्य में फिलहाल पीने और सिंचाई के पानी की स्थिति मजबूत बनी हुई है.
प्रवक्ता मंत्री जीतूभाई वाघाणी के मुताबिक, सरदार सरोवर-नर्मदा डैम 84 प्रतिशत भर चुका है और इसमें करीब 2.80 लाख MCFT पानी का संग्रह हुआ है. वहीं, राज्य के अन्य 206 जलाशय 64 प्रतिशत तक भर चुके हैं. इन जलाशयों में कुल करीब 3.57 लाख MCFT पानी का संग्रह होने की जानकारी दी गई है. राज्य के 26 डैम 100 प्रतिशत भर चुके हैं, जबकि 31 डैम 70 से 100 प्रतिशत तक भर चुके हैं. सरकार के मुताबिक जलाशयों में पर्याप्त पानी होने से फिलहाल राज्य में पीने और सिंचाई के पानी की स्थिति मजबूत है. हालांकि, भारी बारिश के मौसम को देखते हुए सरकार की ओर से जलाशयों और बांधों की लगातार निगरानी की जा रही है. खासतौर पर बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रखा गया है और फ्लड कंट्रोल के लिए लगातार मॉनिटरिंग जारी है.
अंगदान के क्षेत्र में गुजरात की बड़ी उपलब्धि
कैबिनेट बैठक में गुजरात को अंगदान और अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में मिली राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों के लिए स्वास्थ्य विभाग को बधाई भी दी गई. हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित 16वें इंडियन नेशनल ऑर्गन डोनेशन डे समारोह में गुजरात की तीन प्रमुख स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं. इनमें IKDRC अहमदाबाद, अहमदाबाद सिविल अस्पताल और न्यू सिविल अस्पताल सूरत शामिल हैं. इन संस्थाओं को अंगदान और प्रत्यारोपण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है.
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री और पूरे मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की. कैबिनेट में कहा गया कि अंगदान के क्षेत्र में गुजरात की यह उपलब्धि राज्य के लिए गौरव का विषय है. अंगदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान देने की दिशा में राज्य की स्वास्थ्य संस्थाएं लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. कुल मिलाकर, गुजरात कैबिनेट की बैठक में निवेश और औद्योगिक विकास से लेकर पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन और स्वास्थ्य क्षेत्र तक कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई.
अमेरिका-कनाडा दौरे के जरिए वाइब्रेंट गुजरात 2027 के लिए वैश्विक निवेशकों को जोड़ने की कोशिश होगी, वहीं वन महोत्सव के जरिए पर्यावरण संरक्षण, जलाशयों की निगरानी के जरिए जल सुरक्षा और अंगदान के क्षेत्र में मिली उपलब्धियों के जरिए गुजरात की स्वास्थ्य व्यवस्था की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने पर सरकार का फोकस दिखाई दिया.
Investment Dialogue: मध्य प्रदेश को मिले 8635 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 5 हजार से अधिक रोजगार के अवसर
