Home Top News नोएडा में नकली GST अफसर बनकर ₹29 लाख की असली ठगी! पुलिस ने 5 आरोपियों को दबोचा

नोएडा में नकली GST अफसर बनकर ₹29 लाख की असली ठगी! पुलिस ने 5 आरोपियों को दबोचा

by Amit Dubey 13 August 2026, 10:55 AM IST (Updated 13 August 2026, 11:41 AM IST)
13 August 2026, 10:55 AM IST (Updated 13 August 2026, 11:41 AM IST)
Noida Fake GST Officials

Noida Fake GST Officials: दिल्ली एनसीआर के नोएडा से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. यहां नकली जीएसटी अधिकारी बनकर 29 लाख रुपये की असली ठगी की गई है. इस मामले में नोएडा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को धर दबोचा है.

न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बुधवार को बताया कि नोएडा में जीएसटी अधिकारी बनकर एक जीएसटी कंसल्टेंट से 29 लाख रुपये ऐंठने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आइए जानते हैं पूरी खबर.

29 लाख रुपये ऐंठ कर फरार हुए आरोपी

डीसीपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यह घटना 20 जुलाई को उस समय हुई जब जीएसटी सलाहकार अपने पालतू कुत्ते और लैपटॉप के साथ अपनी कार में यात्रा कर रहे थे. उन्होंने कहा, “आरोपियों ने एस एस्पायर सोसाइटी के पास उनकी गाड़ी को रोककर उसका रास्ता रोक दिया. जीएसटी अधिकारी बनकर वे उनकी गाड़ी में घुस गए और दो कंपनियों के कथित फर्जी ई-वे बिलों को लेकर उन्हें धमकाते हुए अपने साथ ले गए.”

आरोपी ने कथित तौर पर उन्हें जीएसटी मामले में जेल भेजने की धमकी दी और 29 लाख रुपये की मांग की. पुलिस ने बताया कि पीड़ित के भाई के माध्यम से नकद में पैसे लाए गए, जिसके बाद आरोपी उन्हें उनकी कार के साथ छोड़कर फरार हो गया.

ऐंठी गई पूरी रकम बरामद- डीसीपी

सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा, “बिसरख पुलिस ने ऐंठी गई पूरी रकम बरामद कर ली है, जिसमें 24.50 लाख रुपये नकद और 4.50 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के गहने शामिल हैं.”

पुलिस जानकारी के अनुसार, जांच में पता चला कि कथित मुख्य आरोपी कशिश चौहान उर्फ ​​इशू पीड़ित को पहले से जानता था. पुलिस के अनुसार, दोनों 2021 से एक-दूसरे को जानते थे और चौहान को कथित तौर पर पता था कि पीड़ित जीएसटी से संबंधित काम में शामिल था, जिसका इस्तेमाल उसे निशाना बनाने के लिए किया गया।.

आरोपियों ने कथित तौर पर अपराध को अंजाम देने के दौरान पुलिस सब-इंस्पेक्टर और दिल्ली सिविल डिफेंस की वर्दी का इस्तेमाल किया. पुलिस ने बताया कि 5 आरोपियों के अलावा अपराध में इस्तेमाल की गई दो कारें और सात मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं.

आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच जारी- पुलिस

पुलिस ने बताया कि चौहान दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि में डीसीपीओ (ड्राइवर-कम-पंप ऑपरेटर) के पद पर कार्यरत है, जबकि आरोपी राजेश पवार दिल्ली सिविल डिफेंस से जुड़ा है. विवेक शर्मा पहले बल्लभगढ़ के मानेसर स्थित एस्कॉर्ट में काम करता था.

पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस घटना में शामिल आरोपियों में से कोई भी पुलिसकर्मी नहीं है. गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों की पहचान अंकित शाही और अंशुल के रूप में हुई है. डीसीपी ने बताया कि निगरानी उपकरणों, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें जलपुर रोड स्थित इस्कॉन मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया.

29 लाख रुपये की पूरी बरामदगी के अलावा, पुलिस ने दो कारें, पुलिस सब-इंस्पेक्टर और दिल्ली सिविल डिफेंस की वर्दी और अपराध में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए सात मोबाइल फोन बरामद किए. पुलिस ने बताया कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है.

अहमदाबाद में फेक IPS बन ड्यूटी में तैनात जवान पर झाड़ा रौब, पुलिस ने आरोपी को घर से दबोचा

News Source: PTI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?