Virender Singh Basoya: बीते दिनों ड्रग माफिया वीरेंद्र सिंह बसोया को यूएई से डिपोर्ट (प्रत्यर्पित) किया गया था. उसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया. अब अदालत ने वीरेंद्र सिंह बसोया को 21 अगस्त तक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की कस्टडी में भेज दिया है.
जी हां, पुणे की एक अदालत ने रविवार को ड्रग्स के कथित सरगना वीरेंद्र सिंह बसोया को 21 अगस्त तक NCB की कस्टडी में भेज दिया. बसोया को हाल ही में UAE से भारत लाया गया था. इसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था.
भारी सुरक्षा के बीच पुणे कोर्ट में पेशी
न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की उस अर्जी को मंजूरी दे दी, जिसमें करोड़ों रुपये की ड्रग्स जब्ती मामले के आरोपी बसोया को पुणे की अदालत में पेश करने के लिए तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड की मांग की गई थी.
रविवार को बसोया को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच पुणे की अदालत में पेश किया गया. अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी लंबे समय तक विदेश में रहा था. उसका नाम ड्रग्स से जुड़े कई मामलों में सामने आया है और ऐसी संभावना है कि वह ड्रग्स की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का अहम सदस्य है.
21 अगस्त तक एनसीबी की कस्टडी में वीरेंद्र
अभियोजन पक्ष ने कहा कि नशीले पदार्थों की सप्लाई करना एक गंभीर अपराध है और एनसीबी तथा पुलिस के ऑपरेशन के दौरान लगभग 9,000 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त किया गया था. पुणे पुलिस ने विश्रांतवाड़ी (पुणे) और दिल्ली में कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में ड्रग्स भी जब्त की थी. इस मामले में कई आरोपी हैं और वीरेंद्र सिंह बसोया से बाकी सभी आरोपियों की भूमिका के बारे में पूछताछ की जानी है. अभियोजन पक्ष ने कहा कि मामले के बाकी आरोपियों की तलाश भी जारी है और उन्होंने बसोया की छह दिन की NCB कस्टडी की मांग की.
हालांकि, बसोया के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को केवल चार दिन की एनसीबी कस्टडी में भेजा जाना चाहिए. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने बसोया को 21 अगस्त तक एनसीबी की कस्टडी में भेज दिया.
2024 में सामने आया था बसोया का नाम
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में पुणे में 500 ग्राम मेफेड्रोन (एक सिंथेटिक स्टिमुलेंट जिसे आम तौर पर “म्याऊ म्याऊ” कहा जाता है) की जब्ती के मामले में बसोया का नाम सामने आया था. बाद में ड्रग तस्करी के पूरे नेटवर्क की पहचान करने और उसे खत्म करने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया गया, जिसके परिणामस्वरूप पुणे से लगभग 867 किलोग्राम और दिल्ली से 970 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद हुआ, जिससे कुल बरामदगी लगभग 1,837 किलोग्राम हो गई.
NCB की मुंबई यूनिट ने जांच अपने हाथ में ली और बसोया की पहचान कथित मास्टरमाइंड के तौर पर की, जो विदेश से सिंडिकेट की गतिविधियों का समन्वय करता था और भारत से दूसरे देशों में मेफेड्रोन की खेप की तस्करी करता था. अंतर्राष्ट्रीय कोकीन तस्करी से जुड़े दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एक अलग मामले में भी उसका नाम सामने आया था.
दुबई भाग गया था बसोया- NCB डिप्टी डायरेक्टर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि NCB ने UAE से बसोया की वापसी सुनिश्चित की, जिससे नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में एक “नया मील का पत्थर” स्थापित हुआ.
NCB के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (ऑपरेशन्स) नीरज गुप्ता ने कहा था कि 2024 में पुणे पुलिस द्वारा उसके खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के ठीक एक दिन बाद बसोया दुबई भाग गया था. गुप्ता ने आगे कहा कि बसोया ड्रग तस्करी नेटवर्क का एक “बड़ा सरगना” है, जिसके खिलाफ नवंबर 2025 में इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था.
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News Source: PTI
