Rahul Gandhi: मध्य प्रदेश में एक बार फिर आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य और कुपोषण का मुद्दा सियासी बहस के केंद्र में आता दिखाई दे रहा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी गुरुवार को बालाघाट जिले के बिरसा ब्लॉक स्थित जगला गांव पहुंचे, जहां उन्होंने बैगा आदिवासी परिवारों के बीच करीब एक घंटे का समय बिताया. इस दौरान उन्होंने उन परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने हाल के दिनों में बीमारी और कुपोषण के चलते अपने मासूम बच्चों को खोया है.
लोकसभा में उठाएंगे मामला
राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से उनकी परेशानियां सुनीं और बच्चों की मौत से जुड़े हालात की जानकारी ली. परिवारों से बातचीत के बाद उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी सुविधाओं को लेकर राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए. राहुल ने कहा कि आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है और बच्चों की मौत के मामले को वे लोकसभा में प्रमुखता से उठाएंगे.
बच्चों से मिले, मिड-डे मील की भी ली जानकारी
जगला गांव पहुंचने से पहले राहुल गांधी का काफिला माटे प्राथमिक शासकीय स्कूल में रुका. यहां उन्होंने करीब 15 मिनट बच्चों के साथ बिताए. राहुल ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, स्कूल की व्यवस्था और उन्हें मिलने वाले मध्याह्न भोजन के बारे में जानकारी ली. उन्होंने यह भी जानने की कोशिश की कि बच्चों को स्कूल में किस तरह का भोजन दिया जा रहा है और उसकी गुणवत्ता को लेकर उनकी क्या राय है. राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब बालाघाट जिले में पिछले तीन महीनों के दौरान कुपोषण और मलेरिया से 32 आदिवासी बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
आदिवासी मुद्दे पर तेज हुई सियासत
मध्य प्रदेश की राजनीति में आदिवासी मतदाता लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं. राज्य की आबादी में आदिवासियों की हिस्सेदारी करीब 21 प्रतिशत बताई जाती है. विधानसभा की 47 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं, जबकि कई अन्य सीटों पर भी आदिवासी मतदाता चुनावी समीकरणों को प्रभावित करते हैं. ऐसे में राहुल गांधी का आदिवासी बहुल क्षेत्र में पहुंचकर सीधे पीड़ित परिवारों से संवाद करना राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है. बीजेपी ने राहुल गांधी के दौरे को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश बताया है, जबकि कांग्रेस इसे आदिवासी समाज की वास्तविक समस्याओं को सामने लाने की पहल बता रही है.
कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव तेज
राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद साफ संकेत दिया कि बालाघाट में बच्चों की मौत का मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति से निकलकर संसद तक पहुंच सकता है. उनके इस ऐलान के बाद आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं. इस दौरान प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, CWC सदस्य कमलेश्वर पटेल, CEC सदस्य ओमकार मरकाम, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, प्रदेश सह-प्रभारी उषा नायडू, विधायक संजय उइके, विधायक अनुभा मुंजारे, विक्की पटेल, पूर्व मंत्री मुकेश नायक और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हिना कावरे सहित कांग्रेस के नेता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे.
बालाघाट में 32 मासूमों की मौत पर सियासत गरमाई, आज परिवारों से मिलेंगे राहुल गांधी
