UP Tet: उत्तर प्रदेश के बदायूं में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य के बिना अनुमति वाले रोड शो के कारण लगे भीषण जाम में फंसकर कई उम्मीदवार समय पर UPTET परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके. उम्मीदवारों के आक्रोश के बाद जिला प्रशासन ने घटना को स्वीकार किया है. जिलाधिकारी अविनाश कुमार राय ने कहा कि रोड शो की कोई अनुमति नहीं ली गई थी और वे प्रभावित छात्रों को दोबारा परीक्षा का मौका देने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखेंगे.
सपा सांसद का सरकार पर तीखा हमला
इस बीच, समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने सरकार पर युवाओं का भविष्य खतरे में डालने का गंभीर आरोप लगाया है. जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि ट्रैफिक डायवर्जन, भारी बारिश और बीजेपी नेता के काफिले की वजह से ट्रैफिक पर असर पड़ा, जिससे कुछ उम्मीदवार परीक्षा नहीं दे पाए. राय ने कहा कि हम राज्य सरकार से बात करेंगे और यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि जो उम्मीदवार देरी के कारण परीक्षा नहीं दे पाए, उन्हें एक और मौका मिले. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पहली पाली में 5,639 उम्मीदवारों में से 4,875 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 764 अनुपस्थित रहे. दूसरी पाली में 5,639 में से 4,455 उम्मीदवार शामिल हुए और 1,184 अनुपस्थित रहे यानी पहली पाली की तुलना में 420 ज़्यादा उम्मीदवार अनुपस्थित रहे. हालांकि, प्रशासन ने अनुपस्थिति की इस ज़्यादा संख्या का कारण सिर्फ़ ट्रैफिक जाम को नहीं बताया.
घंटों फंसे रहे उम्मीदवार
कई उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि VIP मूवमेंट की वजह से वे बरेली-बदायूं रोड पर घंटों फंसे रहे और रिपोर्टिंग की समय-सीमा खत्म होने से पहले अपने परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच पाए. प्रभावित उम्मीदवारों में से एक ने बताया कि BJP नेता के रोड शो के कारण वह लगभग डेढ़ घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसी रहीं और समय पर अपने परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सकीं. उन्होंने बताया कि उनका परीक्षा केंद्र नैनीताल रोड पर स्थित एक इंटर-कॉलेज था और उनके साथ यात्रा कर रही दो अन्य महिला उम्मीदवार भी परीक्षा नहीं दे पाईं. उनके अनुसार, रोड शो के कारण हुए इसी ट्रैफिक जाम में आठ से दस महिला उम्मीदवार फंसी हुई थीं.
परीक्षाओं के दिन न हो राजनीतिक कार्यक्रम
उम्मीदवारों ने अधिकारियों से अपील की कि जो लोग ट्रैफिक जाम के कारण परीक्षा नहीं दे पाए, उनके लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए. समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने सरकार पर उम्मीदवारों का भविष्य खतरे में डालने का आरोप लगाया और मांग की कि ट्रैफिक जाम के कारण परीक्षा से वंचित रह गए लोगों को निष्पक्ष जांच के बाद एक और मौका दिया जाए. उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दिनों में राजनीतिक कार्यक्रमों की अनुमति न दी जाए. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि भारी बारिश और ओवरब्रिज पर चल रहे मरम्मत कार्य के कारण ट्रैफिक पहले से ही प्रभावित था, जिससे वाहनों को पानी से भरे अंडरपास का इस्तेमाल करना पड़ रहा था.
शाक्य ने आरोपों को किया खारिज
बीजेपी नेता शाक्य ने कहा कि मेरा काफिला दोपहर करीब 2.30 बजे शहर में दाखिल हुआ, जिससे जाम और बढ़ गया, जबकि पुलिस सामान्य ट्रैफिक व्यवस्था बहाल करने की कोशिश करती रही. शाक्य ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि सिर्फ़ उनके रोड शो की वजह से ही ट्रैफिक जाम हुआ. उन्होंने कहा कि वे सुबह करीब 10:40 बजे अपने घर से निकले थे, जब पहली शिफ्ट शुरू हो चुकी थी. उन्होंने परीक्षा देने जा रहे उम्मीदवारों के वाहनों को निकलने देने के लिए अपने काफिले को दो जगहों पर रोका था.
सड़क चौड़ीकरण से भी हुई दिक्कत
उन्होंने कहा कि बरेली-बदायूं रूट पर सड़क चौड़ी करने का काम और बारिश की वजह से ट्रैफिक पहले से ही धीमा था, इसलिए जाम के लिए सिर्फ़ उनके काफिले को दोषी ठहराना गलत होगा. उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने बुधवार को बताया कि राज्य के 60 जिलों में 955 परीक्षा केंद्रों पर 2 से 4 जुलाई तक आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 में लगभग 20 लाख उम्मीदवारों के शामिल होने की उम्मीद थी. UPTET उन उम्मीदवारों के लिए एक अनिवार्य पात्रता परीक्षा है जो उत्तर प्रदेश में प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) स्कूलों में शिक्षक के तौर पर नियुक्ति चाहते हैं.
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News Source: PTI
