Vvaan Devi Temple: बिहार की मिट्टी में कहानियों की कोई कमी नहीं है. यहां गांव-गांव में देवी-देवताओं, लोक मान्यताओं और सदियों पुराने मंदिरों से जुड़ी ऐसी दास्तानें सुनने को मिलती हैं, जो लोगों को हैरान कर देती हैं. अब बिहार की ऐसी ही एक रहस्यमयी लोककथा बड़े पर्दे पर दिखाई देने वाली है. तमन्ना भाटिया और सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म ‘वन’ की कहानी के पीछे बिहार के एक 400 साल पुराना मंदिर है. ‘वन’ की कहानी को अनुरभ कुमार ने लिखा है. इसका डायरेक्शन दीपक कुमार मिश्रा ने किया है. फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच एक्साइटमेंट इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि इसमें बिहार के लोकप्रिय पर्व छठ को बड़े लेवल पर दिखाया गया है.
वन देवी का मंदिर
फिल्म की कहानी बिहार के बिहटा के वन देवी मंदिर पर है. ये मंदिर पटना से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर है. बताया जाता है कि ये मंदिर 400 साल से भी ज्यादा पुराना है. राइटर अनुरभ कुमार ने एक इंटरव्यू में बताया था कि इस मंदिर से जुड़ी लोककथा ने उन्हें काफी प्रभावित किया. उन्होंने बताया कि वो अपनी मां के साथ दुर्गा पूजा के दौरान इस मंदिर में जाया करते थे. तब उनकी मां ने उन्हें मंदिर से जुड़ी पुरानी कहानी सुनाई. कहानी सुनने के बाद अनुरभ ने खुद मंदिर जाकर वहां के लोकल लोगों से बातचीत की और मंदिर के साथ-साथ उसके आसपास की मान्यताओं को करीब से समझा.
जंगल, देवी और वहां की मान्यताएं
बताया जाता है कि वन देवी मंदिर वन देवी मंदिर घने जंगल के बीच है. स्थानीय लोककथा के अनुसार, इस जंगल में सिर्फ जंगली जानवर ही नहीं बल्कि नकारात्मक शक्तियों का भी वास था. इसी वजह से आसपास रहने वाले लोग जंगल के कुछ हिस्सों से दूरी बनाकर रखते थे. मान्यता है कि विद्यानंद मिश्र
नाम के एक विद्वान ने जंगल में तपस्या और धार्मिक अनुष्ठान किए और वन देवी मंदिर की स्थापना की. मंदिर बनने के साथ ही यहां एक खास परंपरा भी जुड़ गई. सबसे दिलचस्प बात ये है कि शाम की पूजा के बाद मंदिर परिसर में किसी के भी रुकने की अनुमति नहीं होती. यहां तक कि मंदिर के पुजारी भी रात में परिसर में नहीं रहते. स्थानीय मान्यता के मुताबिक, रात के समय देवी मंदिर के आसपास विचरण करती हैं और जंगल में मौजूद नकारात्मक शक्तियों से स्थानीय लोगों की रक्षा करती हैं. यही रहस्यमयी लोकविश्वास ‘वन’ की कहानी के लिए एक प्रेरणा बना.
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बड़े पर्दे तक पहुंचेगी कहानी
फिल्म के राइटर ने बताया कि वो और फिल्म की प्रोड्यूसर एकता कपूर अक्सर मंदिर जाते थे. श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर और मुक्तेश्वर मंदिर
से जुड़ी लोककथाओं पर चर्चा करते थे. इसी तरह अनुरभ ने अपनी मां से सुनी वन देवी मंदिर की कहानी शेयर की. बाद में उन्होंने ये कहानी डायरेक्टर दीपक कुमार मिश्रा को सुनाई. दोनों ने मिलकर इसे एकता कपूर के सामने रखा. एकता को कहानी इतनी दिलचस्प लगी कि उन्होंने इस पर फिल् बनाने का फैसला कर लिया.
बिहार की लोककथा
अनुरभ के मुताबिक, ‘वन’ एक छोटे से मंदिर से जुड़ी वास्तविक लोककथा है. यही बात फिल्म को खास बनाती है. एक स्थानीय मंदिर, सदियों पुरानी मान्यताएं, जंगल का रहस्य और आस्था, इन सबको फिल्मी कहानी के साथ जोड़ने की कोशिश की गई है. अब देखना दिलचस्प होगा कि 400 साल पुराने वन देवी मंदिर की ये लोककथा ‘वन’ में किस अंदाज में दिखाई जाती है. फिल्म में तमन्ना भाटिया और सिद्धार्थ मल्होत्रा के अलावा सुनील ग्रोवर, मनीष पॉल और श्वेता तिवारी भी हैं. ये फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.
