Home Latest News & Updates 2023 की बाढ़ से सबक, मानसून से पहले एक्शन मोड में रेखा सरकार; जानें कैसी चल रही हैं तैयारी

2023 की बाढ़ से सबक, मानसून से पहले एक्शन मोड में रेखा सरकार; जानें कैसी चल रही हैं तैयारी

by Preeti Pal 26 June 2026, 9:26 AM IST (Updated 26 June 2026, 9:28 AM IST)
26 June 2026, 9:26 AM IST (Updated 26 June 2026, 9:28 AM IST)
2023 की बाढ़ से सबक, मानसून से पहले एक्शन मोड में रेखा सरकार; जानें कैसी चल रही हैं तैयारी

Flood Control Order: दिल्ली में मानसून की दस्तक से पहले रेखा सरकार ने बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं. सरकार ने Flood Control Order 2026 जारी करते हुए ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने, संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाने और आपात स्थिति से निपटने के लिए बहु-एजेंसी तंत्र को सक्रिय कर दिया है. सरकार ने 2023 में आई भीषण बाढ़ और यमुना के रिकॉर्ड जलस्तर से सबक लेते हुए इस बार पहले से तैयारी करने का फैसला किया है. इसके तहत 15 अक्टूबर 2026 तक सेंट्रल फ्लड कंट्रोल रूम को 24 घंटे और सातों दिन सक्रिय रखा जाएगा. यह कंट्रोल रूम विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा.

मानसून से पहले की तैयारी

बाढ़ नियंत्रण और तैयारियों की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल एपेक्स कमेटी का गठन किया गया है. इस कमेटी में संबंधित विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस, डीडीए, एमसीडी, दिल्ली जल बोर्ड समेत विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. जरूरत पड़ने पर सेना की मदद भी ली जा सकेगी. सरकार ने यमुना नदी और नजफगढ़ ड्रेन में जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तीन चरणों वाली चेतावनी प्रणाली भी लागू की है. हथिनीकुंड बैराज से एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर पहली चेतावनी, तीन लाख क्यूसेक पर दूसरी और पांच लाख क्यूसेक पर तीसरी चेतावनी जारी की जाएगी. वहीं नजफगढ़ ड्रेन में 35 हजार, 70 हजार और एक लाख क्यूसेक के स्तर पर क्रमशः तीन चरणों के अलर्ट जारी होंगे.

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सेंसिटिव इलाकों की पहचान

Flood Control Order के तहत यमुना तटबंधों, रेगुलेटरों, ड्रेनों और पंपिंग स्टेशनों समेत 20 से अधिक संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है. इन जगहों पर इंजीनियरिंग टीमों और आपदा प्रबंधन कर्मियों की विशेष तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके. दिल्ली के सभी 13 जिलों में सेक्टर-वार कमेटियां गठित की गई हैं. प्रत्येक जिले में कंट्रोल रूम, राहत शिविर, नावें, पंप सेट, चिकित्सा सुविधाएं और आवश्यक खाद्य सामग्री की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा विभिन्न विभागों को जलभराव संभावित क्षेत्रों की नियमित निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है.

मल्टी-एजेंसी प्लान

जलभराव और बाढ़ से निपटने के लिए एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, डीडीए और दिल्ली जल बोर्ड के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए मल्टी-एजेंसी प्लान भी लागू किया गया है. सरकार का दावा है कि इस बार जलभराव और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी एजेंसियों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं. दिल्ली सरकार ने नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है. सरकार ने लोगों से भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों और जलभराव वाली जगहों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क करने को कहा है. सरकार का कहना है कि समय रहते तैयारी और बेहतर समन्वय के जरिए मानसून के दौरान राजधानी को बाढ़ और जलभराव की समस्या से बचाने की कोशिश की जाएगी.

लाइव टाइम्स के लिए खुशबू सिंह की रिपोर्ट

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