Home Top News भारी बारिश और भूस्खलन से थमा उत्तराखंड: बिजली गिरने से दो की मौत, 84 सड़कें बंद, यातायात ठप

भारी बारिश और भूस्खलन से थमा उत्तराखंड: बिजली गिरने से दो की मौत, 84 सड़कें बंद, यातायात ठप

by Sanjay Kumar Srivastava 19 July 2026, 6:53 PM IST (Updated 19 July 2026, 6:54 PM IST)
19 July 2026, 6:53 PM IST (Updated 19 July 2026, 6:54 PM IST)
भारी बारिश और भूस्खलन से थमा उत्तराखंड: बिजली गिरने से दो की मौत, 84 सड़कें बंद, यातायात पूरी तरह ठप

Heavy Rain: उत्तराखंड में भारी बारिश और बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. राज्य के 10 जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.भूस्खलन से राज्य भर में अलग-अलग जगहों पर 84 सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे यातायात बंद हो गया है. हरिद्वार जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है. प्रशासन रविवार के लिए 10 ज़िलों में रेड और ऑरेंज वॉर्निंग जारी होने के बाद अलर्ट पर है.

देहरादून, टिहरी, पौड़ी के लिए ऑरेंज अलर्ट

स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के मुताबिक, लगातार बारिश की वजह से हुए भूस्खलन से राज्य भर में अलग-अलग जगहों पर 84 सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें दो नेशनल हाईवे भी शामिल हैं. शनिवार शाम हरिद्वार में बिजली गिरने से डलूवाला मजबाता के रहने वाले नवीन सिंह (33) और खलातिरा के रहने वाले रणधीर सिंह (45) की मौत हो गई. मौसम विभाग ने रविवार से अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और बागेश्वर ज़िलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ ज़िलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. 20 जुलाई के लिए देहरादून, हरिद्वार और टिहरी ज़िलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि नैनीताल, उत्तरकाशी और पौड़ी ज़िलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है.

उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली के लिए येलो अलर्ट

21 जुलाई के लिए देहरादून और बागेश्वर ज़िलों में ऑरेंज अलर्ट और टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ ज़िलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. 22 जुलाई के लिए भी उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ ज़िलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, ज़्यादातर इलाकों में आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और भारी बारिश की संभावना है. मौसम की चेतावनी को देखते हुए, SEOC ने सभी ज़िलाधिकारियों को सतर्क रहने और ज़रूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि ज़िलाधिकारियों को संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नज़र रखने, ज़िला आपातकालीन संचालन केंद्रों में चौबीसों घंटे तैयारी बनाए रखने, राहत और बचाव टीमों को स्टैंडबाय पर रखने और भूस्खलन की आशंका वाले रास्तों पर मशीनरी और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

चार धाम यात्रियों और पर्यटकों के लिए सख्त एडवाइजरी

उन्होंने चार धाम यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और आम जनता से अपील की कि वे बिना ज़रूरत यात्रा न करें. निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति देख लें और भारी बारिश के दौरान नदियों, नालों, घाटियों और पानी भरे इलाकों से दूर रहें. विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई है. SEOC के अनुसार, पिथौरागढ़ ज़िले में गरबाधार के पास तवाघाट-गुंजी नेशनल हाईवे और उत्तरकाशी ज़िले में पालिगाड, स्यानचट्टी और ओजारी के पास ऋषिकेश-यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर भूस्खलन के कारण ट्रैफ़िक बाधित हुआ है. बंद सड़कों को खोलने की कोशिशें जारी हैं.

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News Source: PTI

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