Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश में सोमवार को भारी बारिश के कारण 87 सड़कें बंद हो गईं. चंबा ज़िले के एक गांव में ज़बरदस्त बाढ़ से लोहे का एक पुल बह गया, जिससे कई तीर्थयात्री फंस गए. मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. भरमौर इलाके की बलोथ ग्राम पंचायत में पुल को नुकसान पहुंचने से मां भगवती खुंडी वाली के दर्शन के लिए जा रहे लगभग 50 तीर्थयात्री फंस गए, क्योंकि तेज़ बहाव ने तीर्थयात्रियों के रास्ते को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया था.
ग्रामीणों ने तीर्थयात्रियों को बचाया
पूर्व प्रधान पवन शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों ने तीर्थयात्रियों को बचाया. उन्होंने लकड़ी का एक अस्थायी पैदल पुल बनाया और उन्हें सुरक्षित पार करने में मदद की. शर्मा ने बताया कि भारी बारिश की खबर मिलते ही वे स्थानीय लोगों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि तत्परता दिखाते हुए स्थानीय लोगों ने लकड़ी का एक अस्थायी पैदल पुल बनाया और तीर्थयात्रियों को सुरक्षित पार करने में मदद की. बहुत से तीर्थयात्री मंदिर जाने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. तीर्थयात्रियों में ‘ज्येष्ठ मंगलवार’ (ज्येष्ठ महीने का मंगलवार) के मौके पर ‘माता डल झील’ में पवित्र डुबकी लगाने की परंपरा है.
बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में बहुत भारी बारिश की चेतावनी
गांव वालों ने बताया कि मंदिर तक पहुंचने के लिए तीर्थयात्री लगभग 35 से 40 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करते हैं. राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रही. रविवार शाम से कटुला में 74.4 मिमी, इसके बाद जोट में 52.6 मिमी, धर्मशाला में 30.1 मिमी, सराहन में 20.2 मिमी और जोगिंदरनगर में 15 मिमी बारिश दर्ज की गई. शिमला मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें मंगलवार को बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है और 23 अगस्त तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहने की बात कही गई है.
भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, सबसे ज़्यादा 33 सड़कें कुल्लू में बंद हुईं. इसके बाद मंडी में 27, शिमला में नौ, कांगड़ा में छह, सिरमौर और ऊना में चार-चार और लाहौल-स्पीति ज़िले में एक सड़क बंद हुई. मौसम विभाग ने बुधवार से शुक्रवार तक कुछ जगहों पर भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया है.अधिकारियों ने बताया कि 30 जून को मॉनसून शुरू होने के बाद से बारिश से जुड़ी घटनाओं में 80 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से 14 लोगों की मौत भूस्खलन और एक की मौत अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के कारण हुई. साथ ही, राज्य को 994 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
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News Source: PTI
