JSCA Stadium: जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रांची में टिकट वितरण व्यवस्था को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठी है. झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता, झारखंड राज्य बार काउंसिल के पूर्व सदस्य एवं झारखंड हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ के पूर्व महासचिव हेमंत कुमार शिकारवार ने इस संबंध में झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के मानद सचिव को विस्तृत प्रतिनिधित्व सौंपा है. इसमें टिकटों की सार्वजनिक बिक्री, निःशुल्क एवं मानार्थ पास, प्रायोजक तथा संस्थागत कोटे और उनसे संबंधित वित्तीय एवं लेखा जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है.
टिकटों का वितरण सार्वजनिक किया जाए
शिकारवार ने 27 सितंबर को दिए गए प्रतिनिधित्व में जेएससीए के नियम 33(5) तथा बीसीसीआई के संविधान के नियम 37(8) का उल्लेख किया है. उन्होंने मांग की है कि स्टेडियम की कुल अधिकृत दर्शक क्षमता, आम जनता के लिए बिक्री हेतु उपलब्ध टिकटों की संख्या, विभिन्न श्रेणियों के टिकटों की कीमत तथा निःशुल्क, प्रायोजक और संस्थागत टिकटों के आवंटन का स्पष्ट विवरण सार्वजनिक किया जाए. साथ ही कुल बैठने की क्षमता और विभिन्न श्रेणियों के टिकट एवं पास के बीच पूर्ण और सत्यापन योग्य मिलान भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है.
90% सीटें आम जनता के लिए रखने की मांग
प्रतिनिधित्व में विशेष रूप से उस स्थिति पर जोर दिया गया है, जहां लागू नियम निःशुल्क या मानार्थ टिकटों के आवंटन को अधिकतम 10 प्रतिशत तक सीमित करते हैं. शिकारवार का कहना है कि सुरक्षा और अन्य वैधानिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अधिकृत दर्शक क्षमता की शेष 90 प्रतिशत सीटें आम जनता के लिए टिकट बिक्री में उपलब्ध कराई जानी चाहिए. उनका तर्क है कि बड़ी संख्या में सीटें पहले ही निःशुल्क, प्रायोजक या संस्थागत कोटे में चले जाने से टिकट खरीदकर मैच देखने वाले सामान्य क्रिकेट प्रेमियों को परेशानी हो सकती है. हालांकि, 90 प्रतिशत सार्वजनिक बिक्री का अनुपात उनके प्रतिनिधित्व में की गई मांग है. वास्तविक उपलब्धता संबंधित नियमों, सुरक्षा आवश्यकताओं और अधिकृत आवंटन पर निर्भर करेगी.
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IND-WI मैच से पहले जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
9 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मैच के मद्देनजर शिकारवार ने टिकट व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पहले से सार्वजनिक करने की मांग की है. इसमें कुल दर्शक क्षमता, श्रेणीवार सीटों की संख्या, आम जनता के लिए उपलब्ध टिकट, ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री, टिकटों की कीमत, निःशुल्क टिकट, प्रायोजक एवं संस्थागत कोटा तथा पास वितरण की नीति शामिल है.
एक ही टिकट की दोहरी बुकिंग
इसके अलावा टिकटों की जमाखोरी, एक ही टिकट की दोहरी बुकिंग और अनधिकृत पुनर्विक्रय या कालाबाजारी रोकने के लिए खरीदार की पहचान सत्यापन, प्रति व्यक्ति टिकटों की उचित सीमा और संदिग्ध बड़ी बुकिंग की पहचान जैसे उपाय सुझाए गए हैं. निःशुल्क और मानार्थ पास के लिए लेखा-परीक्षण योग्य रजिस्टर रखने तथा गैर-संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है. शिकारवार ने टिकट बिक्री से प्राप्त राशि, बिके और बिना बिके टिकटों, लौटाए गए टिकटों तथा उनके लेखांकन का पूरा मिलान उपलब्ध कराने की मांग की है. साथ ही 30 नवंबर 2025 को आयोजित भारत-दक्षिण अफ्रीका एकदिवसीय मैच से संबंधित वित्तीय एवं जीएसटी दस्तावेजों की जानकारी भी मांगी गई है. उन्होंने आगामी मैच से पहले पूरी टिकट व्यवस्था के लिए कानूनी, पारदर्शी और लेखा-परीक्षण योग्य व्यवस्था विकसित करने का आग्रह किया है.
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झारखंड से विशाल भारद्वाज की रिपोर्ट
