Home Top News यूक्रेन पर रूस का भीषण हमला : नीपर के 3 पुल तबाह, सैन्य आपूर्ति ठप, जेलेंस्की की दुनिया से गुहार!

यूक्रेन पर रूस का भीषण हमला : नीपर के 3 पुल तबाह, सैन्य आपूर्ति ठप, जेलेंस्की की दुनिया से गुहार!

by Sanjay Kumar Srivastava 2 October 2026, 8:51 PM IST (Updated 2 October 2026, 8:56 PM IST)
2 October 2026, 8:51 PM IST (Updated 2 October 2026, 8:56 PM IST)
यूक्रेन की लाइफलाइन पर रूस का भीषण वार : नीपर नदी के तीन पुल तबाह, ज़ेलेंस्की की दुनिया से आखिरी गुहार!

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध एक बार फिर भीषण रूप ले चुका है. शुक्रवार (2 अक्टूबर) को यूक्रेन की राजधानी कीव में नीपर (निप्रो) नदी पर बने तीन रणनीतिक पुलों (जैसे पिवडेनी पुल) पर रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण यातायात को पूरी तरह से बंद करना पड़ा. ये पुल यूक्रेनी सेना के लिए रसद और सैन्य आपूर्ति का मुख्य मार्ग है.

क्या खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध? फिलीपींस के बंद कमरे में रुबियो और रूसी विदेश मंत्री की मीटिंग!

रणनीतिक बदलाव और पलटवार

रूस की वापसी की वजह: हालिया युद्धक्षेत्र में यूक्रेनी सेना के भीषण जवाबी हमलों और रणनीतिक बढ़त के कारण रूसी सैनिकों को रिकॉर्ड संख्या में नुकसान उठाना पड़ा है, जिसकी वजह से उन्हें लगभग 300 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र से अपना कब्जा छोड़ना पड़ा है. सर्दियों की शुरुआत से ठीक पहले रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा ग्रिड, थर्मल पावर प्लांट, बिजली सबस्टेशन, जल आपूर्ति प्रणालियों और सरकारी इमारतों को अपना मुख्य निशाना बनाया है ताकि पूरे देश को अंधेरे और ठंड में धकेला जा सके. यूक्रेन भी चुप नहीं है. वह अपने लंबी दूरी के ड्रोनों से रूसी सीमाओं के भीतर घुसकर तेल रिफाइनरियों (जैसे नोवोकुइबिशेव्स्क रिफाइनरी), सैन्य हवाई अड्डों और लॉजिस्टिक्स हब को लगातार निशाना बनाकर नुकसान पहुंचा रहा है.

भारत का रुख

इस भीषण संकट के बीच, भारत ने अपना तटस्थ और शांतिपूर्ण रुख दोहराया है. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि यह युग युद्ध का नहीं है और इस विवाद को केवल कूटनीति और बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है. हाल ही में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी शांति स्थापित करने के लिए भारत के प्रयासों और सुझावों की सराहना की है. भारत दोनों पक्षों के साथ अपने अच्छे संबंधों का उपयोग करके एक स्थायी शांति समाधान का पुरजोर समर्थन कर रहा है.

कई देशों से यूक्रेन को मिले युद्धविराम के प्रस्ताव

रूसी हवाई हमलों के कारण शुक्रवार को कीव में नीपर नदी पर बने तीन पुलों को बंद करना पड़ा. यूक्रेन की राजधानी कीव के मेयर ने बताया कि यह शहर में आम जनजीवन को बाधित करने की मॉस्को की हालिया कोशिश थी. इस बीच, यूक्रेन के शीर्ष राजनयिक ने कहा कि अधिकारियों को अमेरिका, भारत, तुर्की और मिस्र से रूस के साथ आंशिक युद्धविराम के अलग-अलग प्रस्ताव मिले हैं. इन प्रस्तावों में ऊर्जा बुनियादी ढांचे (जिससे रूस में ईंधन की कमी और यूक्रेन में बिजली कटौती हुई है) और काला सागर में जहाजों की आवाजाही (जो दुनिया भर के बाजारों में अनाज के निर्यात के लिए जरूरी है) पर हमले रोकने की बात कही गई है.

रूस ने अपार्टमेंट, सुपरमार्केट, गैस स्टेशन को बनाया निशाना

रूसी हमलों के कारण कीव के छह सड़क पुलों में से तीन को पूरी तरह से बंद करना पड़ा, जिससे ट्रैफिक जाम लग गया. ऐसा लगता है कि यह शहर के निवासियों को परेशान करने के अभियान की एक नई चाल है. इससे पहले, रूस ने हमलों को तेज करते हुए अपार्टमेंट ब्लॉक, सुपरमार्केट गोदाम, गैस स्टेशन और डेटा सेंटर जैसी जगहों को निशाना बनाया है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने शुक्रवार को जिनेवा में कहा कि आम नागरिक इस युद्ध की मार झेल रहे हैं. उन्होंने कहा कि यूक्रेन में युद्ध मानवाधिकारों के लिहाज से एक बड़ी त्रासदी है जो हर हफ्ते बढ़ती और गंभीर होती जा रही है, जिससे आम नागरिकों को असहनीय पीड़ा हो रही है. पूरे यूक्रेन में लोग लगातार डर के साये में जी रहे हैं.

यूक्रेन के लगभग 300 वर्ग किलोमीटर से हटा रूस का कब्जा

हालांकि हाल के महीनों में हवाई युद्ध तेज हुआ है, लेकिन उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन से गुजरने वाली लगभग 1,250 किलोमीटर लंबी अग्रिम पंक्ति (फ्रंट लाइन) पर लड़ाई लगभग ठप पड़ी है. रूस ने साढ़े चार साल से भी पहले अपने पड़ोसी देश पर हमला किया था और शांति समझौता होने के कोई ठोस संकेत नहीं दिख रहे हैं. हालांकि, ‘इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ़ वॉर’ के अनुसार, यूक्रेन ने इस साल रूस की बड़ी सेना के खिलाफ कुछ तेज हमले किए है.

वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक ने गुरुवार देर रात एक रिपोर्ट में कहा कि मार्च और सितंबर के बीच रूसी सेना ने यूक्रेन के लगभग 300 वर्ग किलोमीटर (116 वर्ग मील) इलाके पर अपना नियंत्रण खो दिया. साथ ही, रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर में रूसी सेना को 46,000 से ज़्यादा लोगों का नुकसान उठाना पड़ा, जो इस साल किसी एक महीने में सबसे ज़्यादा संख्या है. इसमें यह नहीं बताया गया कि कितने यूक्रेनी सैनिक मारे गए या घायल हुए.

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जेलेंस्की की ट्रंप के साथ अहम बैठक! किन मुद्दों और रणनीति पर हुई चर्चा?

प्रतिबंधों से रूसी हमलों को रोका जा सकता है : जेलेंस्की

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस ने रात भर में यूक्रेन पर 100 से ज़्यादा ड्रोन दागे, जिनसे कीव और आठ अन्य इलाकों को निशाना बनाया गया. उन्होंने बताया कि इनमें से लगभग आधे ड्रोन जेट-पावर्ड थे, जिन्हें रोकना बहुत मुश्किल होता है. उन्होंने कहा कि कीव में एक ऊंची इमारत पर ड्रोन गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. अन्य जगहों पर कम से कम चार लोगों के घायल होने की खबर है. ज़ेलेंस्की ने विदेशी देशों से फिर अपील की कि वे रूस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में मौजूद कमियों को दूर करें और उसके व्यापार पर और पाबंदियां लगाएं. उन्होंने कहा कि रूस के ड्रोन और मिसाइलें विदेशी कलपुर्जों पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं. ज़ेलेंस्की ने X पर एक पोस्ट में कहा कि हर रूसी ड्रोन को असल में प्रोडक्शन लाइन पर ही रोका जा सकता है.

रूस ने 646 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए

यूक्रेन ने भी अब खुद बनाए जा रहे लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलों से रूस पर हमले किए हैं, जिनमें सैन्य मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया है. रूसी रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने रात भर में रूसी इलाकों, कब्जे वाले क्रीमिया, आज़ोव सागर और काला सागर के ऊपर 646 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए. गवर्नर आंद्रेई बोचारोव ने बताया कि रूस के दक्षिण-पश्चिमी वोल्गोग्राड इलाके में एक व्यक्ति घायल हो गया. उन्होंने कहा कि हमले में इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया, लेकिन उन्होंने कोई और जानकारी नहीं दी.

जेलेंस्की समझौते को तैयार, बशर्ते रूस यूक्रेन के पावर ग्रिड पर बंद करे हमले

यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि चार देशों की ओर से कीव के सामने आंशिक युद्धविराम के जो प्रस्ताव रखे गए, उनमें भारत ने पहली बार भूमिका निभाने की पेशकश की है. भारत रूस के साथ अपने संबंधों और अमेरिका व अन्य पश्चिमी देशों के साथ बढ़ती साझेदारी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है. रूस पर अमेरिका के नए प्रतिबंधों के तहत, रूसी तेल के बड़े आयातक होने के नाते नई दिल्ली पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है.

सिबिहा ने कहा कि कीव युद्धविराम के लिए तैयार है, बशर्ते रूस यूक्रेन के पावर ग्रिड पर हमले बंद करे, साथ ही यूक्रेन भी रूसी तेल रिफाइनरियों और काला सागर (Black Sea) के रास्ते अनाज व अन्य कृषि उत्पादों का निर्यात करने वाले मालवाहक जहाजों पर हमले रोके. सिबिहा ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा कि हम ऊर्जा और काला सागर से जुड़े युद्धविराम के लिए तैयार हैं, लेकिन सिर्फ़ इन दोनों के संयोजन (कॉम्बिनेशन) के साथ. ऊर्जा और काला सागर में युद्धविराम. उनकी ये बातें शुक्रवार तक सार्वजनिक न करने की शर्त पर कही गई थीं.

मॉस्को ने युद्धविराम को किया खारिज

यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने फ्रंट लाइन पर बिना किसी शर्त के युद्धविराम की यूक्रेन की पेशकश को दोहराया. लेकिन मॉस्को ने युद्धविराम को खारिज कर दिया और कहा कि अस्थायी समझौते के बजाय एक व्यापक शांति समझौते पर सहमति होनी चाहिए. रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने शुक्रवार को कहा कि यूक्रेन ने रात भर में रूस की चार तेल रिफाइनरियों पर हमला किया, लेकिन एयर डिफेंस सिस्टम ने हमलों को नाकाम कर दिया और किसी भी अहम उपकरण को नुकसान नहीं पहुंचा. उन्होंने कहा कि सरकार और कंपनियों ने रिफाइनरियों की सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अगस्त में आदेश दिया था कि अगर निजी मालिक अहम बुनियादी ढांचा सुविधाओं की सुरक्षा करने या यूक्रेनी हमलों के बाद उन्हें फिर से बनाने में नाकाम रहते हैं, तो सरकार अस्थायी रूप से उनका नियंत्रण अपने हाथ में ले सकती है.

बैलिस्टिक मिसाइलों का जखीरा जमा कर रहा रूस : यूक्रेन

यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि यूक्रेन सहयोगी देशों से लगभग 300 पैट्रियट मिसाइलों की मांग कर रहा है, क्योंकि खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि रूस के पास 600 बैलिस्टिक मिसाइलें रिज़र्व में हैं और वह हर महीने 140 तक बैलिस्टिक मिसाइलें बना सकता है. अमेरिका में बने पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ़ असरदार तरीके से बचाव कर सकते हैं. ये मिसाइलें तेज़ी से उड़ती हैं और तेज़ी से नीचे गिरती हैं, लेकिन ईरान के साथ युद्ध के कारण इनकी कमी है.

सिबिहा ने कहा कि यूक्रेन को भविष्य में ड्रोन बनाने के लिए तुरंत फंड की ज़रूरत है, ताकि अगले साल की शुरुआत में सप्लाई में कोई कमी न आए. कीव को इस साल लगभग 27 अरब अमेरिकी डॉलर के बजट घाटे का सामना करना पड़ रहा है, हालांकि यूरोपीय संघ ने उसकी वित्तीय ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करने का वादा किया है. यूरोपीय आयोग ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने यूक्रेन को अपनी हालिया फंडिंग किश्त में 2.9 अरब यूरो (3.3 अरब अमेरिकी डॉलर) जारी किए हैं. ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह राशि यूक्रेन की वित्तीय स्थिरता में मदद करेगी और उसकी रक्षा क्षमता को मज़बूत करेगी. रूस भी भारी सैन्य खर्च और कर्ज़ के कारण आर्थिक और वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा है.

क्या खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध? पुतिन से मुलाकात के बाद यूक्रेन पहुंचे अमेरिकी राजदूत; जानें मामला

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?