Home Latest News & Updates डायबिटीज, स्ट्रेस और हार्ट प्रॉब्लम से राहत दिलाएंगे ये 10 आसन, विश्व योग दिवस पर जानें इनका महत्व

डायबिटीज, स्ट्रेस और हार्ट प्रॉब्लम से राहत दिलाएंगे ये 10 आसन, विश्व योग दिवस पर जानें इनका महत्व

by Neha Singh 21 June 2026, 6:11 PM IST
21 June 2026, 6:11 PM IST
10 Yoga Asan

10 Yoga Asan: आजकल की बिजी लाइफस्टाइल में लोग अक्सर हेल्थ का ख्याल नहीं रख पाते. ऑयली -अनहेल्दी खाना, लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करना और स्ट्रेस मिलकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की बीमारी और मोटापे जैसी गंभीर बीमारियों को बुलावा देते हैं. यह बीमारियां अब सिर्फ बुजुर्गों तक ही सीमित नहीं हैं, युवा और यहां तक कि बच्चे भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं. इसलिए स्वस्थ रहने के लिए सिर्फ दवा पर निर्भर रहना काफी नहीं है, लाइफस्टाइल में पॉजिटिव बदलाव भी जरूरी हैं.

योग एक पुरानी भारतीय प्रैक्टिस है जो शरीर, मन और आत्मा के बीच बैलेंस बनाने का काम करती है. रोजाना योगा करने से फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है, मसल्स मजबूत होती हैं और मेंटल स्ट्रेस भी कम होता है. इसके अलावा, कई स्टडीज में पाया गया है कि योग ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने, हार्ट हेल्थ बनाए रखने और मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. आज पूरी दुनिया भारत के योग को अपना रही है. आज विश्व योग दिवस के खास मौके पर हम आपको कुछ ऐसे योग आसनों के बारे में बताएंगे, जिन्हें हर किसी को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करना चाहिए. ये आसन न सिर्फ डायबिटीज, स्ट्रेस और हार्ट प्रॉब्लम के रिस्क को कम करते हैं, बल्कि शरीर को एक्टिव और मूड फ्रेश रखते हैं. जानें ऐसे ही 10 जरूरी योग आसन, जानें जिन्हें आप अपनी डेली रूटीन में शामिल करके बेहतर जीवन जी सकते हैं.

मंडूकासन

मंडूकासन डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है. यह आसन मेंढ़क जैसी चाल वाला होता है, इसलिए इसका नाम मंडूकासन है. जिन लोगों का ब्लड शुगर लेवल ज्यादा रहता है, उन्हें रोजना यह आसन करना चाहिए.

आसन करने का तरीकाः इसे करने के लिए सबसे पहले जमीन पर मैट बिछाकर उस वज्रासन मुद्रा में बैठे यानी, अपने दोनों पैरों को पीछे छोड़कर एड़ियों पर हिप्स रखकर बैठ जाएं. रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखें. इसके बाद दोनों के हाथों के अंगूठे को अंदर दबाते हुए कसकर मुठ्ठी बंद करें. अब दोनों मुट्ठियों को अपनी नाभि के दोनों के तरफ इस तरह लगाएं कि अंगूठे वाला हिस्सा पेट को छुए. एक लंबी गहरी सांस लें, फिर सांस को छोड़ते हुए पेट को अंदर खींचे और सामने की तरफ झुक जाएं. झुककर अपनी छाती को जांघों पर टिकाएं. अब गर्दन को सीधा रखते हुए सामने देखें . 20-30 सेकंड तक इसी पोजिशन में रुकें या जितनी देर आपसे हो सके. अब सांस लेते हुए धीरे धीरे वापस वज्रासन में आए. यह आसन करने से पेट पर दबाव पड़ता है और पैनक्रियाज एक्टिव होता है.

अर्ध मत्येंद्रासन

अर्ध मत्येंद्रासन से भी डायबिटीज के मरीजों को राहत मिलती है. यह आसन करने के लिए शरीर के आधे हिस्से को मोड़ना होता है. यह आसन रोजाना करने से शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है. साथ ही कब्ज, सर्वाइकल और पीरियड पेन से राहत मिलती है.

आसन करने का तरीका: योगा मैट पर दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाकर सीधे बैठ जाएं. रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखें. अब अपने बाएं पैर के घुटने को मोड़ें और उसकी एड़ी को दाए हिप के पास जमीन पर रखें. अब दाएं पैर को घुटने से मोड़ें और उसे बाएं पैर के घुटने के ऊपर लाते हुए पैर के पंजे को बाएं घुटने के पास जमीन पर सीधा खड़ा रखें. अब अपने बाएं हाथ को दाएं घुटने के ऊपर पार करते हुए लाएं और दाएं पैर के टखने या अंगूठे को पकड़ने की कोशिश करें. अपना दाहिना हाथ अपनी पीठ के पीछे जमीन पर रखें. अब गहरी सांस छोड़ें और अपनी कमर, छाती और गर्दन को जितना हो सके दाईं ओर घुमाएं. अपने दाहिने कंधे के ऊपर से पीछे देखें. इस पोजिशन में नॉर्मल तरीके से सांस अंदर-बाहर करते रहें. 20-30 सेकंड तक ऐसे ही रहें. अब धीरे-धीरे गर्दन, फिर छाती और कमर को सीधा करें. अब इसी आसन को दूसरी तरफ से भी करें.

सेतुबंधासन

सेतुबंधासन दिल की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. इसमें शरीर को पुल की तरह बनाया जाता है. यह आसन छाती और फेफड़ों को पूरी तरह खोलता है, जिससे पूरे शरीर में ऑक्सीजन का फ्लो बढ़ता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है.

आसन करने का तरीका: इस आसन को करने के लिए सबसे पहले मैट पर पीठ के बल सीधा लेट जाएं. अब अपने घुटनों को मोड़ें और तलवे जमीन पर रखें. आपके टखने और घुटने सीधे होने चाहिए. अब धीरे-धीरे सांस लें और अपनी पीठ को जमीन से ऊपर उठाएं. आपके सिर, गर्दन और कंधे जमीन पर टिके रहे. अपनी ठुड्डी को छाती के पास लाने की कोशिश करें. इसी आसन में 20-30 सेकंड रहें और सांस लेते रहें. अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपनी पीठ और कमर को वापस जमीन पर लाएं. पैरों को सीधा करें.

भुजंगासन

भुजंगासन करने से दिल की सेहत बेहतर होती है और फेफड़ों की क्षमता भी बढ़ती है. इसके साथ ही यह आसन कमर और पीठ के निचले हिस्से के दर्द से राहत दिलाने में सबसे असरदार है. यह रीढ़ की हड्डी को फ्लेक्सिबिलिटी देता है, अकड़न कम करता है और पीठ की नसों को मजबूत करता है, जिससे दर्द से राहत मिलती है.

आसन करने का तरीका: इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर एक मैट बिछाएं और पेट के बल सीधे लेट जाएं. अब दोनों पैरों को पीछे की ओर सीधा फैलाएं और उन्हें सटाकर रखें. अपनी हथेलियों को अपनी छाती के दोनों ओर अपने कंधों के ठीक नीचे जमीन पर रखें. अब अपनी कोहनियों को अपने शरीर के पास रखें. गहरी सांस लेते हुए, धीरे-धीरे अपने सिर, छाती और पेट को ऊपर उठाएं. अपनी गर्दन को पीछे की ओर झुकाएं और आसमान की ओर देखने की कोशिश करें. ध्यान रखें कि आपकी नाभि के नीचे का हिस्सा जमीन पर रहे. इस पोज में 15-20 सेकंड तक रहें. हो सके तो अपनी सांस रोककर रखें या नॉर्मल सांस लें. अब सांस छोड़ें और धीरे-धीरे अपनी छाती और सिर को वापस जमीन पर लाएं और रिलैक्स करें.

मार्जरीआसन

मार्जरीआसन रीढ़ कमर दर्द से राहत दिलाने के लिए बहुत फायदेमंद है. यह आसन उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो लंबे समय तक कंप्यूटर के सामने बैठे रहते हैं. इससे पीठ और कंधे की अकड़न से राहत मिलती है.

आसन करने का तरीका: इसे करने के लिए, सबसे पहले मैट बिछाएं और अपने हाथों और घुटनों के बल बैठ जाएं. आपके हाथ सीधे आपके कंधों के नीचे और आपके घुटने सीधे आपके हिप्स के नीचे होने चाहिए. अब गहरी सांस लें और अपने पेट को फर्श की ओर नीचे दबाएं. अपनी रीढ़ की हड्डी को झुकाएं और अपनी गर्दन को आसमान की ओर ऊपर उठाएं. अब सांस छोड़ें और अपने पेट को अंदर खींचें. अपनी रीढ़ की हड्डी को ऊपर की ओर गोल करें. अब अपनी ठुड्डी को अपनी छाती से छूने की कोशिश करें. सांस लेते हुए इसी तरह 8-10 बार दोहराएं.

ताड़ासन

ताड़ासन घुटने के जोड़ों को मजबूत करने और बैलेंस सुधारने के लिए फायदेमंद आसन है. “ताड़” का मतलब है ताड़ का पेड़. यह आसन जांघों और घुटने की मसल्स को स्ट्रेच करता है, जिससे घुटने का दर्द कम होता है. यह उन लोगों की राहत देता है, जो घुटने के दर्द से परेशान रहते हैं.

आसन करने का तरीका: सबसे पहले जमीन पर सीधे खड़े हो जाएं. अपने पैरों को 2-3 इंच दूर रखें और अपना वजन दोनों पैरों पर बराबर बैलेंस करें. अब अपनी उंगलियों को आपस में फंसा लें और अपने हाथों को अपने सिर के ऊपर इस तरह उठाएं कि हथेलियां आसमान की तरफ हों. अब गहरी सांस लेते हुए अपनी बाहों को पूरी तरह ऊपर की ओर फैलाएं. साथ ही अपनी एड़ियों को जमीन से ऊपर उठाएं, सिर्फ अपने पंजों पर बैलेंस बनाएं. अपने पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचें और अपने सामने किसी पॉइंट पर ध्यान लगाकर बैलेंस बनाए रखें. इस पोजिशन में 20-30 सेकंड तक रहें. अब सांस छोड़ें और धीरे-धीरे अपनी एड़ियों को वापस जमीन पर लाएं और अपने हाथों को नीचे करें.

धनुरासन

धनुरासन मोटापा कम करने और पेट की चर्बी पिघलाने के लिए बहुत अच्छा है. इस आसन को करते समय, शरीर एक तना हुआ धनुष जैसा दिखता है. यह आसन पूरे पेट, जांघों और छाती की मांसपेशियों को खींचता है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है.

आसन करने का तरीका: इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक चटाई पर पेट के बल सीधे लेट जाएं. दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ें और अपनी टखनों को अपने हिप्स के पास लाएं. अब अपने हाथों को पीछे ले जाएं और अपनी टखनों को मजबूती से पकड़ें. गहरी सांस लें. अपनी सांस रोकते हुए अपनी छाती और जांघों को जमीन से ऊपर उठाएं. आपका पूरा शरीर सिर्फ आपके पेट पर टिका होना चाहिए. अपने शरीर को जितना हो सके ऊपर की ओर खींचें और अपनी नजर आगे की ओर रखें. इस पोजिशन में 15-20 सेकंड तक रहें. इसके बाद फिर सांस छोड़ें और धीरे-धीरे अपनी छाती और पैरों को जमीन पर नीचे लाएं, अपनी टखनों को छोड़ें, और आराम करें.

शलभासन

शलभासन का नाम टिड्डे “शलभ” के नाम पर रखा गया है. यह आसन पेट के निचले हिस्से, कूल्हों और जांघों की ज्यादा चर्बी को टोन करने में बहुत मददगार है. यह पेट की मांसपेशियों को टाइट करता है, जिससे पाचन बेहतर होता है और शरीर का वजन भी कम होता है.

आसन करने का तरीका: इसे करने के लिए सबसे पहले जमीन पर चटाई बिछाकर पेट के बल सीधे लेट जाएं. अपने पैरों को सीधा और एक-दूसरे से सटाकर रखें. दोनों हाथों को अपनी जांघों के नीचे दबाएं और हथेलियां जमीन या आसमान की ओर हों. अपनी ठुड्डी को जमीन पर टिकाकर रखें. अब एक लंबी- गहरी सांस लें. इसके बाद सांस को रोकते हुए, अपने घुटनों को मोड़े बिना दोनों पैरों को हवा में जितना हो सके उतना ऊपर उठाएं. आपकी ठुड्डी जमीन से नहीं उठनी चाहिए. अपने पैरों को हवा में रखते हुए 10-15 सेकंड तक इसी पोजिशन में रहें. अब सांस छोड़ें और धीरे-धीरे अपने पैरों को नीचे करें. अपने हाथों को अपनी जांघों के नीचे से हटाकर आराम करें.

बालासन और शवासन

बालासन और शवासन करने से मानसिक तनाव कम होता है और शरीर को आराम मिलता है. बालासन से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शांति मिलती है. वहीं शवासन से नर्वस सिस्टम रिलैक्स हो जाता है.

बालासन का तरीका: बालासन करने के लिए घुटनों के बल बैठकर एड़ियों पर बैठें. आगे झुकें, अपना माथा जमीन पर टिकाएं और अपनी बाहों को सामने की ओर सीधा फैलाएं. धीरे-धीरे गहरी सांस लें और छोड़ें. 20-30 सेंकड ऐसे ही रहें, फिर वापस अपनी पोजिशन में आ जाएं.

शवासन सबसे आसान होता है. इसके करने के लिए आप पूरी तरह से रिलैक्स पोजिशन में पीठ के बल लेट जाएं. अपने हाथों को सीधा रखें. इससे मेंटल स्ट्रेस कम करने और शरीर को आराम देने में मदद मिलती है. इसके अलावा आप सूर्य नमस्कार और अनुलोम-विलोम की प्रैक्टिस करने से भी मन को शांति मिलती है.

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