US-China Controversy : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2020 के चुनाव में चीन के हस्तक्षेप करने का बड़ा खुलासा किया था. उन्होंने अमेरिका की खुफिया एजेंसी FBI और CIA पर आरोप लगाया था कि चीनी हस्तक्षेप की जानकारी को तत्कालीन राष्ट्रपति और कांग्रेस ने छिपाया. ट्रंप का कहना है कि 18 राज्यों के मतदाताओं का डेटा चीन ने चुराया था. अब इस आरोप पर चीन ने पलटवार किया है. बीजिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण धब्बा बताते हुए खारिज कर दिया. साथ ही निराधार आरोप लगाना बंद करने का भी आग्रह किया.
चीन अपने सिद्धांत पर टिका हुआ
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने ट्रंप के आरोप को लेकर कहा कि चीन न हमेशा अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से परेज किया है. वह आज भी इस सिद्धांत पर टिका है कि किसी भी आंतरिक मामलों में दखल नहीं देगा. उन्होंने कहा कि अमेरिकी चुनावों में उसकी न तो कोई दिलचस्पी है और न ही कभी हस्तक्षेप किया है. लिन ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात को अच्छी तरह से जानता है कि वह कौन-सा देश है जो आदतन दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल देता है. साथ ही दुनिया भर में सरकारों, व्यवसायों और आम नागरिकों की अंधाधुंध निगरानी करता है और बड़े पैमाने पर विदेशी नागरिकों का डेटा चुराता है.
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निराधार आरोप लगाना बंद करें
लिन ने कहा कि हम अमेरिकी नेतृत्व से आग्रह करते हैं कि वह अपने बयानों पर विचार करें. चीन के खिलाफ निराधार आरोपों को लगाना बंद करें और चुनावी मुद्दों पर हमें घसीटने से बचे. साथ ही चीन-अमेरिकी संबंधों को मजबूत करने का काम करें. बता दें कि ट्रंप ने मई में चीन का दौरा किया और शी के साथ बातचीत की. इसके बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों पक्ष स्थिर आर्थिक व्यापार संबंधों को बनाए रखने, विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करने और एक-दूसरे की चिंताओं को उचित रूप से संबोधित करने का महत्वपूर्ण आम सहमति पर पहुंचे.
जानें क्या बोले थे डोनाल्ड ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि गंभीर बात बताने वाली बात यह है कि जिन दस्तावेजों का दूसरा सेट जारी करने वाले हैं. उससे पता चलता है कि हमारी खुफिया एजेंसियों में मौजूद तथाकथित डीप स्टेट के लोगों ने चीन के कथित चुनावी हस्तक्षेप की गंभीरता से जुड़ी जानकारी को सक्रिय रूप से दबाने और कमतर दिखाने का काम किया. उन्होंने इस जानकारी को अमेरिकी राष्ट्रपति और जनता से छिपाकर रखी.
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News Source: PTI
