Benjamin Netanyahu on Gaza: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को कहा कि जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं छोड़ देता, तब तक इजरायली सेना गाजा में अपनी मौजूदा जगहों से पीछे नहीं हटेगी.
सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए, नेतन्याहू ने कहा कि चरमपंथी गुट के हथियार छोड़ने के लिए हाल ही में घोषित समझौते को लेकर इजरायल और ट्रंप प्रशासन के बीच मतभेद थे. इस समझौते में हमास से हथियार छोड़ने की शुरुआत करने और इजरायल से हमले रोकने और गाजा से पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई थी. यह अक्टूबर में हुए उस युद्धविराम समझौते का हिस्सा था, जिसने बड़े सैन्य अभियानों को तो खत्म कर दिया था, लेकिन अन्य मोर्चों पर यह समझौता रुका हुआ है.
ट्रंप प्रशासन के ड्राफ्ट से सहमत नहीं- नेतन्याहू
नेतन्याहू ने कहा कि हथियारों को खत्म करना सबसे जरूरी है, और इजरायली सेनाएं “अपनी, अपने इलाके और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा, वह करती रहेंगी.
नेतन्याहू ने कहा, “ट्रंप प्रशासन ने हमें एक ड्राफ्ट भेजा था. हम उससे सहमत नहीं थे. वह हमारा ड्राफ्ट नहीं है. हमने अपनी राय भेजी है.” “यही हमारा रुख है. हम अपने हितों के लिए मजबूती से खड़े हैं, और मेरा मानना है कि हम समझदारी और दृढ़ता के साथ ऐसा कर रहे हैं.”
शवों का सामूहिक अंतिम संस्कार
इससे पहले मंगलवार को, फिलिस्तीनी लोग 2023 में गाजा में हुए एक घातक इजरायली हमले में मारे गए 100 से ज्यादा लोगों के शवों के सामूहिक अंतिम संस्कार के लिए इकट्ठा हुए. हमास के साथ युद्ध शुरू होने के कुछ हफ्ते बाद, 22 नवंबर 2023 को गाजा शहर के सबरा इलाके में लड़ाकू विमानों ने रिहायशी इमारतों के एक ब्लॉक को पूरी तरह तबाह कर दिया था, जिसमें 300 से ज्यादा लोग मारे गए थे.
157 शव अभी भी नहीं मिल पाए
इसके कुछ ही समय बाद, साधारण औजारों और नंगे हाथों से की गई अफरातफरी भरी कोशिशों में लगभग 40 शव बरामद किए गए, लेकिन ज्यादातर शव मलबे के नीचे गहरे दबे हुए थे. युद्ध के सबसे घातक हमलों में से एक में मारे गए लोगों की बड़ी संख्या की जानकारी, पहली बार युद्ध-विराम से ठीक पहले मची अफरातफरी के कारण जनता तक पहुंचने में कई दिन लग गए.
हमास द्वारा संचालित गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली बचाव एजेंसी ‘सिविल डिफेंस’ के अनुसार, वीकेंड के दौरान बचाव कर्मियों ने नष्ट हो चुकी इमारतों की खुदाई की और 112 पीड़ितों के शव बरामद किए, जिनमें 40 बच्चे भी शामिल थे. एजेंसी ने बताया कि 157 शव अभी भी नहीं मिल पाए हैं.
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News Source: PTI
