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अंधेरे में डूबा कराची : भीषण बिजली संकट से व्यापार और कारोबार पूरी तरह ठप, ठहर गई जिंदगी

by Sanjay Kumar Srivastava 10 October 2026, 2:10 PM IST (Updated 10 October 2026, 2:15 PM IST)
10 October 2026, 2:10 PM IST (Updated 10 October 2026, 2:15 PM IST)
अंधेरे में डूबा कराची: भीषण बिजली संकट से व्यापार और कारोबार पूरी तरह ठप, ग्रिड स्टेशनों के मुख्य फीडर बंद

Power Crisis: पाकिस्तान का सबसे बड़ा औद्योगिक और व्यापारिक शहर कराची इस समय भीषण बिजली संकट की चपेट में है. बिजली की भारी कटौती के कारण पूरे शहर में व्यापारिक गतिविधियां और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह ठप हो गए हैं, जिससे चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है. बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनी K-Electric ने पूरे शहर में चरणबद्ध तरीके से बिजली कटौती करने की घोषणा की है.

LNG की कमी और ओवरलोडिंग ने बढ़ाई मुसीबत

कंपनी के मुताबिक, बिजली के बुनियादी ढांचे पर ओवरलोडिंग और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की भारी कमी के कारण उनके पावर नेटवर्क पर दबाव बेहद बढ़ गया है. इस संकट से निपटने के लिए कंपनी ने अलग-अलग चरणों में कम से कम एक-एक घंटे की घोषित बिजली कटौती की योजना बनाई है. इसके अलावा, ग्रिड स्टेशनों से जुड़े कई मुख्य फीडर बंद कर दिए गए हैं, जिससे शहर के बड़े हिस्से में अंधेरा छा गया है. कराची के निवासी पहले से ही बिजली की अनियमित आपूर्ति से परेशान थे, और अब इस नए फैसले ने उनकी चिंताओं को और बढ़ा दिया है. वितरण प्रणाली बढ़ते लोड को संभालने में पूरी तरह नाकाम हो गई है.

पॉश इलाके भी प्रभावित

प्रभावित इलाकों में सदर, क्लिफ्टन, डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी (DHA) और कोरंगी शामिल हैं, जहां निवासियों को बिजली आपूर्ति न होने से अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है. यह समस्या ओरंगी, लियाकताबाद, नॉर्थ कराची, नॉर्थ नाजिमाबाद, मालिर, लांधी, SITE, बाल्डिया और मारीपुर तक भी फैल गई है. इन इलाकों के निवासियों ने बिजली कटौती की सूचना दी है. गुलशन-ए-इकबाल, गुलिस्तान-ए-जौहर, गुलशन-ए-हदीद और स्कीम 33 जैसे पॉश इलाके भी बिजली कटौती से प्रभावित हुए हैं, जबकि पुराने शहर के इलाके और रज्जाकाबाद के कुछ हिस्सों में गंभीर बिजली कटौती हुई है.

बिजली कटौती पर NEPRA सख्त

इस बीच, नेशनल इलेक्ट्रिक पावर रेगुलेटरी अथॉरिटी (NEPRA) ने K-Electric के खिलाफ फीडर पर कुल तकनीकी और वाणिज्यिक (ATC) नुकसान के आधार पर लोड-शेडिंग करने की उसकी प्रक्रिया को लेकर कार्रवाई की है. NEPRA ने ऐसी लोड-शेडिंग को अवैध घोषित किया है और K-Electric को निर्देश दिया है कि वह फीडर के नुकसान के आधार पर की जाने वाली बिना सूचना के बिजली कटौती को तुरंत बंद करे. रेगुलेटर का कहना है कि जो उपभोक्ता नियमित रूप से अपने बिजली बिल का भुगतान करते हैं, उनकी आपूर्ति केवल इसलिए नहीं रोकी जानी चाहिए कि वे अधिक नुकसान वाले फीडर से जुड़े हैं.

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News Source: ANI

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