Home Latest News & Updates गुजरात में चांदीपुरा वायरस को लेकर हाई लेवल मीटिंग, अब तक 63 संदिग्ध केस; 12 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि

गुजरात में चांदीपुरा वायरस को लेकर हाई लेवल मीटिंग, अब तक 63 संदिग्ध केस; 12 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि

by Sachin Kumar 20 July 2026, 5:10 PM IST (Updated 21 July 2026, 12:00 PM IST)
20 July 2026, 5:10 PM IST (Updated 21 July 2026, 12:00 PM IST)
High-level meeting Chandipura virus Gujarat

Gujarat News : गुजरात में चांदीपुरा वायरस के मामलों को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है. स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया की अध्यक्षता में सोमवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इसमें राज्य के विभिन्न जिलों में सामने आए मामलों, वायरस के फैलाव, जांच व्यवस्था और नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिन क्षेत्रों में चांदीपुरा वायरस के मामले सामने आए हैं. वहां विशेष निगरानी रखी जाए.

63 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए

साथ ही संक्रमण के वास्तविक स्रोत का पता लगाने के लिए प्रत्येक मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री और केस हिस्ट्री की गहन जांच की जाए, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को समय रहते रोका जा सके. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक चांदीपुरा वायरस के कुल 63 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से 12 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. पॉजिटिव मामलों में 9 मरीज गुजरात के हैं, जबकि 3 मरीज राजस्थान के निवासी हैं, जिनका उपचार गुजरात में किया गया. कुल 63 संदिग्ध नमूनों में से 55 की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जबकि 8 नमूनों की रिपोर्ट अभी आना बाकी है.

ऐसी ही जिलेवार स्थिति

जिलेवार स्थिति की बात करें तो गुजरात में सामने आए पॉजिटिव मामलों में पंचमहल और खेड़ा जिले में दो-दो मामले, जबकि साबरकांठा, मेहसाणा, भरूच, भावनगर और अहमदाबाद नगर निगम क्षेत्र में एक-एक मामला दर्ज किया गया है. समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां भी संक्रमण के मामले सामने आए हैं, वहां तत्काल विशेष निगरानी, घर-घर स्वास्थ्य सर्वे और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. प्रभावित क्षेत्रों में कच्चे और पक्के मकानों सहित हजारों घरों में स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया गया है.

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डस्टिंग अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा

चांदीपुरा वायरस के वाहक माने जाने वाले सैंडफ्लाई और अन्य कीटों के नियंत्रण के लिए प्रभावित इलाकों, विशेष रूप से कच्चे मकानों और पशुओं के बाड़ों के आसपास बड़े पैमाने पर डस्टिंग अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है. इसके अलावा सभी जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में बच्चों के लिए ICU बेड, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने कहा कि सामान्यतः मानसून के मौसम से लेकर सितंबर महीने तक चांदीपुरा वायरस की सक्रियता अधिक देखी जाती है. यह वायरस मुख्य रूप से छोटे बच्चों को प्रभावित करता है. ऐसे में यदि किसी बच्चे को अचानक तेज बुखार, दौरे पड़ना, उल्टी-दस्त, बेहोशी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हैं तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सावधानी बरतते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए. सरकार संक्रमण को रोकने और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए हर आवश्यक कदम उठा रही है.

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