Trade Delegation: कनाडा ने भारत के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. देश के इंटरनेशनल ट्रेड मिनिस्टर मनिंदर सिद्धू ने घोषणा की है कि अगले हफ्ते लगभग 300 कनाडाई बिजनेस प्रतिनिधि ‘टीम कनाडा ट्रेड मिशन’ के तहत भारत का दौरा करेंगे. इस मिशन का मुख्य उद्देश्य नए व्यावसायिक अवसरों की खोज करना और निवेश को आकर्षित करना है. कनाडा का लक्ष्य साल 2030 तक भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को दोगुने से अधिक बढ़ाकर 70 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है. सिद्धू के अनुसार, यह पहल कनाडाई विशेषज्ञता को भारत के तेजी से बढ़ते बाजार से जोड़कर दोनों देशों में व्यापार विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी.
रोजगार और नए निवेश पर नजर
कनाडा के इंटरनेशनल ट्रेड मिनिस्टर मनिंदर सिद्धू ने कहा कि लगभग 300 कनाडाई बिज़नेस प्रतिनिधि ‘टीम कनाडा ट्रेड मिशन’ में शामिल हो रहे हैं, जिसका नेतृत्व मैं अगले हफ़्ते भारत में करूंगा. इसका मकसद दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते बाज़ारों में से एक में हमारे व्यवसायों और कर्मचारियों के लिए नए मौके तलाशना है. उन्होंने एयरोस्पेस, एग्री-फ़ूड और क्लीन टेक्नोलॉजी जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ज़ोर दिया, जहां कनाडाई क्षमताएं भारत की बढ़ती मांग को पूरा कर सकती हैं और ज़्यादा कमर्शियल जुड़ाव व नए निवेश के लिए गुंजाइश बना सकती हैं. उन्होंने कहा कि एयरोस्पेस, एग्री-फ़ूड और क्लीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में कनाडाई विशेषज्ञता को भारत की बढ़ती मांग के साथ जोड़कर हम अपने व्यापार में विविधता लाएंगे और नए निवेश को आकर्षित करेंगे. यह मिशन कनाडा की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा है जिसके तहत वह अपने व्यापारिक संबंधों में विविधता लाना चाहता है और भारत के साथ आर्थिक जुड़ाव बढ़ाना चाहता है.
कनाडाई विशेषज्ञता को मिलेगा भारत का विशाल बाजार
सिद्धू ने कहा कि यह पहल 2030 तक भारत के साथ व्यापार को दोगुने से ज़्यादा बढ़ाकर 70 अरब अमेरिकी डॉलर करने के कनाडा के लक्ष्य में योगदान देगी. उन्होंने कहा कि इसी तरह हम 2030 तक भारत के साथ अपने व्यापार को दोगुने से ज़्यादा बढ़ाकर 70 अरब अमेरिकी डॉलर करेंगे. क्षेत्रीय सहयोग पर यह फोकस ऐसे समय में हो रहा है जब कनाडा भारतीय बाज़ार की मांग को पूरा करने के लिए एयरोस्पेस, फ़ूड और एग्रीकल्चर, और क्लीन टेक्नोलॉजी जैसे उद्योगों में अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाना चाहता है.
दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध होंगे और मजबूत
उम्मीद है कि यह मिशन कनाडाई व्यवसायों को इन क्षेत्रों में संभावित पार्टनरशिप और निवेश के मौकों को तलाशने के लिए एक मंच प्रदान करेगा. लगभग 300 प्रतिनिधियों की भागीदारी इस बात को बताती है कि कनाडा भारत के साथ अपने कमर्शियल जुड़ाव को बढ़ाने और अधिक विविध व्यापारिक संबंध बनाने को कितना महत्व दे रहा है. अगले हफ़्ते होने वाली यह यात्रा दोनों देशों के व्यवसायों के लिए आपसी हित के क्षेत्रों को तलाशने का एक अहम मौका होगी. इसका लंबे समय का मकसद इस दशक के आखिर तक दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के प्रवाह को बढ़ाना है.
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News Source: ANI
