Stock Market Updates: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई. पिछले ट्रेडिंग सेशन में गिरावट के बाद निवेशकों के चेहरे पर थोड़ी मुस्कान लौटी. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में खुले. सबसे ज्यादा चर्चा आईटी शेयरों की रही. अमेरिकी सरकार की कार्रवाई के बावजूद आईटी सेक्टर में जमकर खरीदारी देखने को मिली. कारोबार की शुरुआत में निफ्टी 50 करीब 70.55 अंक यानी 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,303.35 पर पहुंच गया. वहीं, बीएसई सेंसेक्स 154.5 अंक यानी 0.22 प्रतिशत चढ़कर 71,747.82 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा.
IT शेयरों में सबसे ज्यादा जोश
शुक्रवार को बाजार में आईटी सेक्टर ने सबका ध्यान खींचा. निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2.73 प्रतिशत की तेजी देखी गई. ये उछाल ऐसे टाइम आया, जब अमेरिका में कई बड़ी आईटी और आउटसोर्सिंग कंपनियों को लेकर बड़ा रेगुलेटरी कदम उठाया गया है. आईटी सेक्टर के अलावा भी बाजार के ज्यादातर बड़े सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली. निफ्टी एफएमसीजी में 0.96 प्रतिशत की बढ़त रही. निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.56 प्रतिशत चढ़ा. निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.47 प्रतिशत की तेजी आई. इसके अलावा निफ्टी मेटल 0.26 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 0.22 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा. यानी शुक्रवार को बाजार में कई सेक्टरों में खरीदारी का माहौल रहा. हालांकि, बाजार की ये तेजी आगे भी कायम रहेगी या नहीं, ये आने वाला टाइम ही बताएगा.
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IT कंपनियों की परेशानी
अमेरिका के लेबर मिनिस्टर कीथ सॉन्डरलिंग ने गुरुवार को घोषणा की कि सरकार कुछ बड़ी आईटी और आउटसोर्सिंग कंपनियों को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से सस्पेंड कर रही है. इस लिस्ट में कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी जैसी कंपनियों के नाम शामिल बताए गए. अमेरिकी टेक कंपनियों माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी पर भी कार्रवाई की गई है. अमेरिकी लेवर डिपार्टमेंट के मुताबिक, ये कदम चल रही संघीय जांचों की वजह से उठाया गया है. इससे भारतीय आईटी कंपनियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं.
तेल और विदेशी निवेशकों
शेयर बाजार की तेजी के बीच कुछ ऐसे हिंट भी हैं, जो निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं. कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड का हाई लेवल बाजार पर दबाव डाल रहे हैं. फिलहाल ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.13 प्रतिशत गिरकर 103.10 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई थी. हालांकि, तेल की कीमतों का लेवल अब भी बाजार के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है. इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की लगातार बिकवाली ने बाजार को कमजोर किया है. अक्टूबर में अब तक विदेशी निवेशक एक्सचेंजों के जरिए करीब 36,210 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके थे.
एशियाई बाजारों का हाल
शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला. जापान का निक्केई 0.58 प्रतिशत गिरकर 68,640 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.16 प्रतिशत बढ़कर 5,385 पर पहुंच गया. हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स में 0.96 प्रतिशत की तेजी रही. ये 24,015 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, ताइवान और साउथ कोरिया के बाजार छुट्टी की वजह से बंद थे.
News Source: ANI
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