Ukraine drone attack on Russia: दुनिया में सबसे अधिक समय तक चलने वाले युद्ध और संघर्ष में एक नाम है रूस-यूक्रेन युद्ध का. इस संघर्ष को लगभग पांच साल होने को हैं, लेकिन इन दोनों देशों के बीच शांति समझौता अभी तक नहीं हो पाया है.
इस बीच रूस पर यूक्रेन के द्वारा एक और हमले की खबर आई है. जी हां, मिली जानकारी के अनुसार, यूक्रेन ने रूस की प्रमुख तेल रिफाइनरी पर भीषण ड्रोन हमला किया है. यह हमला रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन के उस बयान के बावजूद किया गया है, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि उनके यहां तेल की कमी पाई गई है. हमले में एक व्यक्ति की मरने और एक की घायल होने की सूचना है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
तेल रिफाइनरी में आग से व्यक्ति की मौत
यूक्रेनी ड्रोन ने रूस की एक प्रमुख रिफाइनरी में आग लगा दी. इस बीच, क्षेत्रीय गवर्नर वेनियामिन कोंड्राटयेव के अनुसार, कब्जे वाले क्रीमिया के पूर्व में स्थित रूस के क्रास्नोदार क्षेत्र के स्लाव्यान्स्क-ना-कुबानी शहर में एक रिफाइनरी में यूक्रेन के गिराए गए ड्रोन के मलबे से आग लग गई. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि मलबे के गिरने से स्लाव्यान्स्क में एक व्यक्ति की मौत हो गई और पास के एक गांव में एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया.
संचालक की वेबसाइट के अनुसार, यह संयंत्र दक्षिणी रूस की प्रमुख रिफाइनरियों में से एक है, जो प्रति वर्ष लगभग 40 लाख टन कच्चे तेल की रिफाइनिंग करता है. यह ईंधन तेल, नेफ्था और समुद्री ईंधन सहित रूस के काला सागर बंदरगाहों के माध्यम से निर्यात किए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों का भी एक प्रमुख स्रोत है.
शांति की दिशा में एक और कदम- जेलेंस्की
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन ने रूस पर अपना भारी ड्रोन हमला जारी रखा है और दक्षिण में एक प्रमुख तेल रिफाइनरी में आग लगा दी है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने यह दावा किया कि यूक्रेनी सीमा से लगभग 700 किलोमीटर (435 मील) दूर यारोस्लाव क्षेत्र में स्थित एक अन्य रूसी रिफाइनरी को रात के समय हुए हमलों के दौरान निशाना बनाया गया था.
जेलेंस्की ने रविवार को टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर लिखा, “हमारे दीर्घकालिक प्रतिबंध रूस की दो तेल रिफाइनरियों तक पहुंच गए हैं. प्रत्येक (हमले) का मतलब रूसी युद्ध मशीन को ईंधन देने वाले संसाधनों में कमी और शांति की दिशा में एक और कदम है.”
बता दें कि हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूसी सैन्य उद्योगों और ऊर्जा सुविधाओं पर अपने लंबी दूरी के हमलों को काफी तेज कर दिया है. इसका उद्देश्य मास्को के आक्रमण (जो अब अपने पांचवें वर्ष में है) के राजस्व को कम करना और रूसियों को इसके परिणाम भुगतने के लिए मजबूर करना है.
यूक्रेनी हमलों का मकसद रूसी समाज को बांटना- पुतिन
वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को पहली बार स्वीकार किया कि देश ईंधन की निश्चित कमी का सामना कर रहा है और उन्होंने तेल सुविधाओं की सुरक्षा को मजबूत करने और ईंधन उत्पादन बढ़ाने का वादा किया.
पुतिन का कहना है कि यूक्रेनी हमलों का मकसद रूसी समाज को बांटना है. रूसी सरकारी टीवी के एक रिपोर्टर से बात करते हुए, पुतिन ने तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेनी हमलों को “रूसी समाज में फूट डालने और रूस को संपर्क रेखा के साथ अपनी सेनाओं की प्रगति को, भले ही थोड़े समय के लिए ही सही, रोकने के लिए मजबूर करने और हमारे प्रतिद्वंद्वी के लिए लाभकारी शर्तों पर बातचीत की प्रक्रिया शुरू करने के लिए परिस्थितियां बनाने” का प्रयास बताया. पुतिन ने कहा, “हम उन्हें यह मौका नहीं देंगे.”
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News Source: PTI
