Haryana News : नशा कुछ घंटों का होता है, लेकिन नशे में वाहन चलाने की एक छोटी सी गलती जिंदगी भर का दर्द दे सकती है. सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और लोगों की जान बचाने के लिए पंचकूला पुलिस ने ऑपरेशन सेफ्टी के तहत नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. पिछले 7 महीनों में पुलिस ने जिले में 3,178 चालकों के चालान काटे, जबकि गंभीर लापरवाही बरतने वाले 227 वाहनों को जब्त किया.
देर रात नाकाबंदी, एल्कोसैंसर से जांच
पंचकूला ट्रैफिक पुलिस की ओर से शहर के प्रमुख और संवेदनशील मार्गों पर देर रात विशेष नाकाबंदी की जा रही है. इस दौरान संदिग्ध वाहन चालकों की आधुनिक एल्कोसैंसर मशीनों के जरिए जांच की जाती है. शराब के नशे में वाहन चलाते पाए जाने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 7 महीनों में 3,178 चालान किए गए हैं यानी औसतन हर महीने करीब 454 चालान और प्रतिदिन लगभग 15 चालान नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ किए गए. वहीं, गंभीर मामलों में 227 वाहनों को इंपाउंड किया गया. सात महीनों का औसत देखें तो हर महीने करीब 32 वाहन जब्त किए गए हैं.
DCP ने दी सख्त चेतावनी
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह ने नशे में वाहन चलाने वालों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क पर की गई एक छोटी सी लापरवाही किसी हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में छीन सकती है. शराब पीकर वाहन चलाना सिर्फ यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि अपनी और दूसरों की जिंदगी को खतरे में डालने जैसा है. उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे नशे को नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की जिंदगी को प्राथमिकता दें.
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पुलिस कमिश्नर का युवाओं को संदेश
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर पंचकूला के पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने युवाओं से विशेष अपील की. उन्होंने कहा कि जब भी कोई व्यक्ति नशा करके ड्राइविंग सीट पर बैठे, तो उसे एक बार अपने परिवार के बारे में जरूर सोचना चाहिए. घर पर परिवार उसका इंतजार कर रहा होता है.
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि नशा कुछ घंटों का होता है, लेकिन हादसे का दर्द जिंदगी भर का हो सकता है. उन्होंने युवाओं से सड़क पर हुड़दंगबाजी, तेज रफ्तार और खतरनाक स्टंट से बचने की अपील की.
तेज रफ्तार और नशा हादसों की बड़ी वजह
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के अनुसार घातक सड़क हादसों की जांच में कई मामलों में चालक का तेज गति से वाहन चलाना और नशे में होना प्रमुख कारणों के रूप में सामने आता है. ऐसे में पुलिस का फोकस नशे में ड्राइविंग के साथ-साथ खतरनाक ड्राइविंग पर भी है.
पुलिस का कहना है कि सड़क पर थोड़ी सी सावधानी किसी बड़े हादसे को रोक सकती है. युवाओं से यातायात नियमों का पालन करने और पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है.
स्टेयरिंग से पहले परिवार को याद करें
पंचकूला पुलिस ने साफ किया है कि ऑपरेशन सेफ्टी के तहत नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. पुलिस का मकसद सिर्फ चालान करना नहीं, बल्कि सड़क हादसों को रोकना और लोगों की जिंदगी सुरक्षित करना है. पुलिस का संदेश साफ है कि नशा करने के बाद स्टेयरिंग न थामें. घर से निकलते समय यह जरूर सोचें कि कोई आपका इंतजार कर रहा है, क्योंकि नशा उतर जाता है, लेकिन हादसे के बाद जिंदगी हमेशा के लिए बदल सकती है.
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