US Iran Negotiation: पश्चिम एशिया में युद्ध को समाप्त करने के लिए रविवार को स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच हाई लेवल मीटिंग की शुरुआत हुई थी. हालांकि, अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और उसपर ईरान की प्रतिक्रियाओं के बाद इस बातचीत को समाप्त कर दिया गया है.
जानकारी के मुताबिक, ईरान युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से स्विट्जरलैंड में चल रही उच्च स्तरीय वार्ता सोमवार तड़के समाप्त हो गई है. सप्ताह के बाकी दिनों में निम्न स्तरीय वार्ता की योजना बनाई गई है क्योंकि ईरान और अमेरिका लेबनान में चल रही लड़ाई को संबोधित करने के लिए एक “संघर्ष-निवारण प्रकोष्ठ” (De-confliction cell) बनाने पर सहमत हुए हैं. मध्यस्थ पाकिस्तान और कतर के एक बयान में कहा गया है कि इस समूह में लेबनानी सरकार शामिल होगी और यह “लेबनान में सैन्य अभियानों की समाप्ति का पालन सुनिश्चित करेगा.”
ईरानी विदेश मंत्री ने दी वार्ता समाप्ति की जानकारी
वार्ता की समाप्ति की जानकारी ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दी है. उन्होंने सोमवार तड़के स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के बाद पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने “महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है.” अब्बास अराघची ने X पर लिखा “पाकिस्तान, कतर और ईरान तीनों ने उच्च स्तरीय वार्ता के पहले दौर के समाप्त होने की पुष्टि कर दी है.” हालांकि अमेरिका ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
लेबनान में जारी संघर्ष से वार्ता में तनाव
अपने मैसेज में, ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि हुए समझौतों की पहली वास्तविक परीक्षा लेबनान में इजरायल और ईरान समर्थित मिलिशिया हिजबुल्लाह के बीच चल रही लड़ाई को लेकर बनाई गई संघर्ष-समाधान पद्धति होगी. ईरान ने वार्ता की सफलता को वहां चल रही लड़ाई के अंत से जोड़ दिया है.
वहीं, इजरायल का कहना है कि वह लेबनानी क्षेत्र पर अपना कब्जा जारी रखेगा और उसे हिजबुल्लाह से लड़ने की पूरी छूट मिलनी चाहिए, जिसने उत्तरी इजरायल पर हमले किए हैं. इन वार्ताओं के साथ ही ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए एक स्थायी समझौते तक पहुंचने हेतु 60 दिवसीय राजनयिक प्रक्रिया की शुरुआत हुई. लेकिन लेबनान में जारी लड़ाई अभी भी प्रमुख अड़चनों में से एक है.
स्थगित के बाद अब समाप्त हुई बातचीत
ट्रंप की धमकियों और ईरान की प्रतिक्रिया के बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा अपमानजनक बातें लिखी जाने के बाद वार्ता कठिन दौर में प्रवेश कर गई और स्थगित कर दी गई. सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने कतरी मध्यस्थों से मुलाकात की और बातचीत वाली जगह से चले गए.
वैंस और अमेरिकी वार्ताकारों, जिनमें स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल थे, ने कलीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अरघची से मुलाकात की, जो ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार लगभग 80 मिनट तक चली. यह स्पष्ट नहीं था कि वे दोबारा कब मिलेंगे. वार्ता में शामिल एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक के अनुसार, वार्ताकार रात भर काम करने की उम्मीद कर रहे थे. हालांकि, आज सोमवार सुबह स्विट्डरलैंड में ईरान-अमेरिका की वार्ता को समाप्त करने की जानकारी दी गई.
ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर क्या कहा था?
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर कहा था, “ईरान को लेबनान में अपने ऊंचे वेतनभोगी गुर्गों द्वारा फैलाई जा रही गड़बड़ी को तुरंत रोकना चाहिए.” उन्होंने आगे कहा था, “अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से बहुत बड़ा हमला करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले हफ्ते किया था, बल्कि उससे भी ज्यादा बड़ा हमला करेंगे!!!”
ट्रंप को अपने बयानों को लेकर सावधान रहना चाहिए- ईरान
वहीं, ट्रंप की इस धमकी पर ईरान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी. ट्रंप की टिप्पणियों के बाद, ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर कलीबाफ (Mohammad Bagher Qalibaf) ने सोशल मीडिया X पर कहा, “उन्हें (ट्रंप)अपने बयानों को लेकर सावधान रहना चाहिए.” कहा, “हमारी सशस्त्र सेनाएं उन्हें अलग तरीके से जवाब देने के लिए तैयार हैं. वे चाहे जितनी बातें करते रहें, कार्रवाई तो हम ही करेंगे.”
‘…हम ईरान पर फिर से बहुत बड़ा हमला करेंगे’, ट्रंप की धमकियों से यूएस-ईरान वार्ता तनाव!
News Source: PTI
