US Iran Deal: पश्चिम एशिया में शांति को बनाए रखने के लिए स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौते को लेकर हो रही बातचीत बहुत ही खास है. इस डील पर भारत समेत दुनिया के तमाम देशों की नजर है. स्विट्जरलैंड में पाकिस्तानी, कतर की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर को लेकर बातचीत चल रही है. इस बीच अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा हमले की धमकियों ने इस वार्ता में तनाव लाने का काम किया है. इतना ही नहीं इस डील में कुछ ऐसे मुद्दें हैं, जिससे खासकर के अमेरिका असहज होता दिख रहा है.
बता दें कि बीते दिनों जी7 समिट में भाग लेने फ्रांस गए अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने ईरान-अमेरिका डील को लेकर एक MoU पर साइन किया था. उसी समय ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेश्कियन और मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने भी हस्ताक्षर किए थे. यह डिजिटली रूप से डील को अंतिम रूप देने में एक बड़ा कदम उठाया गया था. इसके बाद स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर समारोह का आयोजन किया, लेकिन अभी माहौल गरम दिख रहा है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
ईरान-यूएस की बातचीत तनावपूर्ण
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध को समाप्त करने के लिए रविवार को स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच एक हाई लेवल मीटिंग की शुरुआत हुई. इसमें मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. जानकारी के अनुसार, रविवार को यूएस और ईरान के बीच अंतरिम समझौते को पूरा करने के लिए शुरू हुई यह बातचीत तनावपूर्ण रही, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हमले की धमकी दी थी और ईरान के राष्ट्रपति को अपने शब्दों पर ध्यान देने की चेतावनी दी थी. अमेरिका के इस रवैये पर ईरान ने आपत्ति जताई. इसके बाद वार्ताकारों के रात भर काम करने की उम्मीद रही.
इन मुद्दों पर फंसा पेंच
सोशल मीडिया और समाचार आउटलेट्स पर की गई टिप्पणियों ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और मध्यस्थ पाकिस्तान व कतर द्वारा ईरान को तेहरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य और अरबों डॉलर की ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करने जैसे जटिल मुद्दों पर चर्चा में शामिल रखने के प्रयासों को जटिल बना दिया. हालांकि, सबसे पहले ईरान लेबनान पर चर्चा करना चाहता है, जहां इजरायल की सेना ईरान समर्थित हिजबुल्लाह आतंकवादी समूह से लड़ रही है, क्योंकि इस समझौते से सभी मोर्चों पर संघर्ष रुक गया है.
हम ईरान पर फिर से बहुत बड़ा हमला करेंगे- ‘ट्रंप
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान को लेबनान में अपने ऊंचे वेतनभोगी गुर्गों द्वारा फैलाई जा रही गड़बड़ी को तुरंत रोकना चाहिए.” उन्होंने आगे कहा, “अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से बहुत बड़ा हमला करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले हफ्ते किया था, बल्कि उससे भी ज्यादा बड़ा हमला करेंगे!!!”
ट्रंप को अपने बयानों को लेकर सावधान रहना चाहिए- ईरान
वहीं, ट्रंप की इस धमकी पर ईरान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी. ट्रंप की टिप्पणियों के बाद, ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बगेर कलीबाफ (Mohammad Bagher Qalibaf) ने सोशल मीडिया X पर कहा, “उन्हें (ट्रंप)अपने बयानों को लेकर सावधान रहना चाहिए.” कहा, “हमारी सशस्त्र सेनाएं उन्हें अलग तरीके से जवाब देने के लिए तैयार हैं. वे चाहे जितनी बातें करते रहें, कार्रवाई तो हम ही करेंगे.”
ईरान-अमेरिका डील की वार्ता स्थगित!
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा अपमानजनक बातें लिखी जाने के बाद वार्ता कठिन दौर में प्रवेश कर गई और स्थगित कर दी गई. सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने कतरी मध्यस्थों से मुलाकात की और बातचीत वाली जगह से चले गए.
वैंस और अमेरिकी वार्ताकारों, जिनमें स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल थे, ने कलीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अरघची से मुलाकात की, जो ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार लगभग 80 मिनट तक चली. यह स्पष्ट नहीं था कि वे दोबारा कब मिलेंगे. वार्ता में शामिल एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक के अनुसार, वार्ताकार रात भर काम करने की उम्मीद कर रहे थे.
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News Source: PTI
