US Iran War: पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की बजाय और बढ़ते जा रहा है. इस बढ़ते तनाव की वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हमले हैं. अमेरिका ने कहा है कि ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को लगातार निशाने पर ले रहा है और उनपर हमला कर दे रहा है. इसको देखते हुए अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर एक बार फिर से हमला किया है.
मिली जानकारी के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक मालवाहक जहाज पर ईरान द्वारा किए गए हमले के जवाब में अमेरिका ने रविवार को ईरान पर कई हमलों की बौछार की. जहाज पर हमले के बाद उसमें आग लग गई थी और एक चालक दल का सदस्य लापता हो गया था.
वहीं, अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान पर हमले करके जवाबी कार्रवाई की है. ओमान जलडमरूमध्य के दूसरी ओर स्थित वह देश है जिस पर तेहरान ने जहाजरानी यातायात प्रबंधन में सहयोग करने के लिए दबाव डाला है.
At 5 p.m. ET today, U.S. Central Command forces began launching more strikes against Iran to continue degrading their ability to attack civilian mariners and commercial ships freely transiting the Strait of Hormuz. The Commander in Chief has directed the strikes to hold Iranian…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 12, 2026
ईरान के खिलाफ और हमले शुरू- अमेरिका
13 जुलाई को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 2 बजकर 47 मिनट पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर ईरान पर हमले की जानकारी दी. यूएस सेना ने अपनी पोस्ट में लिखा, “आज शाम 5 बजे पर (अमेरिकी समयानुसार), U.S. सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने ईरान के खिलाफ और हमले शुरू कर दिए ताकि होर्मुज स्ट्रेट से आसानी से गुजरने वाले आम नाविकों और कमर्शियल जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता को कम किया जा सके.” सेना ने आगे कहा, “कमांडर इन चीफ ने ईरानी सेनाओं को जिम्मेदार ठहराने के लिए हमलों का निर्देश दिया है.”
बता दें कि अमेरिकी सेना का यह बयान रविवार देर रात और सोमवार की सुबह ईरान में हुए तीसरे दौर के हमलों के बाद आया है.
तेहरान और वाशिंगटन वार्ता पर संकट
वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया ने सोमवार तड़के हुई गोलीबारी की पुष्टि की, लेकिन जलडमरूमध्य के पास के इलाकों में किसी के हताहत होने या नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं दी. यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि किसी सैन्य लक्ष्य को निशाना बनाया गया है या नहीं.
रविवार सुबह शुरू हुए हमलों की पहली लहर, एक दिन पहले ईरान द्वारा महत्वपूर्ण जलमार्ग में एक कंटेनर जहाज पर किए गए हमले के जवाब में थी. इसके जवाब में, ईरान ने खाड़ी अरब देशों पर हमले किए, जिससे हिंसा का एक बढ़ता हुआ चक्र शुरू हुआ और युद्ध को समाप्त करने के लिए तेहरान और वाशिंगटन के बीच चल रही बातचीत टूटने की कगार पर पहुंच गई. इस वार्ता पर संकट दिख रहा है.
दर्जनों टारगेट पर सटीक हथियारों से हमला- यूएस
ईरान पर हमले पूरे करने के बाद यूएस सेंट्रल कमांड ने इसकी जानकारी (भारतीय समयानुसार सोमवार सुबह 8 बजकर 3 मिनट पर) भी एक्स हैंडल पर दी है. यूएस सेंट्रल कमांड के आधिकारिक एक्स हैंडल पर बताया गया, “U.S. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 12 जुलाई को ईरान के खिलाफ नए हमले पूरे किए. इसमें कई जगहों पर दर्जनों टारगेट पर सटीक हथियारों से हमला किया गया, ताकि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले इंटरनेशनल शिपिंग पर हमला जारी रखने की ईरान की काबिलियत कम हो सके.”
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 13, 2026
यूएस सेना ने आगे कहा, “CENTCOM फोर्स ने पहली बार US फाइटर एयरक्राफ्ट, नेवी के जहाज, वन-वे अटैक एरियल ड्रोन और वन-वे अटैक सी ड्रोन का इस्तेमाल करके ईरानी मिलिट्री एयर-डिफेंस सिस्टम, कोस्टल रडार साइट्स, मिसाइल और ड्रोन कैपेबिलिटी, और छोटी नावों पर हमला किया.”
‘कीमत चुकाने का वक्त आ गया’- गालिबाफ की सीधी चेतावनी के बाद सुलग उठी फारस की खाड़ी
News Source: PTI
