Home Top News ‘कीमत चुकाने का वक्त आ गया’- गालिबाफ की सीधी चेतावनी के बाद सुलग उठी फारस की खाड़ी

‘कीमत चुकाने का वक्त आ गया’- गालिबाफ की सीधी चेतावनी के बाद सुलग उठी फारस की खाड़ी

by Sanjay Kumar Srivastava 12 July 2026, 9:42 PM IST
12 July 2026, 9:42 PM IST
'कीमत चुकाने का वक्त आ गया'- ग़ालिबाफ़ की सीधी चेतावनी के बाद सुलग उठी फ़ारस की खाड़ी

US-IRAN STRIKE: ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी गालिबाफ ने रविवार को कहा कि एकतरफ़ा समझौतों का दौर खत्म हो चुका है. हमने आपसे (ट्रंप से) कहा था कि अपनी बात पर कायम रहें या कीमत चुकाएं. हकीकत सामने आ रही है. ईरान और अमेरिका 17 जून को एक अंतरिम युद्धविराम पर सहमत हुए थे, जिससे 60 दिनों की वह अवधि शुरू हुई जिसका मकसद जंग को हमेशा के लिए खत्म करना था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन दिन पहले ही इस जंग के खत्म होने की घोषणा कर दी थी. हिंसा की वजह से बातचीत बार-बार रुकी है. पिछले हफ़्ते, ईरान ने उन जहाज़ों पर हमले किए जो इस्लामिक रिपब्लिक के समुद्री इलाके से बचने के लिए जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से गुज़र रहे थे. इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान पर तीन बार हवाई हमले किए.

जंग खत्म करने की कोशिशों पर लगा विराम

अमेरिका ने रविवार सुबह ईरान पर हमला किया. यह हमला होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक जहाज़ पर ईरान के हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें कंटेनर जहाज़ में आग लग गई थी और उसके क्रू को जहाज़ छोड़ना पड़ा था. इसके जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व के कई देशों बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान और जॉर्डन पर हमले किए. इस लड़ाई ने 28 फरवरी को शुरू हुई जंग को हमेशा के लिए खत्म करने की कोशिशों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

यह जलडमरूमध्य तेल और प्राकृतिक गैस के लिए एक अहम रास्ता है और बातचीत में सबसे बड़ी अड़चन बन गया है. पिछले हफ़्ते हुई लगातार लड़ाइयों की वजह से बातचीत के टूटने का खतरा पैदा हो गया है. अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा कि रविवार के हमलों में उसने लगभग 140 ठिकानों को निशाना बनाया और मिसाइल व ड्रोन लॉन्च साइट, गोला-बारूद के भंडार, संचार उपकरण और अन्य ठिकानों पर हमला किया.

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हमला कर ईरान ने किया गलतः अमेरिकी रक्षा मंत्री

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा कि हाल के दिनों में हुए पिछले हमलों की तुलना में ये हमले ज़्यादा ज़ोरदार थे और इनसे ईरान की आम नागरिक जहाज़ों को धमकाने की क्षमता कमज़ोर होगी. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ऑनलाइन लिखा कि ईरान ने गलत फैसला किया. अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी. ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने बताया कि सुबह हुए हमले में नौसेना का एक अधिकारी मारा गया.

ईरान ने उस क्षेत्र के देशों पर हमला करके जवाबी कार्रवाई की जहां अमेरिकी सेना मौजूद है, साथ ही इस बात पर ज़ोर दिया कि इस जलडमरूमध्य पर सिर्फ़ उसका नियंत्रण होना चाहिए और हो सकता है कि वह इससे गुज़रने वाले जहाज़ों से शुल्क भी वसूले.युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया भर में व्यापार होने वाले तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग पांचवां हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से गुज़रता था. युद्ध के दौरान इस पर ईरान के कब्ज़े से दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा हो गया था, हालांकि तेल की कीमतें युद्ध के समय के उच्चतम स्तर 120 डॉलर प्रति बैरल से काफ़ी नीचे आ गई हैं.

खाड़ी देशों में जारी किए गए अलर्ट

कतर की सेना ने कहा कि उसने ईरान की तरफ़ से आ रहे हमलों को बीच में ही रोक दिया. पड़ोसी देश संयुक्त अरब अमीरात में धमाकों की आवाज़ सुनी गई. कतर के गृह मंत्रालय ने बताया कि ईरानी हमलों को रोकने के दौरान गिरे मलबे की चपेट में आने से एक बच्चे समेत तीन लोग घायल हो गए. इस बीच, फ़ारस की खाड़ी में स्थित द्वीप देश बहरीन में भी मिसाइल अलर्ट जारी किए गए. यहां अमेरिकी नौसेना का 5वां बेड़ा (फ़्लीट) तैनात है.

कुवैत की सेना ने भी कहा कि वह आ रहे हमलों को रोकने की कार्रवाई कर रही है. ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास के इलाके में ड्रोन हमले हुए और वहां के निवासियों के लिए सुरक्षित स्थान पर रहने की चेतावनी जारी की गई. यह हमला शनिवार को दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद हुआ. ओमान ने इन हमलों का विरोध करने के लिए ईरानी राजदूत को तलब किया.

लापता क्रू सदस्य भारतीय नागरिक

जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि ईरान की तीन मिसाइलें जॉर्डन के इलाकों में गिरीं, जिससे मामूली नुकसान तो हुआ लेकिन कोई घायल नहीं हुआ. संयुक्त अरब अमीरात में भी सायरन बजे, लेकिन सरकार ने कहा कि मिसाइलें यूएई की सीमा में नहीं घुसीं. ईरान के हालिया हमलों में अब तक यूएई को निशाना नहीं बनाया गया है.

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US सेंट्रल कमांड ने रविवार सुबह बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हुए हमले में साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज़ को ईरान ने निशाना बनाया, जिससे उसके इंजन रूम को काफ़ी नुकसान पहुंचा. ओमान के समुद्री प्राधिकरण ने बताया कि उसने जहाज़ से 23 क्रू सदस्यों को बचाया, लेकिन एक सदस्य अभी भी लापता है. भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि लापता क्रू सदस्य भारतीय नागरिक है और वे उसे खोजने के लिए ओमान के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

ईरान की चेतावनी को कई जहाजों ने किया नजरअंदाज

ब्रिटिश सेना की देखरेख में काम करने वाले ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स’ सेंटर ने बताया कि जहाज़ ओमान के तट के पास से गुज़र रहा था. ईरान के समुद्री इलाके से बचते हुए फ़ारस की खाड़ी में आने-जाने के लिए जहाज़ आम तौर पर इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. ईरान ने 60 दिन के संघर्ष-विराम (ceasefire) के दौरान इस जलडमरूमध्य से होने वाली आवाजाही पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की है.

ईरान के अर्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने कहा कि कई जहाज़ों ने हमारी चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया और तय रास्ते पर चलने के निर्देशों को नहीं माना. उनमें से एक पर चेतावनी के तौर पर गोली चलाई गई और उसे रोक दिया गया. ईरान ने कहा कि यह जलडमरूमध्य अगले आदेश तक बंद रहेगा और अगर उस पर और हमले हुए, तो वह इलाके में दुश्मन के और ठिकानों को निशाना बनाने पर विचार करेगा. ईरान के सरकारी मीडिया ने देश भर में US के हमलों की ख़बर दी, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के सबसे करीब दक्षिणी ईरान का प्रांत और तेहरान के पास एक प्रांत में मौजूद सैन्य ठिकाने शामिल हैं.

युद्धविराम की कोशिशें जारी

यह ताज़ा हिंसा ईरान और ओमान के विदेश मंत्रियों के बीच शनिवार को हुई उस बैठक के बाद हुई है जिसमें इस जलडमरूमध्य के बारे में चर्चा की गई थी. यह संकरा जलडमरूमध्य ईरान और ओमान, दोनों के समुद्री इलाकों में पड़ता है, लेकिन इसे लंबे समय से एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता रहा है. ओमान ने कहा कि ईरान तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बारे में बातचीत जारी रखने पर सहमत हो गया है.

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हालांकि, ईरान ने इस बारे में कोई बयान नहीं दिया कि यह जलडमरूमध्य सभी के लिए खुला रहेगा, जिसकी मांग ट्रंप प्रशासन ने की थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ़्ते कहा था कि ईरान युद्ध में अंतरिम समझौता खत्म हो गया है. लेकिन पाकिस्तान, कतर और मिस्र समेत मध्यस्थ समझौते तक पहुंचने की कोशिशें जारी रखे हुए हैं. मध्यस्थता में शामिल एक क्षेत्रीय अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बातचीत के बारे में बताते हुए कहा कि रविवार को भी युद्धविराम को मज़बूत करने की कोशिशें जारी थीं.

खामेनेई की हत्या का लेंगे बदलाः मोजतबा

ईरान के नए सर्वोच्च नेता, जो युद्ध शुरू होने के बाद से अभी तक दिखाई नहीं दिए हैं, ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद अपने पहले बयान में यह भी कसम खाई कि ईरानी लोग 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआती हमलों में हुई उनकी हत्या का बदला लेंगे. सरकारी टेलीविज़न पर प्रसारित एक बयान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने कहा कि ऐसा बदला लेना हमारे देश की इच्छा है और इसे निश्चित रूप से पूरा किया जाना चाहिए.

बहरीन में तीसरी बार बजे सायरन

रविवार को बहरीन में तीसरी बार मिसाइल अलर्ट जारी किया गया. फारस की खाड़ी में स्थित यह द्वीपीय देश अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े का ठिकाना है. खाड़ी के कई अरब देशों में मिसाइल अलर्ट जारी किए गए. कतर की सेना ने एक बयान में कहा कि उसने ईरान की तरफ से आ रहे हमलों को बीच में ही रोक दिया. इस दौरान पड़ोसी देश संयुक्त अरब अमीरात में धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं. कुवैत की सेना ने भी कहा कि वह अपनी तरफ आ रहे हमलों को बीच में ही रोक रही है.

तनाव की वापसी और आरोप-प्रत्यारोप

कूटनीतिक प्रयास और चुनौतियां दोनों देशों के बीच संबंधों में उतार-चढ़ाव का लंबा इतिहास रहा है. 2015 में हुआ परमाणु समझौता (JCPOA) एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मील का पत्थर माना गया था, लेकिन 2018 में अमेरिका के इससे हटने के बाद तनाव फिर से बढ़ गया. वर्तमान में, दोनों पक्ष अक्सर एक-दूसरे पर उकसावे वाली कार्रवाई का आरोप लगाते हैं. विशेष रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में सैन्य गतिविधियों और जहाजों की सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्कता बनी रहती है. इन तनावों का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार और मध्य पूर्व की स्थिरता पर पड़ता है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन बिंदुओं में से एक है. यहां किसी भी प्रकार के सैन्य अवरोध से वैश्विक अर्थव्यवस्था संकट में पड़ सकती है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय अक्सर दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील करता रहता है.

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