Home Latest News & Updates यूक्रेन युद्ध में नया मोड़! रूस पर अमेरिका का बड़ा प्रतिबंध पैकेज, पुतिन के युद्ध फंड पर सीधा निशाना

यूक्रेन युद्ध में नया मोड़! रूस पर अमेरिका का बड़ा प्रतिबंध पैकेज, पुतिन के युद्ध फंड पर सीधा निशाना

by Sachin Kumar 18 September 2026, 10:58 AM IST (Updated 24 September 2026, 12:50 PM IST)
18 September 2026, 10:58 AM IST (Updated 24 September 2026, 12:50 PM IST)
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US Russia Sanctions: रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से जारी जंग अभी तक किसी निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुंची है. दोनों देशों के बीच अब तक कोई शांति समझौता नहीं हुआ है और फिलहाल इसके आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं. यूक्रेन लंबे समय से यह तर्क देता रहा है कि रूस तभी गंभीरता से बातचीत के लिए तैयार होगा, जब युद्ध जारी रखने की कीमत उसके लिए काफी बढ़ जाएगी. कीव की रणनीति में मास्को पर आर्थिक दबाव बढ़ाने वाले कड़े प्रतिबंध एक अहम हिस्सा हैं.

इसी बीच इस हफ्ते अमेरिका ने प्रतिबंधों के एक बड़े पैकेज को मंजूरी दी है, जिसकी यूक्रेन लंबे समय से मांग करता रहा है. इन प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य रूस के उन वित्तीय संसाधनों पर दबाव बढ़ाना है, जिन पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार युद्ध के लिए निर्भर है.

क्या अमेरिका करेगा प्रतिबंधों को कड़ा

अब अमेरिका द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाने के बाद यूक्रेन को एक संभावित बढ़त मिल सकती है. हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका इन प्रतिबंधों को कितनी सख्ती से लागू करता है. व्हाइट हाउस ने रूसी अधिकारियों और अर्थव्यवस्था के अहम क्षेत्रों को निशाना बनाने वाले प्रतिबंधों के पैकेज को मंजूरी दे दी है. गुरुवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस वोट को प्रतीकात्मक बताया. उन्होंने कहा कि हाउस ने यह बिल उसी रात पास किया जब रूस ने यूक्रेन में एक और बड़े पैमाने पर हमला किया था.

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वाशिंगटन की कोशिशों में बाधा आएगी

वहीं, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने गुरुवार को कहा कि अगर अमेरिका रूस पर और प्रतिबंध लगाता है तो इससे यूक्रेन में युद्ध खत्म करने की वाशिंगटन की कोशिशों में बाधा आएगी. पेस्कोव ने अपनी रोजाना की कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान पत्रकारों से कहा कि हम निश्चित रूस से इस दस्तावेज के पास होने पर नजर रख रहे हैं. यह गैर-दोस्ताना कार्रवाई की श्रेणी में आता है. साथ ही निश्चित रूप से अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों की कोशिश यूक्रेन में शांति समझौता की कोशिश को उम्मीद से काफी दूर करने जैसा है. RUSI में सेंटर फॉर फाइनेंस एंड सिक्योरिटी के डायरेक्टर टॉम कीटिंग ने कहा कि यूक्रेन के लिए इसका फायदा फिलहाल आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक है.

कीव को मजबूत आर्थिक हथियार मिल सकता है

यह बिल कीव को रूस पर दबाव बनाने के लिए मजबूत आर्थिक हथियार दे सकता है. इसके अलावा कीव के लिए यह प्रतिबंध मास्को पर आर्थिक दबाव बढ़ाने का एक और नया हथियार है. पश्चिमी देशों के मौजूदा प्रतिबंधों से रूस को काफी नुकसान हुआ है. हालांकि, कीव का कहना है कि मास्को की सोच में इस बिल के बाद भी कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है और आर्थिक प्रतिबंध का भी खास असर नहीं पड़ा है. यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने गुरुवार को कहा कि कल रात अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स द्वारा ग्राहम बिल को मंजूरी देना रूस पर और दबाव बनाने, उसकी लगातार आक्रामकता की कीमत बढ़ाने और रूसी युद्ध मशीन को संसाधनों से वंचित करने की दिशा में एक अहम कदम है.

अगस्त में ही हो गया था सीनेट में बिल पास

बता दें कि नए कानून में रूसी अधिकारियों, वित्तीय संस्थानों और प्रतिबंधों से बचकर रूसी तेल ले जाने वाले टैंकरों के नेटवर्क को निशाना बनाया गया है. साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूसी तेल और गैस के बड़े खरीदारों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का भी विशेषाधिकार देता है. यह प्रस्ताव अगस्त में सीनेट में 86-11 से और बुधवार को हाउस में 262-159 से पास हो गया. इसके बाद बिल को ट्रंप के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा गया. कीव ने तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर लंबी दूरी के हमलों के जरिए रूस के भीतर युद्ध की लागत बढ़ाने की भी कोशिश की है.

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