Laddakh Gen-Z Woman: ‘Gen Z’ टर्म आजकल हर जगह छाया हुआ है. पॉलिटिक्स से लेकर सोशल मीडिया पर इस जेनरेशन के चर्चे हैं. इस बीच एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर लोग भड़क गए हैं. लद्दाख घूमने गई एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह चेक पोस्ट पर सुरक्षाकर्मियों से झगड़ा करती हुई दिख रही है. दरअसल, मिनिमार्ग चेकपॉइंट को सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए बंद किया गया था. इस पर महिला भड़क गई. वह वहां मौजूद सेना के जवानों पर चिल्लाने लगी.
‘हम जेन जी हैं’
वीडियो में महिला कह रही है “मंत्री जी यहां से कैसे निकल गए? हम जेन-जी हैं. हम यह बकवास बर्दाश्त नहीं करेंगे.” फिर वह वहाँ मौजूद दूसरे टूरिस्ट से पूछती है, “बताओ, तुम सब यहां प्रोटेस्ट में बैठोगे या नहीं? हम किसी भी मंत्री को यहां से जाने नहीं देंगे. पांच घंटे हो गए हैं और वे हमें जाने नहीं दे रहे हैं. क्या हम यहां घूमने के लिए पैसे देते हैं या यह सब बर्दाश्त करने के लिए यहां आते हैं? वे कश्मीरियों के साथ ऐसा करते हैं और अब वे बाहर से आने वाले टूरिस्ट के साथ भी ऐसा ही कर रहे हैं. सेना को हमारे टैक्स से सैलरी मिलती है.”
This might well be an intent to become an Instagram star and even join some team to ridicule Bharat but at the face of it this is poor upbringing, poor nationalism and a pathetic behaviour
— Colonel Rohit Dev (RDX) 🇮🇳 (@RDXThinksThat) August 19, 2026
A nobody has stopped military personnel from doing their duty and prevented their movement… pic.twitter.com/XyMWxPKc0b
सीएम अब्दुल्ला ने कहा नया ट्रेंड
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को चेतावनी दी कि ‘Gen Z’ टैग का इस्तेमाल करना नया ट्रेंड बन गया है. सीएम अब्दुल्ला ने महिला की वीडियो अपने पर्सनल अकाउंट से रीपोस्ट करते हुए लिखा, “यह ‘हम Gen Z हैं’ अब नया ‘जानते नहीं हो मेरा बाप कौन है’ बन गया है. Gen Z की किसी भी अच्छी भावना को खत्म करने का सबसे तेज तरीका है कि थोड़ी सी भी बेइज्जती होने पर उसे धमकी के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया जाए.”
वीडियो वायरल होने के बाद भड़के लोग
महिला का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लोग इस घटना पर अपनी नाराजगी जता रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट किया, “Gen Z होने का मतलब यह नहीं है कि आपको सेंसिटिव इलाकों में तैनात सैनिकों की बेइज्जती करने का लाइसेंस मिल गया है. सिक्योरिटी फोर्स मजे के लिए बैरियर नहीं लगातीं.” दूसरे ने कहा, “टैक्स से देश चलता है, लेकिन वे आपको बेइज्जती करने का हक नहीं देते. बॉर्डर सिर्फ पैसे से नहीं, बल्कि हिम्मत, अनुशासन और कुर्बानी से सुरक्षित रहते हैं.”
Being Gen Z is not a license to disrespect the men and women who stand guard in sensitive, high-risk zones so the rest of us can travel safely.
— Garima𝕏 (@Garima) August 19, 2026
In a cordoned-off area in J&K/Ladakh, a woman argued aggressively with security personnel simply because they would not let her cross.…
एक अन्य यूजर ने लिखा, “सिक्योरिटी ऑपरेशन के दौरान सड़कें बंद करना एक सही काम है. टैक्स देने से किसी को सिक्योरिटी प्रोटोकॉल तोड़ने का हक नहीं मिल जाता. यूनिफॉर्म की इज्जत होनी चाहिए. कुछ टूरिस्ट सेंसिटिव लद्दाख में आर्मी के काफिले को रोकते हैं, जबकि वही आर्मी फंसे हुए टूरिस्ट को बचाने के लिए सब कुछ दांव पर लगा देती है. उनकी इज्जत करें.”
जंतर-मंतर का असर: छात्र आंदोलन ने तय की देश की राजनीतिक दिशा, Gen Z बने सत्ता की जंग का मुख्य चेहरा
News Source: PTI
