Home Top News SC ने कहा- चुनाव ट्रिब्यूनल जाएं पक्षकार, दखल से कोर्ट का इनकार, नटराजन की याचिका खारिज

SC ने कहा- चुनाव ट्रिब्यूनल जाएं पक्षकार, दखल से कोर्ट का इनकार, नटराजन की याचिका खारिज

by Sanjay Kumar Srivastava 12 June 2026, 3:44 PM IST (Updated 12 June 2026, 4:16 PM IST)
12 June 2026, 3:44 PM IST (Updated 12 June 2026, 4:16 PM IST)
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- चुनाव ट्रिब्यूनल जाएं पक्षकार,

Meenakshi Natarajan: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज करने के खिलाफ दायर याचिका शुक्रवार को नामंजूर कर दी. जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है. अदालत ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 329 चुनावी मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप को रोकता है, ताकि बिना किसी देरी के चुनाव संपन्न हो सके.

कोर्ट नहीं कर सकता पक्षपात

बेंच के अनुसार, कोर्ट ऐसा दोहरा मापदंड नहीं अपना सकता जहां कुछ गंभीर मामलों में तो अनुच्छेद 32 या 226 के तहत दखल दिया जाए और बाकी मामलों को चुनाव याचिका के भरोसे छोड़ दिया जाए. कोर्ट ने चेतावनी दी कि चुनावी प्रक्रिया के बीच ऐसी चुनिंदा न्यायिक व्याख्याओं को बढ़ावा देना संवैधानिक प्रावधानों के खिलाफ होगा. अतः याचिकाकर्ता को उचित राहत के लिए चुनाव ट्रिब्यूनल जाने की सलाह दी. सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि एक बार जब रिटर्निंग ऑफिसर किसी उम्मीदवार का नामांकन खारिज कर देता है, तो एकमात्र उपाय चुनाव आयोग के पास जाना ही होता है.

रिटर्निंग ऑफिसर पर नामांकन रद्द करने का आरोप

कोर्ट ने नटराजन के वकील से यह भी कहा कि वे कोर्ट का कोई ऐसा फ़ैसला दिखाएं जिसमें कोर्ट ने ऐसे मामलों में दखल दिया हो. बेंच ने कहा कि फैसला चाहे कितना भी गलत क्यों न हो, एक बार नॉमिनेशन रद्द हो जाने पर आम तौर पर इसका समाधान कहीं और ही होता है. क्या इस कोर्ट का कोई ऐसा फ़ैसला है जिसमें हमने उस स्टेज पर दखल दिया हो? नटराजन की तरफ से पेश हुए सीनियर वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा कि उम्मीदवार को ऐसे आपराधिक मामले की जानकारी देनी होती है जिसमें कम से कम दो साल की सज़ा का प्रावधान हो, और इस मामले में सिर्फ़ समन जारी किए गए थे. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए नॉमिनेशन पेपर को रिटर्निंग ऑफ़िसर ने गलत तरीके से रद्द कर दिया था.

नटराजन ने जमा किया था अधूरा हलफनामाः RO

उन्होंने ‘रिप्रेज़ेंटेशन ऑफ़ पीपुल एक्ट’ के तहत एक आपराधिक मामले की जानकारी न देने का हवाला दिया था. राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफ़िसर अरविंद शर्मा के एक आदेश में कहा गया था कि उपलब्ध दस्तावेज़ों की जांच के बाद यह पाया गया कि नटराजन ने अधूरा हलफ़नामा जमा किया था. उन्होंने अपने नॉमिनेशन के साथ जमा किए गए फ़ॉर्म 26 में कोर्ट की एक शिकायत का ज़िक्र नहीं किया था. मध्य प्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी के अनुसार, सत्ताधारी बीजेपी के उम्मीदवार महेश केवट ने रिटर्निंग ऑफिसर के पास शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने आरोप लगाया कि नटराजन ने अपने हलफनामे में तेलंगाना में अपने खिलाफ दर्ज एक मामले का ज़िक्र नहीं किया था.

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News Source: PTI

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