Home Top News पहले ही दिन टली नीट पेपर लीक की सुनवाई, नहीं पहुंचा सरकार का वकील; कांग्रेस ने केंद्र को घेरा

पहले ही दिन टली नीट पेपर लीक की सुनवाई, नहीं पहुंचा सरकार का वकील; कांग्रेस ने केंद्र को घेरा

by Sachin Kumar 27 July 2026, 7:05 PM IST (Updated 27 July 2026, 7:06 PM IST)
27 July 2026, 7:05 PM IST (Updated 27 July 2026, 7:06 PM IST)
Cong Modi govt CBI counsel fast-track court paper leak case

NEET Paper Leak : नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई होनी थी. लेकिन पहले ही दिन ही टल गई. अब अगली सुनवाई तीन अगस्त को होगी. बताया जा रहा है कि पहले दिन की सुनवाई में सीबीआई का वकील कोर्ट में नहीं पहुंच पाया था. इसी बीच अदालत को सुनवाई के लिए अगली तारीख देनी पड़ी. अब इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस भी मोदी सरकार पर हमलावर हो गई है. कांग्रेस ने का कहना है कि केंद्र किस मुंह से पेपर लीक संकट के समाधान पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट का ढिंढोरा पीट रही है, जबकि सीबीआई ने ऐसे मामले की सुनवाई के लिए किसी भी वकील को नहीं भेजा.

सीबीआई नहीं भेज पाई कोर्ट में वकील

कांग्रेस ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए दिल्ली के राउज़ एवेन्यू कॉम्प्लेक्स में एक स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाया था. लेकिन सीबीआई ने अपना कोई भी प्रतिनिधि सुनवाई के लिए नहीं भेजा. इस वजह से कोर्ट को सुनवाई तुरंत स्थगित करनी पड़ी. अब राउज एवेन्यू कोर्ट ने राज्य का पक्ष रखने के लिए एक पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने का निर्देश दिया है. बता दें कि हाई कोर्ट ने पिछले गुरुवार को ही पेपर लीक जैसे मामलों की सुनवाई के लिए एक विशेष अदालत को अधिसूचित किया था.

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आरोपियों की जमानत पर होनी थी सुनवाई

फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्पेशल जज अनु ग्रोवर बलीगा के सामने गिरफ्तार किए गए बिकास बिवाल और दिनेश बवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी. इस दौरान आरोपी के वकील एपी सिंह कोर्ट में मौजूद थे. लेकिन सीबीआई की तरफ से कोई भी वकील कोर्ट नहीं पहुंचा. अब कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगली तारीख पर राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी वकील की नियुक्ति की जाए.

पीएम मोदी ने किया था ऐलान

बता दें कि पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर समेत पूरे देश विरोध प्रदर्शन हुए थे. फिर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होने के बाद सीजेपी ने धरना खत्म कर दिया. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक वीडियो के माध्यम से ऐलान किया था कि पेपर लीक के मामलों से तेजी से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे. वहीं, हाई कोर्ट ने एक नोटिफिकेशन जारी करके कहा था कि न्यायिक अधिकारी अनु ग्रोवर बालीगा की अदालत पब्लिक ‘एग्ज़ामिनेशन्स एक्ट, 2024’ और उससे जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट के तौर पर काम करेगी.

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