Home Latest News & Updates दिल्ली जिमखाना क्लब को कारण बताओ नोटिस, केंद्र ने 7 जुलाई तक मांगा जवाब; जानें क्या है मामला

दिल्ली जिमखाना क्लब को कारण बताओ नोटिस, केंद्र ने 7 जुलाई तक मांगा जवाब; जानें क्या है मामला

by Amit Dubey 1 July 2026, 9:55 PM IST
1 July 2026, 9:55 PM IST
Delhi Gymkhana Club

Delhi Gymkhana Club: हरी-भरी लुटियंस दिल्ली के बीचों-बीच 2, सफदरजंग रोड पर स्थित दिल्ली जिमखाना क्लब को केंद्र सरकार की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. यह क्लब प्रधानमंत्री आवास से भी पास में पड़ता है. मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के अधीन भूमि और विकास कार्यालय (L&DO) ने दिल्ली जिमखाना क्लब को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इसने पूछा है कि सार्वजनिक परिसर (अनाधिकृत कब्जेदारो को बेदखल करना) अधिनियम, 1971 के तहत उसके खिलाफ बेदखली का आदेश क्यों नहीं पारित किया जाना चाहिए.

7 जुलाई तक मांगा जवाब

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय के द्वारा नोटिस जारी करने का यह कदम केंद्र द्वारा 26 मई को दिल्ली उच्च न्यायालय को यह बताने के एक महीने से अधिक समय बाद आया है कि वह 27.3 एकड़ परिसर पर 5 जून तक जबरन कब्जा नहीं करेगा, जो “डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत और सुरक्षित करने” के लिए आवश्यक है.

एस्टेट ऑफिसर बिपिन कुमार सिंह द्वारा 29 जून को जारी नोटिस में क्लब और परिसर में रहने वाले सभी संबंधित व्यक्तियों को 7 जुलाई तक अपना जवाब देने करने और उसी दिन दोपहर 2.30 बजे व्यक्तिगत सुनवाई के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है.

कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि बेदखली की कार्यवाही केवल कानून के अनुसार और उचित नोटिस देने के बाद ही शुरू की जाएगी. वहीं, मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि उन्होंने कानून के अनुसार बेदखली की कार्यवाही शुरू कर दी है.

निगाहें कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं – कर्मचारी संघ

इस नोटिस पर क्लब के सदस्यों और उसके कर्मचारी संघ ने निराशा व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि उनकी निगाहें कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिसकी अगली सुनवाई दिल्ली उच्च न्यायालय में 28 जुलाई को होनी है.

उन्होंने बताया कि क्लब को बुधवार को दोपहर करीब 1 बजे कारण बताओ नोटिस प्राप्त हुआ और सदस्य एवं कर्मचारी समिति ने इस घटनाक्रम पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की. सदस्यों ने कहा कि क्लब के वकील नोटिस का जवाब तैयार कर रहे हैं, जबकि प्रतिनिधि 7 जुलाई को संपत्ति अधिकारी के सामने पेश होंगे.

नोटिस की बड़ी बातें

नोटिस में, कहा गया है कि सक्षम प्राधिकारी ने यह निर्धारित किया है कि डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सुरक्षित करने, सार्वजनिक सुरक्षा उद्देश्यों, तत्काल संस्थागत आवश्यकताओं, शासन इंफ्रस्ट्रक्चर और अन्य सार्वजनिक हित परियोजनाओं के लिए परिसर की अत्यंत आवश्यकता है.

नोटिस में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में स्थित कीमती सरकारी भूमि को सरकारी निर्णय और व्यापक जनहित के विपरीत अनधिकृत कब्जे में रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. इसमें आगे यह भी कहा गया है कि “यदि आप निर्धारित तारीख और समय पर उपस्थित नहीं होते हैं, तो मामले का फैसला एकतरफा किया जाएगा.”

दिल्ली जिमखाना क्लब के बारे में

दिल्ली में हरी-भरी लुटियंस के बीचों-बीच, 2 सफदरजंग रोड पर मौजूद बड़ी जगह को एक सोशल और स्पोर्टिंग क्लब चलाने के लिए इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड (जिसे अब दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड के नाम से जाना जाता है) को लीज (पट्टे) पर दिया गया था.

यह लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री के आवास से सटा हुआ है और शहर के सबसे कीमती और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भूभागों में से एक पर स्थित है, जो हाई सिक्योरिटी वाले प्रशासनिक क्षेत्र के भीतर आता है. यहां कई महत्वपूर्ण केंद्रीय सरकारी और रक्षा विभागों की इमारतें भी हैं.

स्थायी पट्टा विलेख के खंड 4 का हवाला देते हुए, नोटिस में कहा गया है कि यह स्पष्ट रूप से पट्टेदार के पक्ष में परिसर को वापस लेने और उसमें फिर से प्रवेश करने का अधिकार सुरक्षित रखता है जब भी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए इसकी आवश्यकता होती है.

वहीं, जिमखाना क्लब वर्कर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नंदन सिंह नेगी ने कहा कि 600 से अधिक कर्मचारी अपनी आजीविका के लिए क्लब पर निर्भर हैं और अनिश्चितता ने उनमें चिंता पैदा कर दी है.

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News Source: PTI

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