Home Top News तेल के बाद बाजार पर वार! यूक्रेन के ड्रोन हमलों से Wildberries के गोदाम तबाह, रूस में बढ़ी चिंता

तेल के बाद बाजार पर वार! यूक्रेन के ड्रोन हमलों से Wildberries के गोदाम तबाह, रूस में बढ़ी चिंता

by Sachin Kumar 17 August 2026, 4:37 PM IST (Updated 17 August 2026, 4:38 PM IST)
17 August 2026, 4:37 PM IST (Updated 17 August 2026, 4:38 PM IST)
Ukraine Russia economy morale attacking online retailer

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध दिन-ब-दिन खतरनाक होता जा रहा है. अब यह संघर्ष तेल रिफाइनरियों और सैन्य ठिकानों पर हमलों से आगे बढ़कर ऑनलाइन बाजार और उससे जुड़े लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तक पहुंच गया है. यूक्रेन की ओर से किए गए ये हमले मास्को और सेंट पीटर्सबर्ग से लेकर दक्षिणी शहरों और पूर्व में यूराल पर्वतों तक देखे गए हैं. यूक्रेनी सेना ने ड्रोन के जरिए रूस के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर ‘वाइल्डबेरीज’ (Wildberries) के कई बड़े गोदामों को निशाना बनाया है. इन हमलों में अरबों रुपये के सामान का नुकसान हुआ है. अब इस युद्ध का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और ऑनलाइन खरीदारी से जुड़े बुनियादी ढांचे तक पहुंचता दिखाई दे रहा है. वाइल्डबेरीज के करीब 20 स्थानों को निशाना बनाए जाने से रूस के भीतर दूर तक हमला करने की यूक्रेन की क्षमता भी सामने आई है. यूक्रेन पर रूस के आक्रमण को शुरू हुए करीब साढ़े चार साल हो चुके हैं और ऐसे हमलों ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है. इन हमलों से रूस की सबसे अमीर महिला उद्यमियों में शामिल तात्याना किम के कारोबारी साम्राज्य को भी बड़ा झटका लगा है. उनकी कुल संपत्ति का अनुमान 8.1 अरब अमेरिकी डॉलर लगाया गया है.

लाखों विक्रेताओं का हुआ नुकसान

वाइल्डबेरीज के करीब 20 शाखाओं पर हमले से करीब लाखों विक्रेताओं का नुकसान हुआ है. इसके कारण रूस की अर्थव्यवस्था भारी झटका लगा है. वहीं, अपना बिजनेस फैलाने के लिए वाइल्डबेरीज ने बैंकों से भारी लोन उठाया था और अब उस कर्ज को चुकाने के लिए काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. चेचन्या प्रांत की राजधानी ग्रोजनी की रहने वाली 50 वर्षीय किम का जन्म कोरियाई परिवार में हुआ था और उन्होंने 2004 में अपने पहले बच्चे के जन्म के बाद इंग्लिश टीचर के तौर पर अपना करियर शुरू किया. इसी दौरान किम ने अपने अपार्टमेंट से ‘वाइल्डबेरीज’ की शुरुआत की. वहीं, सात बच्चों की मां किम ने कहा कि यह आइडिया मेरी अपनी जरूरतों से आया था और बाद में पता चला कि लाखों लोगों को भी इसकी जरूरत थी. अगर कोई प्रोडक्ट या सर्विस आपकी अपनी जिंदगी को आसान बनाती है, तो आप सही रास्ते पर हैं. उन्होंने कहा कि शुरुआत में वाइल्डबेरीज सिर्फ कपड़े बेचती थी, लेकिन बाद में इसने अप्लायंसेज, घरेलू सामान, कॉस्मेटिक्स, किताबें और दूसरी चीजें भी बेचना शुरू कर दिया. इसी कड़ी में लगातार मेहनत और सही नीयत के साथ वाइल्डबेरीज एक बड़ा ब्रांड बन गया. इसने अपने खास पर्पल ‘लोगो’ वाले इस प्लेटफॉर्म ने ई-कॉमर्स में एक बड़ी पहचान बनाई है. रूस में होने वाले ज्यादातर ऑनलाइन ऑर्डर इसी प्लेटफॉर्म के जरिए होते हैं. छोटे-बड़े सभी तरह के बिज़नेस देश के 11 टाइम जोन में सामान स्टोर करने, शिप करने और डिलीवर करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं.

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वेयरहाउस को बनाया यूक्रेन ने अपना निशाना

बताया जा रहा है कि 5 से लेकर 8 लाख सेलर्स वाइल्डबेरिज का इस्तेमाल करते हैं और यही वजह है कि इसको ‘रूस का अमेजन’ कहा जाता है. यूक्रेन युद्ध के बाद जब पश्चिमी ब्रांड्स ने रूस छोड़ दिया, तो ऑनलाइन रिटेलर्स ने चीन, तुर्किए, संयुक्त अरब अमीरात और दूसरी जगहों से सामान लाकर उस कमी को पूरा किया. कंपनी ने एक बैंक भी खरीदा है और इसके माध्यम से टूरिज़्म के क्षेत्र में विस्तार किया. अब वाइल्डबेरीज एक एयरलाइन खरीदने पर भी विचार कर रहा है. 2024 में किम ने अपने पति व्लादिस्लाव बाकलचुक से तलाक ले लिया, जिसके बाद कंपनी पर कंट्रोल को लेकर लड़ाई शुरू हो गई. बाकलचुक ने चेचन नेता रमजान कादिरोव और उनकी खतरनाक पैरामिलिट्री फोर्स से मदद मांगी, लेकिन आखिरकार वे यह लड़ाई हार गए. इस लड़ाई का नतीजा क्रेमलिन के पास एक बिजनेस सेंटर में हुई गोलीबारी के रूप में सामने आया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं.

कंपनी को अपने विशाल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के मुख्य हिस्से के तौर पर लगभग दो दर्जन से ज्यादा बड़े वेयरहाउस पर निर्भर रहा है. इन वेयरहाउस में देशभर के लगभग एक लाख स्टोरफ्रंट डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट्स पर सामान भेजने से पहले उसे जमा किया जाता है. इसकी प्रतिद्वंद्वी ऑनलाइन रिटेलर कंपनियां ओजोन (Ozon) और यांडेक्स मार्केट (Yandex Market) बड़े नेटवर्क में फैले छोटे डिपो का इस्तेमाल करती हैं. वहीं, जब यूक्रेन ने रूसी इलाकों में हमला करने के लिए लंबी दूरी के ड्रोन का इस्तेमाल करने की रणनीति अपनाई, तो उसने सैन्य ठिकानों, तेल रिफाइनरियों और अन्य बुनियादी ढांचों के अलावा वाइल्डबेरीज़ (Wildberries) के वेयरहाउस को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया.

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वेयरहाउस का 20 प्रतिशत हिस्सा किया नष्ट

18 जुलाई को मास्को के ठीक पूर्व में इलेक्ट्रोस्टाल और दक्षिण-पश्चिम ताम्बोव क्षेत्र में हुए हमले के बाद से वाइल्डबेरीज के डिपो भीषण आग की चपेट में आ गए. इसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं. ये डिपो 32 लाख वर्ग फुट के क्षेत्र में फैले हुए थे. साथ ही ये डिपो खुले थे और इनमें से आसानी से आग लगाई जा सकती थी. मॉस्को क्षेत्र के मुख्य केंद्र इलेक्ट्रोस्टाल डिपो में लगी आग को बुझाने में तीन दिन लग गए. दूसरी ओर रूस मामलों के विशेषज्ञ और ‘मायाक इंटेलिजेंस’ कंसल्टेंसी के प्रमुख पॉडकास्टर मार्क गैलियोटी ने कहा कि ये सैन्य लक्ष्य नहीं हैं इसलिए इनकी खास सुरक्षा नहीं की गई थी. साथ ही इन डिपो को ड्रोन हमलों का सामना करने के हिसाब से नहीं बनाया गया था.

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ये हमले रूस के यूरोपीय हिस्से से लेकर येकातेरिनबर्ग तक हुए हैं, जो यूक्रेन की सीमा से 2,000 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर है. बताया जा रहा है कि कंपनी की कुल वेयरहाउस क्षमता का 20 प्रतिशत हिस्सा नष्ट हो गया और नुकसान का आकलन 6 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है. किम ने कहा कि वाइल्डबेरीज़ की साइटों को सुरक्षा के लिहाज से मजबूत किया गया है, लेकिन हमले जारी रहे. कुछ वेयरहाउस को मामूली नुकसान पहुंचा और यूक्रेन ने उन पर दोबारा हमला करने की कोशिश की.

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सप्लाई चेन में बदलाव कर रही हैं किम

वहीं, वाइल्डबेरीज ने कहा कि वह सामान रखने के लिए पार्टनर हब बनाने के मकसद से सप्लाई चेन में बदलाव कर रही है. यह एक लंबी और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है, क्योंकि कंपनी बड़े डिपो पर बहुत ज्यादा निर्भर है. यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि वाइल्डबेरीज सेना को ड्रोन समेत कई तरह के उपकरण और तकनीकी पार्ट्स भी बेचती है. हालांकि, मास्को ने यूक्रेनी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, लेकिन ड्रोन के पार्ट्स, फ्लैक जैकेट या थर्मल वेपन साइट्स जैसी दोहरे इस्तेमाल वाली चीजें इस प्लेटफार्म पर अब भी उपलब्ध हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के सलाहकार मिखाइलो पोडोल्याक ने कहा कि इन हमलों का मकसद सैन्य सप्लाई में रुकावट डालना, लोगों में असंतोष पैदा करना और रूस की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डालना था. इससे VTB और Sberbank जैसे बड़े बैंकों पर दबाव पड़ेगा, जिन्होंने वाइल्डबेरीज को भारी लोन दिए हैं. दूसरी तरफ 2025 के आखिर तक वाइल्डबेरीज पर लगभग 15 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर कर्ज होने का अनुमान था. रूस के छोटे और मध्यम कारोबार पहले से ही टैक्स में बढ़ोतरी, नियमों की मुश्किलों और तले रिफारिइनरियों पर हमलों के कारण ईंधन संकट की मार झेल रहे हैं. मैक्रो-एडवाइजरी लिमिटेड कंसल्टेंसी के CEO क्रिस वीफर ने कहा कि वाइल्डबेरीज पर हमलों ने कारोबारी माहौल को और खराब कर दिया है. उन्होंने आगे कहा कि मैं यह नहीं कहूंगा कि यह ‘ताबूत में आखिरी कील’ साबित होगा क्योंकि अभी हम उस स्थिति तक नहीं पहुंचे हैं. लेकिन छोटे उद्यमों के लिए पहले से ही मुश्किल हालात में यह निश्चित रूप से एक और बड़ी चुनौती साबित होगी.

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कमाई का नुकसान हो रहा

किम ने सेलर्स को स्टोरेज पर छूट, सामान का मुफ्त ट्रांसफर, रियायती लोन और अन्य उपायों के जरिए मदद करने का वादा किया. वाइल्डबेरीज ने कुछ रिइंबर्समेंट भी जारी किए, लेकिन वे नुकसान का एक छोटा सा हिस्सा ही कवर कर पाए. रूस के सेंट्रल बैंक ने कर्ज देने वालों से कहा है कि वे उन छोटे और मध्यम कारोबारों के लोन को रीस्ट्रक्चर करें जिनका सामान नुकसान की भेंट चढ़ गया है. इस बीच वाइल्डबेरीज पिकअप पॉइंट के कई मालिकों को डिलीवरी में भारी गिरावट के कारण कमाई का नुकसान हो रहा है. कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर अपना कारोबार बंद होने की निराशा जाहिर की. सामान के नुकसान का मतलब है कि हजारों छोटे कारोबार अब चल नहीं पाएंगे, न ही वे अपने लोन चुका पाएंगे और न ही टैक्स दे पाएंगे.

कई लोग सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं. गैलियोटी ने कहा कि ये हमले कीव की उस कोशिश को दिखाते हैं जिसके तहत वे युद्ध को रूस के अंदर तक ले जाना चाहता है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शहर के बाहरी इलाके में किसी तेल रिफाइनरी पर हमले के कारण आसमान में काले धुएं के गुबार देखने तक सीमित नहीं है. कुछ जानकारों का कहना है कि इन हमलों से नाराजगी बढ़ने के बजाय, लोगों में यूक्रेन और पश्चिमी देशों के खिलाफ और ज्यादा गुस्सा भड़क सकता है. क्रेमलिन के समर्थक राजनीतिक विशेषज्ञ सर्गेई मार्कोव ने कहा कि वाइल्डबेरीज पर हुए हमलों से रूस के उन कट्टरपंथियों को बल मिला है जो युद्ध को और तेज़ करने की वकालत करते हैं. गैलियोटी ने आगे कहा कि इससे अब इस सोच को मजबूती मिलती है कि यूरोप पर हमला करना जरूरी है.

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