Jantar Mantar : दिल्ली के जंतर मंतर में एक बार फिर छात्र और पुलिस आमने-सामने आ गए हैं. शनिवार को अचानक भगदड़ मच गई. इसी बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच सीधी भिड़ंत हो गईं. वहीं, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज भी किया. इसके जवाब में स्टूडेंट्स ने पत्थर फेंक और पानी की बोतलें भी फेंकी. बताया जा रहा है कि प्रदर्शन स्थल पर इस समय तनाव का माहौल बना हुआ है और आम जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ पड़ा है.
प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच गतिरोध जारी
वहीं, जब पुलिस की तरफ से आंसू गैस के गोले छोड़े गए तो प्रदर्शनकारी अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागने लगे. हिंसक झड़प विशेष रूप से पार्क होटल के सामने संसद मार्ग और टॉलस्टॉय मार्ग के टी-पॉइंट पर हुई. स्थिति को संभालने के लिए मौके पर भारी संख्या में सुरक्षा बल को तैनात किया है. प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर दृढ़ता से डटे हुए हैं, जिसकी वजह से कई दिनों गतिरोध बना हुआ है.
तनाव का माहौल बना हुआ है प्रदर्शन स्थल पर
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए. इसके जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस कर्मियों पर पानी की बोतलें और पत्थर फेंके. इस प्रकार प्रदर्शन स्थल पर लगातार टकराव और तनाव की स्थिति बनी हुई है. यह स्थिति मौजूद सभी लोगों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो गई है.
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जानें क्या बोली सीजेपी?
जंतर-मंतर पर तनाव होने के बाद CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि हमारा खाना-पानी रोका जा रहा है. क्या दिल्ली पुलिस लोगों को खाने-पीने की चीजों से वंचित करने की कोशिश कर रही है? इस मामले में दिल्ली पुलिस को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. युवाओं की मांगों को सुनने के बजाय, प्रशासन यहां रुकावटें पैदा कर रहा है. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि हमने घोषणा की है कि अगर ऐसा जारी रहा और युवाओं को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया, तो हम दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे और वहां शांतिपूर्ण धरना देंगे.
सौरव ने कहा कि हम एक बार फिर दिल्ली पुलिस से आग्रह करते हैं कि वे लोगों को खाने-पीने की चीज़ों से वंचित न करें. जो लोग यहां आना चाहते हैं, उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए. आप लोगों को खाना-पानी लेने से नहीं रोक सकते और न ही उनकी आवाजाही पर रोक लगा सकते हैं. ऐसी हरकतें असंवैधानिक और गैर-कानूनी हैं. दिल्ली पुलिस को गैर-कानूनी काम करना बंद कर देना चाहिए। यह हमारी तत्काल मांग है.
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