Home Top News ‘भारत की युवाशक्ति ही असली ताकत…’, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

‘भारत की युवाशक्ति ही असली ताकत…’, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

by Amit Dubey 25 July 2026, 2:37 PM IST (Updated 25 July 2026, 2:59 PM IST)
25 July 2026, 2:37 PM IST (Updated 25 July 2026, 2:59 PM IST)
Dharmendra Pradhan

Dharmendra Pradhan: पिछले एक महीने से अधिक समय से जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का धरना-प्रदर्शन जारी है. सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके के नेतृत्व में हो रहे इस धरना में नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही थी. इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है, धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है.

मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेज दिया है- धर्मेंद्र प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. उन्होंने अपने आधिकारिक ऐक्स हैंडल पर इसकी घोषणा की है. प्रधान ने कहा, “मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं. वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है. देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है.”

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “, “जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है.”

देश के युवाओं की आकांक्षाओं सम्मान करता हूं.- धर्मेंद्र प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ” मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है.”

उन्होंने आगे कहा, “मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं. भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है.”

इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा- प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं.” उन्होंने आगे कहा, “किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई. भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई. इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया.”

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा,”इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए. इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया. इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही. साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई.”

उन्होंने कहा, “पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे.”

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “16 जुलाई को घोषित नीट यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली. परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ.”

जंतर मंतर पर फिर शुरू हुआ हंगामा, फेंके गए पत्थर; पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?