Home Latest News & Updates किसके पास है सबसे ज्यादा सोना, जानें टॉप-10 देश, भारत-पाकिस्तान के गोल्ड रिजर्व में जमीन-आसमान का अंतर

किसके पास है सबसे ज्यादा सोना, जानें टॉप-10 देश, भारत-पाकिस्तान के गोल्ड रिजर्व में जमीन-आसमान का अंतर

by Neha Singh 20 August 2026, 4:12 PM IST (Updated 20 August 2026, 4:37 PM IST)
20 August 2026, 4:12 PM IST (Updated 20 August 2026, 4:37 PM IST)
Gold Reserve Ranking

Gold Reserve Ranking: सोने का रेट आसमान छूता जा रहा है. पिछले कुछ समय से जब भी सोने की कीमत में थोड़ी गिरावट आती है तो अगले ही दिन वह डबल स्पीड से ऊपर उठ जाता है. कभी भारतीय परिवारों के लिए एक सुरक्षित निवेश और गर्व की निशानी माना जाने वाला सोना अब मिडिल क्लास की पहुंच से दूर होता जा रहा है. यहां तक ​​कि शादियों और त्योहारों के लिए सोने के गहने खरीदने का प्लान बना रहे लोगों को भी अब अपने बजट को फिर से कैलकुलेट करना पड़ रहा है. हालात ऐसे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से सोना न खरीदने की अपील तक कर दी है.

इसका प्रमुख कारण वैश्विक अनिश्चितता है. असल में किसी देश के गोल्ड रिजर्व को उसकी आर्थिक ताकत, वित्तीय सुरक्षा और संकट के समय में उसकी मजबूती का एक अहम इंडिकेटर माना जाता है. सेंट्रल बैंक ग्लोबल आर्थिक संकट के समय में देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए अपने फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में सोना रखते हैं. सोने की किल्लत के समय जानना दिलचस्प होगा कि दुनिया में सबसे ज्यादा सोना किस देश के पास है और इस रैंकिंग में भारत किस स्थान पर है. यहां आप पूरी लिस्ट देखेंगे.

दुनिया के टॉप-10 गोल्ड रिजर्वड देश

दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के पास सबसे ज्यादा सोना है. अमेरिका के भंडार में करीब 8133.46 टन सोना है. इसके बाद दूसरे स्थान पर जर्मनी है. जर्मनी के पास 3,350.3 टन सोना है. इटली के पास 2,451.8 टन सोना है. फ्रांस के पास 2,437 टन सोना है. इसके बाद चीन का नंबर आता है, जिसके पास 2,366 टन सोना है. रूस के पास 2,283 टन सोना है. सातवें नंबर पर स्विट्जरलैंड आता है, जिसके पास 1,039.9 टन सोना है. वहीं भारत आठवे नंबर पर है. भारत के पास 880.5 टन होता है.

रैंकदेशसोने का भंडार (टन)विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी
1संयुक्त राज्य अमेरिका8,133.583.3%
2जर्मनी3,350.384.0%
3इटली2,451.880.6%
4फ्रांस2,437.081.8%
5चीन2,366.39.1%
6रूस2,283.040.6%
7स्विट्जरलैंड1,039.915.2%
8भारत880.518.5%
9जापान845.99.1%
10पोलैंड632.429.5%
11नीदरलैंड612.574.2%
12तुर्की530.661.6%
13उज़्बेकिस्तान431.788.3%
14ताइवान423.9
15पुर्तगाल382.779.9%
16कज़ाख़स्तान368.477.2%
17सऊदी अरब323.110.0%
18यूनाइटेड किंगडम310.321.0%
19लेबनान286.882.4%
20स्पेन281.633.8%
21ऑस्ट्रिया280.075.8%
22थाईलैंड234.512.4%
23बेल्जियम227.459.6%
24सिंगापुर203.76.4%
25अज़रबैजान178.138.2%
26अल्जीरिया173.634.8%
27ब्राज़ील172.47.0%
28इराक170.927.1%
29लीबिया146.620.4%
30फिलीपींस133.518.6%
31मिस्र129.538.2%
32स्वीडन125.724.8%
33दक्षिण अफ्रीका125.523.2%
34मेक्सिको120.16.6%
35क़तर115.230.3%
36ग्रीस114.769.5%
37हंगरी110.024.1%
38दक्षिण कोरिया104.43.3%
39रोमानिया103.616.6%
40इंडोनेशिया87.18.7%
41चेक गणराज्य82.46.3%
42ऑस्ट्रेलिया79.816.7%
43कुवैत79.023.7%
44संयुक्त अरब अमीरात74.54.1%
45जॉर्डन73.141.5%
46डेनमार्क66.58.3%
47पाकिस्तान64.835.1%
48अर्जेंटीना61.721.8%
49सर्बिया54.820.8%
50कंबोडिया54.427.7%

भारत के पास कितना सोना?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने मार्च 2026 को खत्म हुए छह महीनों में अपनी 104.23 मीट्रिक टन सोने की होल्डिंग को देश में शिफ्ट किया है. फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व की छमाही रिपोर्ट के मुताबिक, 104.23 मीट्रिक टन सोना भारतीय तिजोरियों में शिफ्ट कर दिया गया है. बता दें, आमतौर पर सभी देश अपना सोना सुरक्षा या व्यापार के लिहाज से विदेशों में रखते हैं, जैसे- बैंक ऑफ इंग्लैंड, बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स और न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व. RBI ने बताया कि 104.23 मीट्रिक टन सोना शिफ्ट करने के बाद बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) के पास 197.67 मीट्रिक टन सोना सेफ कस्टडी में है, जबकि मार्च 2026 तक 2.80 मीट्रिक टन सोना रिजर्व के तौर पर रखा गया है. कीमती धातुओं की कीमतों में उछाल के कारण भारत के विदेशी मुद्रा रिजर्व में सोने का हिस्सा मार्च में छह महीने पहले के 13.92 प्रतिशत से बढ़कर 18.5 प्रतिशत हो गया.

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रिपोर्ट के अनुसार, सेंट्रल बैंक की कुल सोने की होल्डिंग मार्च 2026 में थोड़ी बढ़कर 880.52 MT हो गई. इसमें से 680 टन सोना देश के अंदर ही सुरक्षित है और 197.67 मीट्रिक टन विदेश में है. 1 मीट्रिक टन 1000 किलो के बराबर होता है यानी इस समय भारत के पास कुल 8,80,520 किलोग्राम सोना है. सितंबर 2025 के आखिर में भारत का कुल सोना 880.18 मीट्रिक टन था. इसमें कहा गया है कि विदेश में रखे गए सोने की मात्रा मार्च 2026 में 290.37 MT थी. वहीं पिछले साल सितंबर में देश के अंदर रखे गए सोने की मात्रा 575.82 मीट्रिक टन थी और मार्च 2025 में 511.99 MT थी. भारत को अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए और सोने की जरूरत है, इसलिए विदेशों से सोना वापस लाया जा रहा है. भारत अपने सोने के भंडार को बढ़ाना चाहता है और इसका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करना चाहता है.

भारत के पास पाकिस्तान से 13 गुना ज्यादा सोना

सोने के भंडार के मामले में भारत और पाकिस्तान के स्थान में जमीन-आसमान का अंतर है. जहां भारत आठवें पायदान पर है, वहीं पाकिस्तान दूर-दूर तक नहीं दिखता. गोल्ड रिजर्व की लिस्ट में पाकिस्तान 47वें नंबर पर है. पाकिस्तान के पास 64.8 मीट्रिक टन सोना है. यानी भारत के पास पाकिस्तान के मुकाबले 13.58 गुना ज्यादा सोना है. इस मामले में भी पाकिस्तान और भारत में जमीन- आसमान का अंतर है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल और स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान के पास वर्तमान में कुल 64.82 मीट्रिक टन सोना है.

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हालिया महीनों में इस भंडार में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है. 2026 की पहली तिमाही में यह 64.80 टन था और दूसरी तिमाही में 20 किलो बढ़ा है. यानी 0.02 मीट्रिक टन की मामूली बढ़ोतरी हुई है.

पिछले दो सालों में 92 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई

भारत में पिछले दो सालों में सोने की कीमत रॉकेट बहुत तेजी से बढ़ी हैं. वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारतीय बाजार में सोने की औसत वार्षिक कीमत 75,841 (24 कैरेट प्रति 10 ग्राम) रुपए थी और पिछले साल के मुकाबले 25.1% बढ़ीं. वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसमें रिकॉर्ड तोड़ और ऐतिहासिक 92.7% की बढ़ोतरी हुई. इस साल औसत वार्षिक कीमत 1,45,690 रुपए थी. रूस-यूक्रेन और मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव, US फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, ग्लोबल महंगाई और दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों (जैसे चीन और भारत) द्वारा भारी मात्रा में सोने की खरीद ने कीमतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया.

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सोना ग्लोबल इकोनॉमी की स्टीयरिंग कैसे?

हम यह समझना होगा कि सोना ग्लोबल इकोनॉमी रूपी इस गाड़ी की स्टीयरिंग कैसे है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, गोल्ड को सबसे सुरक्षित निवेशों में से एक माना जाता है. सोना, दुनिया की अर्थव्यवस्था की सुरक्षा, स्थिरता और भरोसे के लिए भी जाना जाता है. अभी जैसे पश्चिम एशिया में तनाव फैला हुआ है, इस स्थिति में भारतीय रुपए में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. ऐसे में सोना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है. देश की आर्थिकी पर इस भू-राजनीतिक तनाव के दबाव को जितना हो सके उतना कम किया जा सके, उसके लिए केंद्रीय बैंक अपने सोने के भंडार (Gold Reserve) को तेजी से बढ़ा रहे हैं.

दुनिया समेत भारत में जब भी शेयर बाजार डगमगाता है और इसमें गिरावट आती है तो देखा जाता है कि सोने के भाव में तेजी आती है. इसलिए भी गोल्ड को दुनिया की अर्थव्यवस्था को कंट्रोल करने के लिए खास माना जाता है. जानकार बताते हैं कि अमेरिका, चीन और रूस जैसे कई देश अपने केंद्रीय बैंकों में गोल्ड अधिक से अधिक मात्रा में रखते हैं. इससे उनकी करेंसी और अर्थव्यवस्था को भू-राजनीतिक तनाव जैसी स्थिति में स्थिरता मिलती है. महंगाई के समय में गोल्ड देश के लिए काफी मदद करता है. कई देश ऐसे हैं जो डॉलर में निवेश करने के बजाय गोल्ड में निवेश करते हैं ताकि ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम में डॉलर का दबदबा कम हो.

सोना भारत जैसे देशों को काफी प्रभावित करता है और इसके करंट खाते पर असर डालता है. हम ऐसे समझ सकते हैं कि भारत गोल्ड का एक प्रमुख आयातक देश है. अभी की भू-राजनीतिक स्थिति में बाहर से अधिक सोना आयात करने पर यहां से विदशी मुद्रा का अधिक आउट फ्लो होगा, जो देश की इकोनॉमी के लिए चुनौती पैदा कर सकता है. इन सभी कारणों को देखें तो पता चलता है कि सोना वाकई में विश्व की अर्थव्यवस्था की स्टीयरिंग ही है.

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