PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 साल पूरे कर लिए हैं. 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुआ यह सफर 2014 से देश के प्रधानमंत्री पद तक अटूट रूप से जारी है. एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा के एक जमीनी संगठनकर्ता से देश के शीर्ष पद तक पहुंचना उनके कड़े परिश्रम और सांगठनिक क्षमता का प्रमाण है. इस दीर्घकालिक सफर में उनके सामने कई बड़ी चुनौतियां आईं.
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CM बनते ही कच्छ में विनाशकारी भूकंप
मुख्यमंत्री बनते ही उनके सामने 2001 के विनाशकारी कच्छ भूकंप के बाद पुनर्निर्माण, वित्तीय संकट और जल संकट जैसी विकट परिस्थितियां थीं. बाद में, राष्ट्रीय स्तर पर कोविड-19 महामारी, आर्थिक मंदी और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव जैसी बड़ी चुनौतियां सामने खड़ी हुईं. इन चुनौतियों का सामना उन्होंने ‘नेशन फर्स्ट’ (राष्ट्र प्रथम) के मंत्र, कड़े नीतिगत सुधारों (जैसे GST) और डिजिटल तकनीक (UPI) के जरिए किया. महामारी के दौरान स्वदेशी वैक्सीन निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास से उन्होंने संकटों को अवसरों में बदला. अपनी इस ऐतिहासिक यात्रा पर आभार जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जनता का भरोसा ही उनकी असली पूंजी है और अब उनका एकमात्र लक्ष्य वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करना है.

मोदी ने बनाया एक नया गुजरात
25 साल पहले, 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने. उस समय गुजरात एक भयानक भूकंप से उबर रहा था और सबसे बड़ी चुनौती लोगों का भरोसा फिर से कायम करना था. नरेंद्र मोदी ने यह चुनौती स्वीकार की और एक नया गुजरात बनाने की दिशा में काम करना शुरू किया. उनके नेतृत्व में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, कृषि और उद्योग जैसे अहम क्षेत्रों में विकास का विस्तार हुआ. विकास के नए अवसरों का पता लगाने के लिए नीतियों और प्रशासनिक प्रणालियों की समीक्षा की गई. लोगों की ज़रूरतों को विकास के केंद्र में रखकर उन्होंने राज्य की विकास यात्रा को एक व्यापक अर्थ दिया.
शाला प्रवेशोत्सव से लेकर गुणोत्सव की शुरुआत
शाला प्रवेशोत्सव से लेकर गुणोत्सव, कृषि महोत्सव से लेकर पशु आरोग्य मेला, और खेल महाकुंभ से लेकर वाइब्रेंट गुजरात तक ज़्यादा से ज़्यादा जन-भागीदारी के ज़रिए विकास को लोगों के करीब लाया गया. सुशासन को मज़बूत करने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया. ‘स्वागत’ (SWAGAT) जैसी पहल शुरू की गईं ताकि नागरिक अपनी शिकायतें सीधे सरकार तक पहुंचा सकें और उन्हें समय पर जवाब मिल सके. वाइब्रेंट गुजरात को निवेश और उद्योग के लिए एक डेस्टिनेशन के तौर पर गुजरात को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में विकसित किया गया.
गुजरात विकास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
2001 से 2014 तक मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी का 13 साल का कार्यकाल बड़े बदलावों का दौर था. जन शक्ति, जल शक्ति, ज्ञान शक्ति, ऊर्जा शक्ति और रक्षा शक्ति के ‘पंचामृत’ विज़न पर आधारित उनका गवर्नेंस मॉडल गुजरात के विकास की एक अहम नींव बना. 2014 में जब नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने, तो गुजरात विकास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने 13 साल के कार्यकाल में मिले अनुभव, पहलों और विकास के विज़न को वे राष्ट्रीय स्तर पर ले गए. गुजरात में शुरू की गई जन-केंद्रित पहलों का असर राष्ट्रीय योजनाओं में भी दिखा. प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, खेलो इंडिया, स्वच्छ भारत और नल से जल जैसी प्रमुख पहलों ने स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, पानी और खेल को राष्ट्रीय विकास एजेंडे के केंद्र में ला दिया.
2014 से भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की
विकास की यात्रा में सरकार और लोगों को भागीदार बनाने का जो तरीका गुजरात में अपनाया गया था, उसे राष्ट्रीय स्तर पर भी आगे बढ़ाया गया. पीएम मोदी के लिए राष्ट्र-निर्माण एक निरंतर चलने वाला संकल्प बन गया है. वे भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. गुजरात से शुरू हुई विकास यात्रा को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाकर, उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि गुजरात न केवल विकास में भागीदार बना रहे, बल्कि भारत की व्यापक विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी रहे. 2026 में पीएम मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर 12 साल पूरे किए. 2014 से भारत ने अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे, रक्षा, व्यापार, विमानन, रेलवे, बंदरगाहों और डिजिटल बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय प्रगति की है. इस यात्रा के दौरान ‘आत्मनिर्भर भारत’ एक प्रमुख राष्ट्रीय संकल्प के रूप में उभरा है.

‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प के साथ बढ़ रहा विकास का सफर
बदलते परिवेश में वैश्विक विकास और परिवर्तन में एक सक्रिय भागीदार के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत करने के प्रयास किए गए हैं. वैक्सीन, इंटरनेशनल सोलर अलायंस और ऑपरेशन सिंदूर जैसी पहलों ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और रणनीतिक क्षमताओं को प्रदर्शित किया है. पीएम मोदी की जन-सेवा की यात्रा 25 सालों से जारी है, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर 13 साल और भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर 12 साल शामिल है. 25 साल पहले गुजरात में शुरू हुई यह यात्रा अब राष्ट्र-निर्माण के व्यापक संकल्प में बदल गई है. गुजरात में शुरू हुआ विकास का सफर अब ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है. उनकी 25 साल की यात्रा सेवा, सुशासन, संकल्प और राष्ट्र-निर्माण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
गुजरात को मिला भारत का पहला सेमी हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट
गुजरात को भारत का पहला सेमी-हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट मिला है, जिसके तहत अहमदाबाद के सरखेज से धोलेरा तक 20,667 करोड़ रुपये की लागत वाले सेमी हाई स्पीड डबल लाइन रेल प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी गई है.5,800 करोड़ रुपये के अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी गई. केंद्रीय बजट 2026-27 में GIFT सिटी में मौजूद संस्थानों के लिए 20 साल के टैक्स हॉलिडे (कर छूट) की घोषणा की गई. सितंबर 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को 35,200 करोड़ रुपये से ज़्यादा के विकास प्रोजेक्ट समर्पित किए. मारुति सुज़ुकी की पहली ई-विटारा कार लॉन्च की गई और हंसलपुर में इसके बैटरी प्लांट का उद्घाटन किया गया. कच्छ के खावड़ा में बन रहे दुनिया के सबसे बड़े हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी (RE) पार्क में 3,645 करोड़ रुपये की लागत से तैयार तीन प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया गया.
गुजरात करेगा 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी
खास बात यह है कि गुजरात 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी करेगा. इसके साथ ही ‘इंडिया सेमी कंडक्टर मिशन’ के तहत गुजरात में छह सेमी कंडक्टर प्लांट को मंज़ूरी दी गई है. गुजरात फोरेंसिक साइंसेज़ यूनिवर्सिटी (GFSU) को 2020 से ‘नेशनल फोरेंसिक साइंसेज़ यूनिवर्सिटी’ (NFSU) और ‘इंस्टीट्यूशन ऑफ़ नेशनल इंपॉर्टेंस’ (INI) का प्रतिष्ठित दर्जा मिला हुआ है. केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के ‘लाइट हाउस प्रोजेक्ट’ के तहत गुजरात के राजकोट शहर को चुना गया था, जिसके अंतर्गत खास तकनीक का इस्तेमाल करके राजकोट में 1,144 घर बनाए गए.
अहमदाबाद में दुनिया का सबसे बड़ा ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’
भारत का पहला ‘इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज़ सेंटर अथॉरिटी’ (IFSCA) GIFT सिटी में काम कर रहा है. ‘इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज’ (IIBX) भी GIFT सिटी में ही है. मोदी ने विकास को आगे बढ़ाते हुए कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें भरूच में ‘बल्क ड्रग पार्क’, नवसारी में ‘PM MITRA पार्क’ (टेक्सटाइल पार्क), गुजरात के भावनगर में दुनिया का पहला CNG टर्मिनल पोर्ट और अहमदाबाद में दुनिया का सबसे बड़ा ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ शामिल है. ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत दाहोद में 20,000 करोड़ रुपये की लागत से एक रेलवे प्रोडक्शन यूनिट का उद्घाटन किया गया. मई 2025 में पीएम मोदी ने देश का पहला 9,000 हॉर्सपावर वाला लोकोमोटिव इंजन देश को समर्पित किया।
कई देशों के नेताओं ने दी मोदी को बधाई
फिलीपींस, जापान और भूटान समेत दुनिया भर के कई देशों के नेताओं ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे करने पर बधाई दी. मोदी 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री चुने गए थे. उन्होंने राज्य में लगातार तीन कार्यकाल तक सेवा की. इसके बाद 2014 में वे भारत के प्रधानमंत्री चुने गए. जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने इस मौके पर मोदी को शुभकामनाएं दीं और भारत के विकास तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की स्थिति को बेहतर बनाने में उनके योगदान की तारीफ की. उन्होंने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा कि वे बरसों से भारतीय समाज और देश के विकास के लिए कोशिश कर रहे हैं और 2001 से ही अपनी बेहतरीन राजनीतिक लीडरशिप के साथ सरकार के प्रमुख के तौर पर सेवा कर रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बढ़ा भारत का मान-सम्मान
जापान की प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के विकास को तेज़ी देने के साथ-साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का मान-सम्मान नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. इन सभी उपलब्धियों के लिए एक साथी राजनेता के तौर पर, मैं उनके प्रति सम्मान व्यक्त करती हूं. जुलाई में अपनी हालिया भारत यात्रा का ज़िक्र करते हुए, तकाइची ने कहा कि उन्हें मोदी के साथ जापान-भारत ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप’ को अगले स्तर पर ले जाने के लिए चर्चा करने का सौभाग्यपूर्ण मौका मिला. यह देखते हुए कि अगले साल जापान-भारत के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ है.
भूटान के PM ने मोदी को बताया ‘विष्णु का अवतार’
जापान की प्रधानमंत्री ने कहा कि वह ‘फ्री और ओपन इंडो-पैसिफिक’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पीएम मोदी के साथ काम करना चाहती हैं ताकि जापान और भारत, जिनकी रणनीतिक दिशा एक जैसी है, अपनी साझेदारी को और आगे बढ़ा सकें. अपनी शुभकामनाओं में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने मोदी को ‘हमारे समय का अवतार’कहा. 2019 में नई दिल्ली में एक आम नागरिक के तौर पर मोदी के साथ हुई अपनी मुलाकात को याद करते हुए तोबगे ने कहा कि उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री से कहा था कि वह उन्हें बड़े भाई और ‘विष्णु के अवतार’ के रूप में देखते हैं.

फिलीपींस के राष्ट्रपति ने भी दी बधाई
तोबगे ने कहा कि मोदी ने भारतीयों में ‘खुद पर और अपने देश पर एक मज़बूत विश्वास’ जगाया है. उन्होंने कहा कि वे भारत को लेकर ज़्यादा गर्व महसूस कर रहे थे, इसकी संभावनाओं को लेकर ज़्यादा महत्वाकांक्षी थे और दुनिया में इसकी जगह को लेकर ज़्यादा आश्वस्त थे. उन्होंने आगे कहा कि उनके नज़रिए से ये एक समझदार शासक के गुण हैं. इस मौके पर फिलीपींस के राष्ट्रपति बोंगबोंग मार्कोस ने मोदी को भारत के लोगों की सेवा में लगातार सफलता की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि गुजरात से लेकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व करने तक, प्रधानमंत्री मोदी का सफ़र अच्छे शासन, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर ज़ोर देने वाला रहा है, जिससे भारत में बदलाव आया है और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका बढ़ी है.
“We Will Do It..”, पीएम मोदी ने दिया भावुक भाषण, विकसित भारत के संकल्प को दोहराया
