Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर (SIR) को लेकर जारी गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली रैली से पहले शुक्रवार को दोपहर 3 बजे INDIA ब्लॉक के नेता नई दिल्ली स्थित कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बैठक के लिए पहुंचने लगे. इस बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी नेता पवन खेड़ा, महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और जयराम रमेश समेत विपक्षी गठबंधन के कई नेता शामिल होंगे.
लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध किया जा रहा है. इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग पर चुनावी लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों का दावा किया है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश द्वारा घोषित इस कार्यक्रम के बाद एक नवंबर को रामलीला मैदान पर एक रैली भी आयोजित की गई है. इसी बीच कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए शुक्रवार के कार्यक्रम की जगह और समय की जानकारी दी. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन को अन्य जगहों पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई है.
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ज्ञानेश ने सुप्रीम कोर्ट से झूठ बोला
रमेश ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘अन्य जगहों की अनुमति न मिलने के कारण, ‘इंडिया’ गठबंधन 30 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3:30 बजे नई दिल्ली के 10, राजाजी मार्ग पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘सार्वजनिक महाभियोग’ आयोजित करेगा’. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर संविधान का उल्लंघन करने और चुनावी लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया. रमेश ने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने सुप्रीम कोर्ट से झूठ बोला है और वे सत्ताधारी नेतृत्व के इशारे पर काम कर रहे हैं. CEC ने स्पष्ट रूप से संविधान के अक्षर और उसकी भावना, दोनों का उल्लंघन किया है. उन्होंने हमारे चुनावी लोकतंत्र की नींव को ही व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया है. सीधे शब्दों में कहें तो, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से झूठ बोला है. रमेश ने आगे कहा कि वह उस ‘खतरनाक जोड़ी’ के इशारे पर काम करने वाला एक मोहरा रहा है, जिनकी बारी अब आने वाली है.
संपत्ति को बेचने का आरोप लगाया
इस बीच BJP ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए अपने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत तैयारियां तेज कर दी हैं. वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर पिछली सरकारों द्वारा बनाई गई सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों को बेचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों, बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) का इस्तेमाल सिर्फ मुनाफा कमाने के लिए किया जा रहा है. साथ ही लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए, मसूद ने सार्वजनिक संस्थानों को बनाने में केंद्र के योगदान पर सवाल उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का पूरा ध्यान उन संपत्तियों को बेचने पर है, जिन्हें पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में बनाया गया था.
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News Source: ANI
