Home Top News SC पहुंचा INDIA ब्लॉक, रिट याचिका दायर; CEC समेत दोनों चुनाव आयुक्तों को बनाया पक्षकार

SC पहुंचा INDIA ब्लॉक, रिट याचिका दायर; CEC समेत दोनों चुनाव आयुक्तों को बनाया पक्षकार

by Sachin Kumar 12 October 2026, 7:21 PM IST (Updated 12 October 2026, 8:48 PM IST)
12 October 2026, 7:21 PM IST (Updated 12 October 2026, 8:48 PM IST)
INDIA bloc moves Supreme Court

INDIA Bloc Protest: मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला. इस दौरान विपक्षी गठबंधन के नेता शीर्ष अदालत पहुंचे और रिट याचिका दायर की. इस याचिका में विपक्षी नेताओं ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के खिलाफ शिकायत उठाई. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अलावा दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को भी पक्षकार बनाया है.

तमाम बड़े नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

सुप्रीम कोर्ट में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी नजर आए. इसी बीच सपा प्रमुख ने कहा कि लोकतंत्र तभी बचेगा, जब बीजेपी को सत्ता से हटाया जाएगा.

वहीं, सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च में शामिल होने के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि यह कदम उस वक्त उठाया गया है, जब राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के नेताओं ने भारतीय निर्वाचन आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. अपनी याचिका में विपक्षी गठबंधन ने ECI के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को भी पक्षकार बनाया है.

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एक्सेस लॉग्स को सार्वजनिक करने की मांग की गई

सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी और विपक्ष के 10 अन्य नेताओं की ओर से दायर याचिका में चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) से जुड़े फैसलों के तरीके को चुनौती दी गई है. इसमें विवादित फैसलों से जुड़ी चुनाव आयोग की पूरी फाइलें, एजेंडा, मीटिंग के मिनट्स, नोटिंग और आपत्तियों के साथ-साथ ECINET और ERONET के एक्सेस लॉग्स को सार्वजनिक करने की मांग की गई है. साथ ही इसमें इस बात की न्यायिक जांच की भी मांग की गई है कि क्या ये फैसले संविधान के अनुच्छेद 324, चुनाव आयोग को नियंत्रित करने वाले 2023 के कानून और ‘टीएन शेषन बनाम भारत संघ’ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार लिए गए थे.

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SIR पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग की गई

याचिका में कोर्ट से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी भी वोटर का नाम बिना नोटिस और सुनवाई का उचित मौका दिए न हटाया जाए. हटाए गए वोटरों की सूची बूथ-वार प्रकाशित की जाए, जिसमें नाम हटाने के कारण और डेमोग्राफिक जानकारी भी शामिल हो. इसमें ECINET और ERONET सहित वोटर लिस्ट डेटाबेस में नाम हटाने और बदलावों की ऑडिट के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति बनाने की भी मांग की गई है. याचिका में मामले के निपटारे तक चल रहे SIR पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग की गई है. याचिका में विशेष रूप से कोर्ट से ECI को यह निर्देश देने को कहा गया है कि वह सुनिश्चित करे कि ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न से जुड़ा चुनाव आयोग का हर फैसला 2023 के कानून के अनुसार लिया जाए और उसका विधिवत रिकॉर्ड (मिनट्स) रखा जाए.’ इसमें यह निर्देश देने की भी मांग की गई है कि ‘कानून के अनुसार बिना नोटिस और सुनवाई का उचित मौका दिए वोटर लिस्ट से किसी भी वोटर का नाम न हटाया जाए.’

लोकतंत्र की रक्षा करने का शानदार दिन

सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दायर करने के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए यह एक शानदार दिन रहा है. लोगों की भीड़ ने अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है. खासकर शनिवार और रविवार को पुलिस के व्यवहार के बावजूद वह वाकई काबिले-तारीफ है. लोगों में बाहर निकलने की हिम्मत थी और भगवान का शुक्र है कि पुलिस ने संयम बरता, वे सिर्फ देखते रहे और लोगों को विरोध करने का अपना अधिकार इस्तेमाल करने दिया. राहुल गांधी की याचिका स्वीकार कर ली गई थी. CJI पहले ही कह चुके थे कि वे जल्द से जल्द इस पर सुनवाई करेंगे. साथ ही कोर्ट पहले से ही SIR से जुड़े कुछ मामलों की सुनवाई कर रहा है. साथ ही हमें उम्मीद है कि जिस प्रक्रिया के लिए हम लड़ रहे हैं, वह तेजी से आगे बढ़ेगी. हम यहां लोकतंत्र की रक्षा के लिए आए हैं. यह हर भारतीय नागरिक के वोट देने, अपना राजनीतिक भविष्य तय करने और अपनी राजनीतिक पसंद चुनने के संवैधानिक अधिकार की बात है. इसके लिए वोटर लिस्ट में उनका नाम होना जरूरी है. दुख की बात है कि पिछले दो सालों में उन्हें शर्मनाक तरीके से इस अधिकार से वंचित रखा गया है. मेरी नजर में उन अधिकारों को बहाल करना बहुत जरूरी है. आज उन अधिकारों को बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है.

ECI को तटस्थ संस्था के रूप में काम करना चाहिए

वहीं, CPI नेता डी राजा कहते हैं कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है. इसे एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और तटस्थ संस्था के तौर पर काम करना चाहिए. आज हम जो देख रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा है. चुनाव आयोग ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है. लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. इससे पूरे देश में भारी चिंता पैदा हुई है. INDIA ब्लॉक में हमारी पार्टी CPI (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया) यह मांग कर रही है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा दे देना चाहिए. हमने याचिका दायर की है. देखते हैं कि सुप्रीम कोर्ट क्या करता है.

SIR प्रक्रिया को खत्म किया जाए

इसके अलावा कर्नाटक के डिप्टी CM डीके शिवकुमार ने कहा कि यह सिर्फ INDIA ब्लॉक की बात नहीं है. यह देश की आवाज है. हर कोई चाहता है कि इस SIR प्रक्रिया को खत्म किया जाए और सभी वोटरों के अधिकारों की रक्षा हो. इस SIR प्रक्रिया के बाद हुए चुनावों को रद्द किया जाना चाहिए और बैलेट पेपर सिस्टम को फिर से लागू किया जाना चाहिए. यह देश का दर्द है. हमने कभी ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों की उम्मीद नहीं की थी. कर्नाटक में मैंने दिखाया कि कैसे BJP सदस्यों ने अल्पसंख्यक, पिछड़े और दबे-कुचले समुदायों के वोटरों के नाम हटाने के लिए लाखों ‘फॉर्म 7’ आवेदन जमा किए. अब उन वोटरों से फिर से ‘फॉर्म 6’ आवेदन भरने के लिए कहा जा रहा है. उन्होंने पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और हरियाणा में भी ऐसी ही हरकतें कीं और चुनाव जीते. वे कर्नाटक में भी ऐसा ही करना चाहते थे, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे. हम इसके खिलाफ लड़ेंगे. मुझे उम्मीद है कि कोर्ट न्याय करेगा और न्याय की जगह से अन्याय नहीं होगा. मुझे उम्मीद है कि चीफ जस्टिस सूर्यकांत और उनकी टीम भारत, संविधान और हर आम नागरिक के अधिकारों की रक्षा करेंगे.

राहुल गांधी के साथ लाखों लोग खड़े

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा विरोध प्रदर्शन है जो भारतीय इतिहास में दर्ज किया जाएगा. यह लोकतंत्र की रक्षा के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में किया जा रहा सबसे बड़ा संघर्ष है. मुझे गर्व है कि मैं इसका हिस्सा रहा हूं. निष्पक्ष चुनाव का सबसे महत्वपूर्ण आधार एक ईमानदार वोटर लिस्ट होती है. कई राज्यों में इन वोटर लिस्ट में हेरफेर करने की कोशिशें की गईं. जिन राज्यों में बीजेपी के सत्ता में आने की संभावना थी, वहां बड़े पैमाने पर हेरफेर की गई. उन्होंने आगे कहा कि फासीवादी शासक कुछ समय तक सत्ता में बने रहते हैं तो उन्हें लगता है कि उनके पास कुछ भी करने का अधिकार है. अगर वे बार-बार चुनाव में धांधली करके सत्ता में बने रहते हैं, तो उनका अगला लक्ष्य नागरिकों की आजादी छीनना होता है. राहुल गांधी के नेतृत्व में यह संघर्ष यह सुनिश्चित करने के लिए है कि देश में निष्पक्ष चुनाव हों. हमें यह दिखाना होगा कि लोकतांत्रिक ताकतें और लाखों लोग उनके साथ खड़े हैं.

देश बहुत तीखी प्रतिक्रिया दे रहा

केरल कांग्रेस यूनिट के एक ट्वीट (जिसे अब हटा दिया गया है) में चीफ जस्टिस सूर्यकांत के इस्तीफे की मांग की गई थी. इस पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि हम इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं हैं, चाहे यह किसी ने भी किया हो. यह पूरी तरह गलत है. हमें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हम सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करते हैं. इसीलिए हम सर्वोच्च न्यायालय के दरवाजे पर गए और न्यायपालिका में अपने भरोसे के कारण ही हमने वहां गुहार लगाई. वे आगे कहते हैं कि हम अपने लोकतंत्र को बचाने और इसे ज्ञानेश कुमार और उनके दो आकाओं के चंगुल से मुक्त कराने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे. अगले कदम के बारे में INDIA गठबंधन के सभी सहयोगी दल अभी विचार-विमर्श कर रहे हैं और हम अपने अगले कदम की घोषणा करेंगे. मौजूदा सरकार को समझ नहीं आ रहा कि क्या जवाब दे, क्योंकि वे जानते हैं कि आरोप सही हैं. वे जानते हैं कि वे चुनाव में धांधली करते रहे हैं और संस्थाओं पर कब्जा करते रहे हैं. देश बहुत तीखी प्रतिक्रिया दे रहा है, इसीलिए वे नागरिकों से डरे हुए हैं और उन्हें डरना भी चाहिए.

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