PM Modi Facebook video: सोशल मीडिया की दुनिया में कभी-कभी एक छोटी सी तकनीकी गड़बड़ी भी बड़ा विवाद खड़ा कर देती है. कुछ ऐसा ही हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट के साथ. दरअसल, उनका एक वीडियो अचानक प्लेटफॉर्म से गायब हो गया. हालांकि, मामला ज्यादा देर तक नहीं चला. थोड़ी देर बाद Meta ने साफ किया कि वीडियो गलती से हट गया था, जो वापस आ चुका है.
पीएम मोदी का वीडियो
वैसे, पीएम मोदी का ये वीडियो 23 जुलाई को शेयर किया गया था. इसे खास तौर पर देश के युवाओं यानी जनरेशन Z को संबोधित करते हुए जारी किया गया था. वीडियो ऐसे समय सामने आया था, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन की देशभर में चर्चा थी. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा था कि अगले दिन होने वाली कैबिनेट बैठक में इस बारे में कड़े फैसलों की घोषणा की जाएगी.
लाखों ने देखा वीडियो
पीएम मोदी के इस वीडियो को लाखों लोगों ने देखा और ये तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ. लेकिन 28 जुलाई की सुबह फेसबुक यूजर्स को अचानक ये वीडियो दिखाई देना बंद हो गया. शुरुआत में फेसबुक की तरफ से एक नोटिस दिखाया गया. इसमें लिखा था कि वीडियो पर कानूनी अनुरोध की वजह से रोक लगाई गई है. हालांकि, इस नोटिस में ये नहीं बताया गया कि ये कानूनी अनुरोध किसकी तरफ से आया था.
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खड़े हुए कई सवाल
वीडियो के अचानक हटने की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई. कई भाजपा नेताओं और समर्थकों ने इस पर चिंता जताई और स्पष्टीकरण की मांग की. बाद में सूत्रों ने बताया कि मामला किसी कानूनी कार्रवाई का नहीं, बल्कि एक अस्थायी तकनीकी गड़बड़ी का था. इसके कुछ ही समय बाद Meta ने आधिकारिक बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि वीडियो गलती से हट गया था और अब उसे पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है.
एक्टिव मोड में सरकार
इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्र सरकार भी सक्रिय नजर आई. सूत्रों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने Meta के ग्लोबल हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी को तलब किया है. मंत्रालय इस बात की जानकारी चाहता है कि प्रधानमंत्री के आधिकारिक अकाउंट से पोस्ट किए गए वीडियो को आखिर किस वजह से हटाया गया. इसके अलावा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाएंगे. वैसे, ये विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब छात्र आंदोलनों से जुड़े सोशल मीडिया कंटेंट पर पहले से ही कड़ी निगरानी रखी जा रही है. हाल ही में दिल्ली पुलिस ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से ऐसे पोस्ट और वीडियो हटाने का अनुरोध किया था, जिनमें प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक या अभद्र टिप्पणियां की गई थीं.
आपत्तिजनक पोस्ट
इसी बीच कुछ दिन पहले CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट को भी अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया गया था. हालांकि, बाद में सरकार की सलाह पर पूरे अकाउंट की बजाय सिर्फ आपत्तिजनक पोस्ट हटाने की नीति अपनाई गई. बाद में अकाउंट को फिर से शुरू कर दिया गया. वैसे, प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो का कुछ घंटों के लिए हटना और फिर वापस आ जाना भले ही Meta ने तकनीकी गलती बताया हो, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर ये सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़े सार्वजनिक नेताओं और संवेदनशील कंटेंट के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही कितनी अहम हो चुकी है.
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News Source: PTI
