Home राज्यगुजरात अद्भुत मानवीय मिसाल: अहमदाबाद सिविल अस्पताल ने 250वें अंगदान का ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया

अद्भुत मानवीय मिसाल: अहमदाबाद सिविल अस्पताल ने 250वें अंगदान का ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया

by Nikul Patel 28 July 2026, 1:29 PM IST (Updated 28 July 2026, 1:41 PM IST)
28 July 2026, 1:29 PM IST (Updated 28 July 2026, 1:41 PM IST)
Ahmedabad Organ Donation

Ahmedabad Organ Donation: गुजरात के अहमदाबाद स्थित सिविल अस्पताल ने अंगदान के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज करते हुए 250वें अंगदान का मील का पत्थर पार कर लिया है. यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि मानवता, जनजागरूकता और चिकित्सा सेवा के प्रति समाज के बढ़ते विश्वास का प्रतीक बन गई है. इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे पश्चिम बंगाल के रहने वाले 58 वर्षीय प्रशून भौमिक और उनके परिवार का अतुलनीय त्याग और मानवता की मिसाल छिपी है. अहमदाबाद में एक होटल में वेटर के रूप में कार्यरत प्रशून भौमिक घर के बाथरूम में अचानक गिर गए, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लगी. उन्हें तत्काल अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो दिनों तक आईसीयू में गहन उपचार किया गया.

तीन मरीजों को मिलेगा जीवनदान

तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और 26 जुलाई को चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया. पति को खोने के असहनीय दुख के बीच भी उनकी पत्नी क्षमा भौमिक ने असाधारण साहस और मानवता का परिचय दिया. सिविल अस्पताल की अंगदान टीम के डॉ. मोहित चंपावत द्वारा काउंसलिंग किए जाने के बाद उन्होंने अपने पति के अंगदान के लिए सहमति दी. उनके इस महान निर्णय से एक लीवर और दो किडनी दान की गईं, जिनके माध्यम से तीन गंभीर मरीजों को नया जीवन मिलेगा. इन अंगों का प्रत्यारोपण अहमदाबाद सिविल मेडिसिटी परिसर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजीज एंड रिसर्च सेंटर में उपचाराधीन मरीजों में किया जाएगा.

“अंगदान महादान” का संदेश

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गुजरात के स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने कहा कि अहमदाबाद सिविल अस्पताल द्वारा 250वें अंगदान का मुकाम हासिल करना पूरे गुजरात के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य सरकार “अंगदान महादान” का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने अपने प्रियजन को खोने के बावजूद अंगदान का निर्णय लेने वाले सभी परिवारों को नमन करते हुए सिविल अस्पताल की पूरी अंगदान टीम और चिकित्सकों को बधाई दी.

अंगदान निस्वार्थ सेवा का प्रतीक

वहीं, अहमदाबाद सिविल अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डॉ. राकेश जोशी ने कहा कि 250वां अंगदान केवल एक संख्या नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती जागरूकता, डॉक्टरों के प्रति विश्वास और निस्वार्थ सेवा भावना का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि अब तक अस्पताल में 250 अंगदाताओं से कुल 827 अंगों का दान प्राप्त हुआ है. इनमें 224 लीवर, 462 किडनी, 21 पैंक्रियाज, 78 हृदय, 34 फेफड़े, 6 हाथ और 2 छोटी आंत शामिल हैं. इसके अलावा 198 नेत्र और 48 त्वचा का दान भी प्राप्त हुआ है. इस प्रकार अस्पताल को अब तक कुल 1,073 अंग और ऊतकों (टिश्यू) का दान मिल चुका है. अहमदाबाद सिविल अस्पताल की यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा जगत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, बल्कि यह समाज को यह संदेश भी देती है कि किसी व्यक्ति के निधन के बाद भी उसके अंग कई लोगों को नया जीवन दे सकते हैं. प्रशून भौमिक और उनके परिवार का यह निर्णय आने वाले समय में हजारों लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करेगा और “अंगदान महादान” के संदेश को और अधिक मजबूत बनाएगा.

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