Home Top News मोहन भागवत के न्यूयॉर्क दौरे से पहले बवाल, US के इस संगठन ने की RSS पर बैन लगाने की मांग

मोहन भागवत के न्यूयॉर्क दौरे से पहले बवाल, US के इस संगठन ने की RSS पर बैन लगाने की मांग

by Neha Singh 20 August 2026, 9:21 AM IST (Updated 20 August 2026, 9:22 AM IST)
20 August 2026, 9:21 AM IST (Updated 20 August 2026, 9:22 AM IST)
Mohan Bhagwat US Visit

Mohan Bhagwat US Visit: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के दौरे पर जा रहे हैं. संघ प्रमुख का यह पहला अमेरिका और कनाडा का दौरा होगा. 25 को उनकी विदेश यात्रा शुरू होने से पहले अमेरिका में एक नया विवाद छिड़ गया है. दरअसल, धार्मिक स्वतंत्रता पर काम करने वाली एक US एडवाइजरी बॉडी के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ बैन लगाने की मांग की है. संस्था ने अमेरिकन सरकार से कहा है कि वे भागवत के साथ हाई-लेवल मीटिंग न करे.

RSS को बैन करने की मांग

RSS चीफ मोहन भागवत के 29 अगस्त को न्यूयॉर्क में अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) द्वारा ऑर्गनाइज किए गए ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ में हिस्सा लेने के लिए US जाएंगे. इससे पहले US कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) के चेयरमैन आसिफ महमूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी RSS के मेंबर हैं. उन्होंने RSS को एक अम्ब्रेला ऑर्गनाइजेशन बताया जिसके अलग-अलग छोटे संगठनों ने धार्मिक माइनॉरिटीज पर हमले किए हैं.

USCIRF कमिश्नर जीन मिल्स ने कहा कि RSS नेताओं को, भले ही वे भारत सरकार से जुड़े हों, हाई-लेवल मीटिंग्स या डिप्लोमैटिक शिष्टाचार से सम्मानित नहीं किया जाना चाहिए. मिल्स ने कहा, “इसके बजाय, US सरकार को उन RSS सदस्यों पर बैन लगाने पर ध्यान देना चाहिए जो FoRB (धार्मिक विश्वास की आजादी) के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए जाते हैं.”

“दबदबे की पॉलिटिक्स नहीं छिप सकती”

एडवोकेसी ग्रुप हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि भागवत के दौरे को RSS नेटवर्क की मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ़ हिंसा से अलग नहीं किया जा सकता. एक्स पर एक पोस्ट में एडवोकेसी ग्रुप ने कहा, “एकता का जश्न धार्मिक दबदबे की पॉलिटिक्स को छिपा नहीं सकता.” बता दें, मार्च में USCIRF की सालाना रिपोर्ट ने धार्मिक आजादी के कथित उल्लंघन के लिए भारत की आलोचना की और RSS और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग जैसे लोगों और संस्थाओं पर “टारगेटेड बैन” का समर्थन किया था.

भारत ने आरोपों को खारिज किया

भारत ने USCIRF की रिपोर्ट को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि संगठन ने लगातार देश की “तोड़-मरोड़कर और चुनिंदा” तस्वीर पेश की है जो “संदिग्ध सोर्स और सोच वाली बातों” पर निर्भर है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 16 मार्च को एक बयान में कहा कि भारत की “चुनिंदा आलोचना” करने के बजाय, USCIRF को “US में हिंदू मंदिरों में तोड़-फोड़ और हमलों की परेशान करने वाली घटनाओं, भारत को चुनिंदा तरीके से निशाना बनाने और US में भारतीय समुदाय के सदस्यों के प्रति बढ़ती असहिष्णुता जैसे मुद्दों पर सोचना चाहिए, जिन पर गंभीर ध्यान देने की जरूरत है.”

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News Source: PTI

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