Pappu Yadav: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ प्रयागराज की एक अदालत में मुकदमे की कार्यवाही मंगलवार से शुरू हो गई. यह मामला संसद परिसर में किए गए एक सांकेतिक नाटक से जुड़ा है. इस नाटक में पप्पू यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर प्रदर्शन किया था. वह पुजारी की भूमिका में नजर आए थे और नाटक के जरिए चंदे की चोरी का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया था.
दो गवाहों के किए गए बयान दर्ज
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव के खिलाफ आपराधिक शिकायत सुशील कुमार मिश्रा ने दर्ज कराई थी और वह बीजेपी के कानूनी विभाग के राज्य-संयोजक भी हैं. उन्होंने बताया कि कार्यवाही के दौरान उनकी तरफ से पेश किए गए दो गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए.
11 अगस्त को पेश होने का दिया था निर्देश
सुशील कुमार मिश्रा के वकील अंबिकेश्वर मिश्रा ने बताया कि जिला अदालत के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पप्पू यादव को 11 अगस्त को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था. वह इस दौरान कोर्ट में पेश नहीं हुए. वकील ने आगे कहा कि अन्य गवाहों के बयान 3 सितंबर को दर्ज किए जाएंगे और इसके बाद अदालत अपना फैसला सुना सकती है. बता दें कि 4 अगस्त को कोर्ट ने संसद परिसर में पप्पू यादव और विपक्ष के दूसरे सांसद की ओर से किए गए नकली नाटक के बारे में सुशील कुमार की शिकायत पर संज्ञान लिया था.
राम मंदिर चंदा विवाद पर संसद में घमासान, विपक्ष का हंगामा; सपा ने नाटक के जरिए जताया विरोध
दान की चोरी का दिखाया गया था दृश्य
पप्पू यादव ने इस दौरान साधु के कपड़े पहने हुए थे और आरोप है कि दान की चोरी का दृश्य दिखाया था. मिश्रा ने आरोप लगाया कि इस नाटक से सनातन धर्म को मानने वालों, संतों, पुजारियों और हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रदर्शन के लिए धार्मिक प्रतीकों और संतों का पारंपरिक पहनावे का इस्तेमाल किया गया. मिश्रा ने इस प्रदर्शन को बनावटी बताया और दावा किया कि ऐसे प्रदर्शन से समाज में तनाव पैदा हो सका है.
नाटक के दौरान पप्पू यादव ने गेरुए कपड़े पहने थे और मंदिर के पुजारी का किरदार निभाते हुए दान पेटी से पैसे निकालने का नाटक किया था. विपक्ष के नेताओं ने इस प्रदर्शन को मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध बताया था.
News Source: PTI
