Ram Mandir : राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर संसद में पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार को भी संसद के भीतर और बाहर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की. समाजवादी पार्टी ने संसद परिसर में नाट्य रूपांतरण के जरिए विरोध दर्ज कराया, जबकि दोनों सदनों में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया.
राम मंदिर चंदा चोरी का मुद्दा गरमाया
संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर चंदा चोरी का मुद्दा लगातार गरमाया हुआ है. सोमवार को समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद भवन परिसर में नाट्य रूपांतरण कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. विपक्ष का आरोप है कि राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और सरकार जवाब देने से बच रही है. लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में विपक्ष ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया. विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर चंदा चोरी के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री से कथित लाठीचार्ज के मुद्दे पर बयान देने की मांग की. विपक्ष ने गृह मंत्री की सदन में अनुपस्थिति को भी मुद्दा बनाया और सरकार पर जवाबदेही से भागने का आरोप लगाया.
कार्यवाही हुई बार-बार बाधित
हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई. सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ के लिए संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष का कहना है कि जब तक सरकार जवाब नहीं देती, उनका विरोध जारी रहेगा. उधर सदन चलाने के लिए विजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक भी हुई. लेकिन इस बैठक में भी बात नहीं बनी. सदन में जारी गतिरोध पर भाजपा ने गहरी निराशा जाहिर की है.
संसद बनी संघर्ष का केंद्र
विपक्षी दल इस मुद्दे पर संसद भवन में नाट्य रूपारन्तन कर, जनता का ध्यान खिंचने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं. सोमवार को इसी तरह समाजवादी पार्टी ने चन्दा इकट्ठा किया और चन्दा सीधे राम मन्दिर ट्रस्ट में जमा कराने की बात कही. विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है. वहीं, सरकार विपक्ष पर संसद का समय बर्बाद करने का आरोप लगा रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे पर संसद में टकराव जारी रहने के आसार हैं. साफ है कि राम मंदिर चंदा चोरी का विवाद अब संसद की कार्यवाही पर भी असर डाल रहा है और इस टकराव के खत्म होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं.
ओम बिरला ने दी सांसदों को चेतावनी
इससे पहले विपक्ष के नेताओं ने शुक्रवार को संसद परिसर में अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को नाट्यकला के माध्यम से दर्शाया था. इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भेष बदलकर संसद में आने वाले कुछ सांसदों को चेतावनी दी और कहा कि वे संसद की पवित्रता और मर्यादा को खत्म कर रहे हैं. बिरला का कहना था कि सदन के अंदर तख्तियां और बैनर लेकर आना संसद की परंपराओं और मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है. इधर सोमवार को संसद भवन में हुई प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने पप्पू यादव के कृत से दुरी बना ली है. शायद विपक्ष को भी धार्मिक भावना के ठेस पहुंचने का एहसास हो गया है, लिहाज विपक्ष भी राम मंदिर पर संयत राजनीति कर रहा है.
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