India-Switzerland: स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलीन भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचे हैं. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में स्विस कॉन्फेडरेशन के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलीन से मुलाकात की. स्विस राष्ट्रपति का यह दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग, आर्थिक साझेदारी और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से हो रहा है.
यूरोप के किसी देश के साथ पहला FTA
इसी बीच हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और राष्ट्रपति गाइ परमेलिन की मौजूदगी में भारत और स्विस कॉन्फेडरेशन के बीच MoU का आदान-प्रदान हुआ का आदान प्रदान किया. वहीं, स्विस कॉन्फेडरेशन के प्रेसिडेंट गाइ परमेलिन के साथ संयुक्त बयान में पीएम मोदी ने कहा कि मैं भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करता हूं. पिछले साल अक्टूबर में उनके व्यक्तिगत सहयोग से भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन के बीच एक ऐतिहासिक व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते को लागू किया. साथ ही यह यूरोप में किसी देश के साथ भारत का पहला FTA हैं. यह निवेश इनोवेशन, नौकरियों और आपसी समृद्धि का एक महत्वाकांक्षी ब्लूप्रिंट भी है. इसके अलावा आगामी 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होंगी.
इनोवेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर हमारी नींव के मजबूत स्तंभ
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-स्विट्जरलैंड की दोस्ती सदियों पुरानी है. इनोवेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी आज हमारी नींव के मजबूत स्तंभ हैं. आज के समिट के साथ हम अपनी साझेदारी को नई गति और ऊंचाइयां देने जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि स्विट्जरलैंड को भारत के एक्सपोर्ट के लिए मार्केट तक पहुंच बढ़ाने और दोनों देशों के बीच निवेश को और आसान बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. इससे स्विट्जरलैंड को भारत के कृषि, फार्मा, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग सामान का एक्सपोर्ट बढ़ेगा. हम भारत के बायोटेक, लाइफ साइंसेज, बैंकिंग, इंश्योरेंस, फूड प्रोसेसिंग और सस्टेनेबिलिटी जैसे अहम क्षेत्रों में स्विस निवेश आकर्षित करेंगे.
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न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग पर भी दिया जोर
इसके अलावा स्विट्जरलैंड से हुए समझौते के तहत मिलिट्री एक्सचेंज और डिफेंस प्रोडक्शन में सहयोग के नए मौकों की पहचान की गई है. साथ ही न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने पर भी दोनों देश सहमत हुए हैं. वाराणसी का रोपवे, नोएडा का जेवर एयरपोर्ट और पहाड़ों में रेलवे व टनलिंग प्रोजेक्ट्स हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर सहयोग के बेहतरीन उदाहरण हैं. इस सहयोग को और मजबूत करने के लिए हमने ट्रांसपोर्ट, मोबिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. हम स्विट्जरलैंड की इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को भारत में बड़े पैमाने पर निवेश करने और डिजाइन व मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में इन्वेस्ट करने के लिए भी भारत ने आमंत्रित किया.
स्विस राष्ट्रपति ने कही ये बात
दूसरी ओर राष्ट्रपति गाइ परमेलिन ने सोमवार को कहा कि उनकी यात्रा दोनों देशों को जोड़ने वाली ‘करीबी और लंबे समय से चली आ रही साझेदारी’ को मजबूत करने की दिशा में एक ‘महत्वपूर्ण कदम’ है. उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा उस महत्व पर जोर देने का एक शानदार अवसर है जो स्विट्जरलैंड और भारत दोनों ही इस रिश्ते को देते हैं. उन्होंने आगे कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड को जोड़ने वाले राजनयिक संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ-साथ विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित हैं. उन्होंने आगे कहा कि मुझे विशेष रूप से खुशी है कि भारत में मेरी यात्रा हमें भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के लागू होने की पहली वर्षगांठ मनाने का अवसर देगी.
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News Source: ANI
