Rahul Gandhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के जाने और मौजूदा सरकार के सत्ता से हटने के बाद लोकतंत्र को ठीक किया जाएगा. राहुल गांधी ने ‘X’ पर एक पोस्ट में सरकार के कार्यकाल और चुनाव आयोग के नेतृत्व की आलोचना की. राहुल गांधी ने लिखा कि ज्ञानेश कुमार जाएंगे. यह सरकार जाएगी. तब लोकतंत्र को ठीक करने का काम शुरू होगा. इस बीच, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकारी मशीनरी के कठोर इस्तेमाल की कड़ी आलोचना की.
इमरजेंसी की यादें ताजा : स्टालिन
मौजूदा हालात की तुलना इतिहास के तानाशाही दौर से करते हुए एमके स्टालिन ने कहा कि आज दिल्ली में जो हो रहा है और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर जिस तरह का दमन किया जा रहा है, उससे मुझे इमरजेंसी (आपातकाल) की यादें ताजा हो गई हैं, जिसे मैंने खुद देखा था. दिल्ली और देश भर में हिरासत में लिए गए सभी राजनीतिक नेताओं, छात्रों और युवा प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए. स्टालिन ने स्थानीय राजनीतिक हालात की भी आलोचना करते हुए कहा कि मैं तमिलनाडु में TVK सरकार की कड़ी निंदा करता हूं कि वह BJP के इशारे पर काम कर रही है और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का दमन कर रही है.
असहमति कोई अपराध नहीं
कहा कि केंद्र सरकार को उन युवाओं पर हमले तुरंत बंद करने चाहिए जो शांतिपूर्वक अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए विरोध कर रहे हैं. इस बात पर जोर देते हुए कि यह टकराव सिर्फ़ अस्थायी नीतिगत विवादों से कहीं आगे बढ़कर संस्थागत मूल्यों से जुड़ा है. एमके स्टालिन ने कहा कि असहमति कोई अपराध नहीं है, और जो लोग लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आते हैं, उनकी आवाज़ दबाकर लोकतंत्र नहीं बच सकता. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा ज़रूरी है. उनके इस्तीफे के अलावा चुनाव आयोग के संस्थागत ढांचे को जो नुकसान पहुंचा है, उसे ठीक किया जाना चाहिए और इसकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बहाल किया जाना चाहिए.
लोगों को वोटिंग के अधिकार से किया जा रहा वंचित
यह बयान तब आया जब विपक्ष ने वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) से जुड़े मुद्दों पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की. दूसरी ओर, शनिवार को नई दिल्ली में होने वाले ‘जंतर-मंतर 2.0’ विरोध प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने मुंबई से दिल्ली जाते समय कहा कि वह जेल जाने को तैयार हैं. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की. दिपके ने कहा कि जेल की धमकियां उन्हें लड़ाई जारी रखने से नहीं रोक पाएंगी. उन्होंने दोहराया कि वह जेल जाने के लिए तैयार हैं. उन्होंने दावा किया कि लोगों को उनके वोटिंग के अधिकार से वंचित किया जा रहा है और कहा कि वह भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ते रहेंगे.
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News Source: ANI
