UP Trade Show: प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा है कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो यानी UPITS का चौथा संस्करण उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं, निर्यातकों और कारोबारियों को देश और दुनिया के बाजारों से जोड़ने का बड़ा मंच बनेगा. 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले UPITS 2026 में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों, 1.5 लाख से अधिक बीटूबी खरीदारों एवं आगंतुकों, 4.5 लाख से अधिक सामान्य आगंतुकों तथा 85 देशों के 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के शामिल होने की उम्मीद है.
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शाह और योगी करेंगे ट्रेड शो का उद्घाटन
भूपेंद्र चौधरी ने गुरुवार को कहा कि एमएसएमई क्षेत्र उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं. सरकार ऐसा इकोसिस्टम विकसित कर रही है, जिसमें उद्यम आगे बढ़ सकें, नवाचार कर सकें और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकें. यूपीआईटीएस (UPITS) स्थानीय उद्यमों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने के साथ निवेश, व्यावसायिक विस्तार और रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा. उन्होंने बताया कि यूपीआईटीएस 2026 का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे.
ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर की रहेगी भागीदारी
यूपीआईटीएस 2026 का अंतरराष्ट्रीय स्वरूप इस वर्ष और व्यापक होगा. चौथे संस्करण में छह पार्टनर देश ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम भाग लेंगे. इन देशों की भागीदारी से व्यापार साझेदारी, तकनीकी सहयोग, सोर्सिंग, निवेश और नए बाजारों तक पहुंच के अवसर बढ़ेंगे. आयोजन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, घरेलू बीटूबी खरीदारों और घरेलू बीटूसी आगंतुकों को एक ही मंच पर जोड़ा जाएगा.

कार्यक्रम से पहले ही अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी बढ़ रही है. अब तक 72 देशों से विदेशी खरीदारों के पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं. एफआईईओ के होस्टेड बायर प्रोग्राम के माध्यम से वास्तविक खरीदारों, आयातकों, वितरकों, रिटेलर्स, सोर्सिंग एजेंट्स, प्रोक्योरमेंट प्रमुखों, व्यापार संघों और व्यावसायिक उद्यमों को आयोजन से जोड़ा जा रहा है. बीटूबी मैचमेकिंग, नेटवर्किंग और बिजनेस सेशंस के माध्यम से खरीदारों और प्रदर्शकों को सीधे कारोबारी संवाद का अवसर मिलेगा.
मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी की मिलेगी जानकारी
यूपीआईटीएस 2026 में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, कृषि, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र की विविधता दिखाई देगी. इसमें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, ऑटोमोबाइल, ईवी एवं ऑटो कंपोनेंट्स, एविएशन, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं ई-कॉमर्स, आईटी एवं स्मार्ट-सिटी सॉल्यूशंस, फिल्म एवं मनोरंजन, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी, फूड प्रोसेसिंग एवं एफएमसीजी, बागवानी, हैंडलूम, हस्तशिल्प एवं टेक्सटाइल्स, स्वास्थ्य, वेलनेस, आयुष, फार्मास्यूटिकल्स एवं मेडिकल इक्विपमेंट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग एवं रियल एस्टेट, लेदर, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी, स्पोर्ट्स, टॉयज, रिन्यूएबल एनर्जी, पावर, माइनिंग, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग, रिटेल, फाइनेंशियल सर्विसेज, शिक्षा एवं कौशल, पैकेजिंग एवं प्रिंटिंग तथा जल, स्वच्छता एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन जैसे क्षेत्र शामिल होंगे.
देश और दुनिया चखेगी स्थानीय व्यंजनों का स्वाद
प्रदर्शनी में एमएसएमई विकास, उद्यमिता एवं कौशल विकास, क्लस्टर विकास, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, प्रोक्योरमेंट एवं मार्केटिंग सहायता, रोजगार सृजन तथा ग्रामीण एवं शहरी विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं और नीतियों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा. औद्योगिक निवेश, निर्यात, टेक्सटाइल्स और गारमेंटिंग से संबंधित उत्तर प्रदेश की सेक्टोरल पॉलिसीज भी आयोजन का हिस्सा होंगी. यूपीआईटीएस 2026 में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और पाक पहचान को भी विशेष स्थान दिया गया है. ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ पहल के साथ इस वर्ष ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ को विशेष पहचान दी जाएगी. इसके माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों की पारंपरिक पाक विधियों, स्थानीय व्यंजनों और खाद्य विरासत को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा.
व्यापार और निवेश पर होगी चर्चा
पांच दिवसीय आयोजन में बिजनेस एंगेजमेंट्स, नॉलेज सेशंस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइव परफॉर्मेंस, अवॉर्ड्स, फैशन शो और लेजर शो सहित कई गतिविधियां होंगी. नॉलेज प्रोग्राम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल ट्रेड, फूड प्रोसेसिंग, एमएसएमई, ग्लोबल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स और अन्य उभरते क्षेत्रों पर चर्चा होगी. इससे उद्योग जगत के लोगों को ज्ञान-विनिमय, संवाद और सहयोग के अवसर मिलेंगे. इस तरह यूपीआईटीएस व्यापार और निवेश के साथ उत्तर प्रदेश की संस्कृति, खान-पान, नवाचार और उद्यमशीलता को भी वैश्विक मंच देगा. यहां प्रदेश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, एमएसएमई इकोसिस्टम, ओडीओपी एवं ओडीओसी उत्पाद, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल्स, कृषि, खाद्य, पर्यटन, नवाचार और उभरते उद्योगों को देश-विदेश के खरीदारों, निवेशकों और कारोबारी समुदाय से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.
हर साल सफलता के पायदान पर यूपीआईटीएस
बता दें कि यूपीआईटीएस 2026 पिछले तीन संस्करणों की सफलता के आधार पर आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित 2025 संस्करण में कुल 5,07,099 आगंतुक पहुंचे थे, जिनमें 1,40,735 बीटूबी आगंतुक शामिल थे. 35,000 वर्ग मीटर से अधिक प्रदर्शनी क्षेत्र में 2,228 प्रदर्शकों ने भाग लिया था. एफआईईओ के माध्यम से 85 देशों के 550 से अधिक विदेशी खरीदारों की भागीदारी ने आयोजन के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को मजबूत किया. आधिकारिक यूपीआईटीएस प्लेटफॉर्म के अनुसार, 2025 संस्करण में 1,882 करोड़ मूल्य के 2,400 से अधिक एमओयू तथा 11,200 करोड़ से अधिक की बिजनेस इन्क्वायरी दर्ज की गई. इन उपलब्धियों के आधार पर चौथे संस्करण का दायरा और अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाई जा रही है.
यूपी की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा मंच
यूपीआईटीएस 2026 में डिजिटल सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है. यूपीआईटीएस ऐप के माध्यम से खरीदार और प्रदर्शक कारोबारी अवसरों की पहचान कर सकेंगे तथा बीटूबी बैठकों को पहले से निर्धारित कर सकेंगे. डिजिटल मैचमेकिंग के माध्यम से प्रतिभागी आयोजन के दौरान होने वाली व्यावसायिक बैठकों की बेहतर योजना बना सकेंगे. उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाने में यूपीआईटीएस जैसे मंच महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
चौथा संस्करण व्यापार, निवेश, नवाचार, मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात, संस्कृति और उपभोक्ता सहभागिता को एक मंच पर लाकर प्रदेश के उद्यमों को देश और दुनिया के बड़े बाजारों से जोड़ने का प्रयास करेगा. इस अवसर पर प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग शशिभूषण लाल सुशील, विशेष सचिव शिशिर, गौतमबुद्धनगर की डीएम मेधा रूपम तथा इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार सहित उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
इंटरनेशनल ट्रेड शो की तैयारी पूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशनल ट्रेड शो का चतुर्थ संस्करण होगा. इसकी तैयारी पूरी की जा चुकी है. इसमें एक तरफ देश- विदेश से आए प्रतिनिधि जहां यूपी की समृद्ध विरासत का दीदार करेंगे तो वहीं एग्री ‘कल्चर’ के भी दर्शन करेंगे. ट्रेड शो के दौरान 20 एफपीओ, उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम, कृषि निवेशों से संबंधित 40 फर्म, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी आदि भी हिस्सा लेंगे. कृषि संबधी उत्पादों, उपकरणों, बीज व रसायन निर्माताओं को मंच मिलेगा तो आगंतुकों को उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और तकनीक से भी रूबरू कराया जाएगा.

कंपनियों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म
यहां प्रदेश के प्रगतिशील किसानों व कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म मिलेगा. पूरे उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व एक ही स्थान पर होगा. इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में कृषि विभाग को एक हजार स्क्वायर मीटर आवंटित किया गया है. इसमें कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि संबंधी संस्थाएं, मंडी परिषद-कृषि विपणन निदेशालय, कृषि उपकरण, उर्वरक, बीज व पौध संरक्षण रसायन निर्माता कंपनियां भी हिस्सा लेंगी.
20 से अधिक एफपीओ लेंगे हिस्सा
इंटरनेशनल ट्रेड शो के आयोजन में कृषि विभाग की भी बड़ी हिस्सेदारी है. कृषि विभाग के संवाद व समन्वय से इसमें 20 से अधिक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) हिस्सा लेंगे. इसमें अलीगढ़, सीतापुर, वाराणसी, लखनऊ, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, ललितपुर, मीरजापुर, हरदोई, बुलंदशहर, प्रतापगढ़, अलीगढ़, बहराइच, इटावा, गाजियाबाद, अमरोहा, कानपुर, सहारनपुर, गोंडा समेत विभिन्न जनपदों की सहभागिता रहेगी. कृषि विभाग की तरफ से लगने वाली प्रदर्शनी में सीड्स, फर्टिलाइजर, कृषि यंत्रों से जुड़ी कंपनियां भी प्रतिभाग करेंगी. इसमें एफपीओ के 20, कृषि निवेशों (बीज, पेस्टिसाइड, उर्वरक, यंत्र) आदि के 40 व एक शासकीय समेत कुल 61 स्टॉल लगेंगे.
एके सिंह बनाए गए नोडल अधिकारी
कृषि विभाग की ओर से संवाद, समन्वय व देखरेख के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किए गए हैं. संपूर्ण व्यवस्था के लिए संयुक्त निदेशक एके सिंह नोडल अधिकारी रहेंगे. बीज उत्पादन करने वाली कंपनियों से संवाद के लिए अपर कृषि निदेशक (बीज व प्रक्षेत्र) वाईपी सिंह तथा उर्वरक की कंपनियों की देखरेख के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक) हरेंद्र कुमार मिश्र को नोडल अधिकारी नामित किया गया है. वहीं, कृषि रक्षा रसायनों के लिए अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) आशुतोष कुमार मिश्र, कृषि उपकरण व ड्रोन बनाने वाली कंपनियों के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (अभियंत्रण) बलराम वर्मा को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
कृषि विभाग की भी रहेगी महत्वपूर्ण भूमिका
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण (25 से 29 सितंबर) के आयोजन में कृषि विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी. विभाग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है. यहां आने वाले अतिथि व आगंतुक उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति से रूबरू होंगे. आयोजन में एफपीओ, बीज कंपनी, उर्वरक कंपनी, कृषि यंत्रीकरण कंपनी आदि की भी सहभागिता रहेगी.
कार्यक्रम विवरण
कार्यक्रम: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026, चौथा संस्करण
थीम: ‘अल्टीमेट सोर्सिंग बिगिन्स हियर…’
तिथियां: 25 से 29 सितंबर 2026
स्थान: इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश
बिजनेस आवर्स: प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक
पब्लिक आवर्स: दोपहर 3:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक
आयोजक: उत्तर प्रदेश सरकार एवं इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल)
पार्टनर देश: ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम
अपेक्षित प्रदर्शक: 2,400 से अधिक
अपेक्षित ट्रेड विजिटर्स (बीटूबी): 1.5 लाख से अधिक
अपेक्षित सामान्य आगंतुक (बीटूसी): 4.5 लाख से अधिक

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