Housing Projects: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी की वरुण विहार और नैमिष नगर हाउसिंग स्कीम के लिए आधारशिला रखी. ये स्कीम 10,680 एकड़ में फैली हैं और इसमें अनुमानित 12,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा. उन्होंने लखनऊ में एक कार्यक्रम में पांच प्रस्तावित मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट प्रोजेक्ट्स की आधारशिला भी रखी, जिनकी अनुमानित लागत 2,166 करोड़ रुपये है. सभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि ये दो हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लाखों लोगों को सुनियोजित आवासीय सुविधाएं प्रदान करेंगे और साथ ही लखनऊ के व्यवस्थित विस्तार में मदद करेंगे.
समस्याएं पैदा करता है अव्यवस्थित विकास
उन्होंने कहा कि अव्यवस्थित विकास अक्सर समस्याएं पैदा करता है. लोग अलग-अलग जगहों पर जमीन खरीदते हैं, लेकिन वहां बिजली या पानी की आपूर्ति, सीवरेज या अन्य सुविधाएं नहीं होती हैं. जलभराव भी लोगों को मुश्किल हालात में रहने के लिए मजबूर कर सकता है. योगी ने कहा कि वरुण विहार स्कीम 6,500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित की जाएगी और इससे छह लाख से अधिक लोगों को आवासीय सुविधाएं मिलने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि नैमिष नगर स्कीम लगभग 4,100 एकड़ क्षेत्र को कवर करेगी और इससे चार लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि नैमिषारण्य हमारी विरासत का प्रतीक है. हमारी परंपरा के अनुसार, हजारों साल पहले 88,000 ऋषियों ने वहां तपस्या की थी और भारत की ज्ञान विरासत को संरक्षित किया था.
किसानों को मिलेगा सही मुआवजा
आदित्यनाथ ने उन किसानों को भरोसा दिलाया जिनकी ज़मीन इन प्रोजेक्ट्स के लिए ली जाएगी. कहा कि उन्हें सही मुआवज़ा मिलेगा. उन्होंने कहा कि LDA और किसानों के बीच कोई बिचौलिया नहीं होगा. किसी भी तरह की दलाली की इजाज़त नहीं होगी. किसानों को दिए गए मुआवज़े का ज़िक्र करते हुए उन्होंने ऐसे लोगों के उदाहरण दिए जिन्हें लगभग 1.96 करोड़ रुपये से 3.13 करोड़ रुपये तक का मुआवज़ा मिला. इन किसानों ने बाद में कहीं और ज़मीन खरीदी या अपना पैसा निवेश किया. मुख्यमंत्री ने लखनऊ के बढ़ते इंडस्ट्रियल बेस के उदाहरण के तौर पर टाटा ऑटोमोबाइल प्लांट और अशोक लेलैंड की इलेक्ट्रिक गाड़ी बनाने वाली यूनिट का ज़िक्र किया. आदित्यनाथ ने एयरपोर्ट और मेट्रो के विस्तार, किसान पथ और ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण, और राज्य की राजधानी के आस-पास बेहतर सड़क कनेक्टिविटी पर भी ज़ोर दिया.
SCR के रूप में विकसित होगा लखनऊ
उन्होंने कहा कि सरकार लखनऊ को सिर्फ़ एक शहर या ज़िले के तौर पर नहीं, बल्कि ‘स्टेट कैपिटल रीजन’ (SCR) के तौर पर विकसित करने के लिए काम कर रही है, जिसमें लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी और रायबरेली को सुनियोजित क्षेत्रीय विकास के ज़रिए जोड़ा जाएगा. डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का ज़िक्र करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ अब ब्रह्मोस मिसाइल के प्रोडक्शन सेंटर के तौर पर भी उभर रहा है. उन्होंने कहा कि पहले लोग लखनऊ को देसी पिस्तौल और बमों से जोड़कर देखते थे, लेकिन अब यहां ब्रह्मोस मिसाइलें बनाई जा रही हैं.
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और नैमिषारण्य से जुड़ेगा लखनऊ
मुख्यमंत्री ने बताया कि नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स उन लोगों की ज़रूरतों को पूरा करेंगे जो रहने के लिए प्लॉट या अपार्टमेंट ढूंढ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से खास तौर पर छात्रों, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स, नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं और उन लोगों को फ़ायदा होगा जो लखनऊ को अपना स्थायी घर बनाना चाहते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि चार लेन सड़क कनेक्टिविटी के ज़रिए लखनऊ और नैमिषारण्य के बीच कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि वरुण विहार प्रोजेक्ट के ज़रिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी दी जाएगी.
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News Source: ANI
