Home अपराध Phone Tapping Case: क्या है महाराष्ट्र का फोन टैपिंग मामला, जिस पर भड़के संजय राउत

Phone Tapping Case: क्या है महाराष्ट्र का फोन टैपिंग मामला, जिस पर भड़के संजय राउत

by Live Times 23 April 2024, 5:38 PM IST (Updated 28 June 2026, 6:26 PM IST)
23 April 2024, 5:38 PM IST (Updated 28 June 2026, 6:26 PM IST)
Phone Tapping Case

Phone Tapping Case: शिवसेना (उद्धव गुट) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने 23 अप्रैल को कहा कि कथित फोन टैपिंग मामले (Phone Tapping Case) में गिरफ्तारी के डर से महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना में फूट डाली है.

23 April, 2024

शिवसेना (उद्धव गुट) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत (Sanjay Raut) ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है. दरअसल, संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना में फूट डाली है और इस डर से भाग रहे हैं. क्योंकि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है. उन्होंने सजा का सामना करना पड़ सकता है. इसके साथ ही संजय राउत ने आगे कहा कि जब 2019-2022 तक उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सत्ता में थी, तब बीजेपी नेता प्रवीण दरेकर, प्रसाद लाड, आशीष शेलार, गिरीश महाजन के खिलाफ कई मामलों में जांच चल रही थी.

संजय राउत का बयान

Phone Tapping Case: संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि यह चार लोग के बारे में जांच चली, तो मोदी और फडणवीस ने एकनाथ शिंदे के ऊपर दवाब बनाया. हम आपको अरेस्ट करेंगे, नहीं तो विधायक तोड़ो, नहीं तो अरेस्ट किया जाएगा, ये खेल है सब. राउत ने आगे कहा कि आप हमारे नेताओं को गिरफ्तार कर सकते हैं, तो क्या हम आपके राजनीतिक दल के नेताओं को नहीं छू सकते और इसके अलावा उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री बोल रहे हैं उद्धव जी की सरकार फडणवीस को अरेस्ट कर रही थी. बिना वजह कोई किसी को अरेस्ट करता है क्या? सबसे पहली बार फडणवीस अपराधी थे और गैर कानूनी फोन टैपिंग का मामला चल रहा था, जांच चल रही थी, उनके मन में डर था कि उन्हें अरेस्ट किया जाएगा. संजय राउत ने कहा कि आप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी से पुछे, मोदी की सरकार आपको क्यों अरेस्ट करने जा रही थी. बाद में आप दूसरे का नाम लीजिए. मोदी जी की सरकार आपको क्यों अरेस्ट करने जा रही थी.

क्या है (Phone Tapping Case) फोन टैपिंग मामला?

दरअसल, फडणवीस साल 2014-2019 तक मुख्यमंत्री थे. तत्कालीन राज्य खुफिया विभाग (SID) प्रमुख रश्मि शुक्ला पर विपक्षी नेताओं के फोन अवैध रूप से टैप करने का आरोप लगाया गया था और उन पर आरोप भी लगे थे. पिछले साल सितंबर में, बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्ला के खिलाफ दो एफआईआर रद्द कर दीं, जो अब राज्य के पुलिस महानिदेशक हैं.

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