Home पर्यटन एक देश, दो-दो राजधानी! दुनिया के इन 8 देशों में घूमते हुए मिलेगा ट्रैवल का डबल मजा

एक देश, दो-दो राजधानी! दुनिया के इन 8 देशों में घूमते हुए मिलेगा ट्रैवल का डबल मजा

by Preeti Pal 17 August 2026, 7:04 PM IST
17 August 2026, 7:04 PM IST
एक देश, दो-दो राजधानी! दुनिया के इन 8 देशों में घूमते हुए मिलेगा ट्रैवल का डबल मजा

Countries With More Capital: आमतौर पर जब किसी देश का नाम लिया जाता है, तो उसके साथ एक राजधानी का नाम एकदम से दिमाग में आता है. भारत के लिए दिल्ली, फ्रांस के लिए पेरिस और जापान के लिए टोक्यो. लेकिन दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं जहां मामला थोड़ा अलग और दिलचस्प है. कुछ देशों में एक नहीं, बल्कि दो या तीन शहर राजधानी का रोल निभाते हैं. इन देशों में हर शहर का अपना अलग जलवा है. कहीं सरकार बैठती है, कहीं संसद, कहीं अदालतें और कहीं शाही या सांस्कृतिक गतिविधियां केंद्र में रहती हैं. ऐसे में अगर आप सामान्य टूरिस्ट स्पॉट से थोड़ा हटकर घूमना चाहते हैं, तो ये 8 देश आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट में खास जगह बना सकते हैं.

दक्षिण अफ्रीका

दक्षिण अफ्रीका इस लिस्ट में सबसे टॉप पर आता है. दरअसल, इस देश के एक या दो नहीं बल्कि तीन राजधानी शहर हैं, प्रिटोरिया, केप टाउन और ब्लोमफोंटेन. दक्षित अफ्रीका की सरकार के मुताबिक, प्रिटोरिया प्रशासनिक राजधानी, केप टाउन विधायी राजधानी और ब्लोमफोंटेन न्यायिक राजधानी है. वैसे, प्रिटोरिया को ‘जैकरांडा सिटी’ भी कहा जाता है. यहां चौड़ी सड़कें, ऐतिहासिक इमारतें और बैंगनी फूलों से सजे पेड़ शहर को बहुत ज्यादा खूबसूरत बनाते हैं. यूनियन बिल्डिंग्स, वोर्ट्रेकर मॉन्यूमेंट और कई म्यूज़िक इस शहर की जान हैं. दूसरी तरफ केप टाउन समुद्र, पहाड़ और शहर की मॉर्डन जिंदगी का शानदार कॉम्बिनेशन है. टेबल माउंटेन, विक्टोरिया एंड अल्फ्रेड वॉटरफ्रंट और समुद्र किनारे के नजारे इसे बहुत लोकप्रिय बनाते हैं. इसके अलावा ब्लोमफोंटेन काफी शांत शहर है. न्यायिक राजधानी होने की वजह से इसका प्रशासनिक महत्व भी काफी बड़ा है. यहां इतिहास और दक्षिण अफ्रीकी संस्कृति को करीब से समझने का मौका मिलता है. वहीं, अगर जंगल और सफारी आपका सपना है, तो दक्षिण अफ्रीका और भी खास हो जाता है. सितंबर से नवंबर के महीने जंगल सफारी और वाइल्डफ्लावर के लिए बढ़िया रहते हैं.

बोलीविया

बोलीविया में सूक्रे और ला पाज़ का नाम साथ लिया जाता है. सूक्रे देश की संवैधानिक राजधानी है और अपनी औपनिवेशिक वास्तुकला, सफेद रंग की इमारतों और ऐतिहासिक माहौल के लिए मशहूर है. ये शहर उन टूरिस्टों के लिए सबसे बढ़िया है जिन्हें पुराने शहरों की गलियों में घूमना, कैफे में बैठना और स्थानीय इतिहास को महसूस करना पसंद है. वहीं, ला पाज़ बिल्कुल अलग मूड देता है. ऊंचाई पर बसा ये शहर पहाड़ों के बीच फैला हुआ है. यहां की सड़कों, बाजारों और केबल कार नेटवर्क में जबरदस्त मज़ा आता है. शहर के आसपास के पहाड़ी नजारे इस शहर को और बेहतरीन बना देते हैं. खासतौर से रोमांच पसंद करने वालों के लिए ये अच्छी जगह है. अगर आप बोलीविया जा रहे हैं तो, वहां सालार दे उयुनी यानी विशाल नमक का मैदान जरूर देखें. मई से अक्टूबर के महीनों में यहां सूखा मौसम रहता है, जो बोलीविया घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है.

50 हजार रुपये से कम में करें विदेश यात्रा, भारतीयों के लिए Visa Free हैं एशिया के ये 5 खूबसूरत देश

श्रीलंका

श्रीलंका का मामला भी काफी अलग है. श्री जयवर्धनेपुरा कोट्टे यहां की आधिकारिक राजधानी है. वहीं, कोलंबो इस देश का प्रमुख कारोबारी और शहरी केंद्र है. कोलंबो में पहुंचते ही आपको आधुनिक इमारतें, समुद्र किनारा, बाजार, कैफे और रेस्टोरेंट की चहल पहल दिखाई देती है. यहां शहर की मॉर्डन लाइफ और श्रीलंकाई संस्कृति एक साथ देखने को मिलती है. कोट्टे का माहौल आपको प्रशासनिक और शांत दिखेगा. अगर आप सिर्फ समुद्र किनारे छुट्टियां मनाने के बजाय देश की राजनीतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी समझना चाहते हैं, तो दोनों शहरों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. वैसे, भारतीय टूरिस्टों के लिए एक अच्छी खबर भी है. दरअसल, श्रीलंका के आधिकारिक ETA सिस्टम के हिसाब से 25 मई 2026 से भारत उन देशों की लिस्ट में है जिनके नागरिकों को 30 दिन के लिए फ्री टूरिस्ट ETA मिल सकता है. हालांकि, यात्रा से पहले वहां के नियम के बारे में जरूर पता करें, क्योंकि एंट्री रूल्स बदल सकते हैं. वैसे, दिसंबर से मार्च का समय श्रीलंका के दक्षिण और पश्चिमी हिस्सों में घूमने के लिए बेस्ट रहता है. वहीं, अप्रैल से सितंबर के दौरान उत्तर और पूर्वी हिस्सों का मौसम कई लोगों के लिए बेहतर रहता है.

इस्वातिनी

अफ्रीका का छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत देश इस्वातिनी भी इस लिस्ट का हिस्सा है. यहां मैबाबाने देश की प्रशासनिक राजधानी है. वहीं, लोबाम्बा इस्वातिनी की पारंपरिक और विधायी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है. मैबाबाने पहाड़ियों के बीच बसा एक खूबसूरत शहर है. यहां का मौसम ज्यादातर सुहाना रहता है. अगर आप इस शहर को समझना चाहते हैं तो, यहां के बाजार, लोकल दुकानों और आसपास के प्राकृतिक इलाकों में घूमना अच्छा अनुभव हो सकता है. इसके अलावा लोबाम्बा की खासियत इसका शाही और सांस्कृतिक महत्व है. यहां इस्वातिनी की पारंपरिक पहचान को ज्यादा करीब से महसूस किया जा सकता है. यानी एक तरफ आधुनिक प्रशासन वाला मैबाबाने और दूसरी तरफ परंपराओं से जुड़ा लोबाम्बा. यीनी इस छोटे से देश में दो बिल्कुल अलग अनुभव. वैसे, मई से सितंबर के बीच यहां का मौसम आमतौर पर घूमने और वाइल्डलाइफ के लिए एकदम बढ़िया है.

इतिहास को करीब से जीना है तो घूम आइए भारत के ये किले, हर दीवार सुनाती है वीरता और विरासत की कहानी

मलेशिया

मलेशिया में क्वालालंपुर और पुत्रजया को लेकर अक्सर लोगों को कंफ्यूज़ हो जाते हैं. कंफ्यूजन देश की राजधानी है, जबकि पुत्रजया यहां की प्रशासनिक राजधानी है. क्वालालंपुर यानी KL में ऊंची-ऊंची इमारतें, शॉपिंग मॉल, स्ट्रीट फूड और नाइटलाइफ सब कुछ मिलता है. पेट्रोनेस ट्विन टावर्स इस शहर की पहचान हैं. अगर आपको शॉपिंग और खाने-पीने का शौक है, तो क्वालालंपुर आकर आपको काफी मज़ा आने वाला है. इससे बिल्कुल अलग पुत्रजय एक योजनाबद्ध, साफ-सुथरा और बहुत ही मॉर्डन शहर है. यहां चौड़ी सड़कें, खूबसूरत पुल, हरियाली और झीलें दिखाई देती हैं. पुत्रा मस्जिद यहां की सबसे फेमस इमारतों में से एक है. वैसे, मलेशिया जाने वाले टूरिस्टों को मलेशिया डिजिटल अराइवल कार्ड (MDAC) की जरूरत पड़ती है. इसे अपनी जर्नी से पहले ही भरना होता है. आधिकारिक पर्यटन साइट के मुताबिक, इसे प्रस्थान से तीन दिन पहले तक पूरा किया जा सकता है.

नीदरलैंड्स

नीदरलैंड्स में एम्स्टर्डम आधिकारिक राजधानी है, लेकिन सरकार और राजनीति का मुख्य केंद्र द हेग है. ऐसे में नीदरलैंड्स में भी आपको एक देश में दो अलग-अलग बड़े शहरों का अनुभव मिलता है. एम्स्टर्डम अपनी नहरों, साइकिलों, पुराने घरों और आर्ट के लिए दुनियाभर में मशहूर है. यहां नहर के किनारे घूमना, साइकिल चलाना और म्यूज़ियम में घंटो समय बिताना आपकी यात्रा का हिस्सा बन सकता है. द हेग का माहौल थोड़ा ज्यादा राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय है. यहां सरकारी संस्थान, संसद और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं देखने को मिलती हैं. यानी एम्स्टर्डम आपको नीदरलैंड्स का सांस्कृतिक चेहरा दिखाता है. वहीं, द हेग देश की राजनीतिक और कूटनीतिक दुनिया से आपको मिलवाता है. नीदरलैंड्स सरकार के मुताबिक, देश शेंगेन क्षेत्र का हिस्सा है. अप्रैल से अक्टूबर तक का समय मौसम और घूमने के लिहाज से काफी ज्यादा पसंद किया जाता है. वसंत में आसपास के ट्यूलिप भी आपकी यात्रा को रंगीन बना देते हैं.

तंजानिया

तंजानिया में डोडोमा वहां की राजनीतिक राजधानी है. वहीं, दार एस सलाम इस देश का बड़ा आर्थिक और व्यावसायिक केंद्र है. दोनों शहरों का अनुभव एक-दूसरे से काफी अलग है. दार एस सलाम समुद्र के किनारे बसा एक बिजी शहर है. यहां बाजार, समुद्री खाना, स्थानीय संस्कृति और तटीय माहौल आपको तंजानिया के एक अलग रूप से मिलवाता है. इसके अलावा डोडोमा थोड़ा शांत और प्रशासनिक शहर है. यहां सरकारी संस्थानों और लोकल लाइफ को करीब से देखने का मौका मिलता है. हालांकि, तंजानिया जाने वाले ज्यादातर यात्रियों की असली नजर सफारी पर होती है. देश के राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव क्षेत्रों में शेर, हाथी, जिराफ और दूसरे जंगली जानवर देखने का मज़ा अलग ही होता है. जून से अक्टूबर तक का सूखा मौसम सफारी के लिए एकदम परफेक्ट है. इसी बीच आपको ग्रेस माइग्रेशन देखने का मौका भी मिल सकता है. भारतीय टूरिस्टों को यहां जाने से पहले तंजानिया के आधिकारिक ई वीज़ा पोर्टल पर मौजूदा वीजा नियम और आवेदन प्रक्रिया देख लेनी चाहिए.

भारत की 10 UNESCO World Heritage Sites, अपनी ट्रेवल लिस्ट में इन्हें करें शामिल

चेक रिपब्लिक

इस लिस्ट का आखिरी नाम थोड़ा अलग है. चेक रिपब्लिक, जिसे अब आधिकारिक रूप से चेकिया भी कहा जाता है. इस देश की राजधानी प्राग है. ब्रनो यहां की दूसरी आधिकारिक राजधानी नहीं है, लेकिन देश के न्यायिक ढांचे में इसका बड़ा महत्व है. चेक न्याय मंत्रालय के अनुसार सुप्रीम कोर्ट और सर्वोच्च प्रशासनिक न्यायालय दोनों ब्रनो में ही हैं. वैसे, प्राग किसी खूबसूरत फेयरीटेल जैसा शहर लगता है. पुरानी यूरोपीय बिल्डिंग, चार्ल्स ब्रिज, प्राग कैसल और पतली-पतली ऐतिहासिक गलियां इसे पहली नजर में ही खास बना देती हैं. यहां इतिहास, वास्तुकला, कैफे और नाइटलाइफ का अच्छा कॉम्बिनेशन देखने को मिलता है. ब्रनो का माहौल प्राग से थोड़ा शांत और लोकल है. यहां पुराने शहर, कैफे, यूनिवर्सिटी और ऐतिहासिक इमारतें देखने को मिलती हैं. अप्रैल, मई और सितंबर से अक्टूबर का समय यहां घूमने के लिए अच्छा रहता है. इन महीनों में यहां का मौसम काफी अच्छा रहता है. इन महीनों में यहां भीड़ भी थोड़ी कम रहती है.

अलग शहर और अलग अनुभव

इन देशों की सबसे दिलचस्प बात यही है कि राजधानी का मतलब हर जगह सिर्फ एक सरकारी शहर नहीं है. कहीं संसद अलग शहर में है, कहीं अदालतें, कहीं प्रशासन और कहीं शाही परंपराएं. यही वजह है कि ऐसे देशों में जाना सिर्फ घूमने-फिरने तक नहीं रहता. इन देशों में आपको वहां की राजनीति, इतिहास, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी को अलग-अलग नजरिए से समझने का मौका भी मिलता है. अगर आपको अपनी अगली विदेश यात्रा में कुछ नया करने का मन है, तो इन देशों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर लीजिए. वैसे, इन देशों को सिर्फ उनकी सबसे मशहूर राजधानी के हिसाब से न चुनें, बल्कि दो या तीन शहरों को एक ही ट्रिप में शामिल कीजिए. कभी समुद्र किनारे सुबह की शुरुआत होगी, कभी पुराने शहर की गलियों में कॉफी मिलेगी और कभी पहाड़ों या जंगलों के बीच ऐसा अनुभव मिलेगा जिसे आप लंबे समय तक याद रखेंगे.

भारत की ये 5 झीलें नहीं देखीं तो क्या देखा! खूबसूरती ऐसी कि तस्वीरें देखते ही घूमने का मन करेगा

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?